12 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर: प्रशासन बोला ‘अवैध’, बढ़ा सियासी ताप


✍️ रीतेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
सीतापुर के लहरपुर क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई से हलचल—अवैध निर्माण के आरोप में मस्जिद ध्वस्त, सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच हुआ ऑपरेशन।

सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के लहरपुर क्षेत्र में सोमवार तड़के उस समय हलचल मच गई, जब प्रशासन ने कथित रूप से अवैध रूप से निर्मित एक मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया। करीब 12 वर्ष पुरानी इस संरचना को ध्वस्त किए जाने के बाद न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि व्यापक सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्रशासन के अनुसार, यह मस्जिद तालाब की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित की गई थी। लंबे समय से चल रहे विवाद और न्यायालय के आदेश के बाद आखिरकार प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।

तड़के पहुंचा प्रशासन, भारी सुरक्षा तैनात

अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सोमवार सुबह अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने इस कार्रवाई को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर एडीएम, एएसपी और स्थानीय थाना प्रभारी सहित करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

पूरे ऑपरेशन को सख्त निगरानी में अंजाम दिया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो सके।

अदालत के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, नयागांव बेहटी स्थित इस मस्जिद को लेकर ग्राम सभा की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि मस्जिद का निर्माण तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर किया गया है।

See also  अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में बवाल: बन्थरा में फायरिंग के आरोप से मचा हड़कंप

इस मामले में 18 दिसंबर 2025 को तहसील अदालत में मुकदमा दायर किया गया था। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को अदालत ने मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए संबंधित पक्ष को बेदखल करने का आदेश दिया था। साथ ही निर्माण हटाने के लिए 15 दिन की समयसीमा भी दी गई थी।

नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया निर्माण

प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके, निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।

समयसीमा समाप्त होने के बाद बुलडोजर कार्रवाई की गई और पूरी संरचना को ध्वस्त कर दिया गया।

लंबे समय से चल रहा था विवाद

अधिकारियों के अनुसार, इस मस्जिद को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। ग्राम सभा का लगातार दावा था कि निर्माण सार्वजनिक भूमि पर किया गया है, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इसी पृष्ठभूमि में मामला न्यायालय तक पहुंचा और अंततः प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

ध्वस्तीकरण पर उठे सवाल

इस कार्रवाई के बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मस्जिद के मौलाना अब्दुल रहमान ने इस पूरे प्रकरण पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए इसे एक राजनीतिक मुद्दा बताया है।

दूसरी ओर, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के आदेश और विधिक प्रक्रिया के तहत की गई है।

कानूनी प्रक्रिया बनाम सामाजिक संवेदनशीलता

यह मामला केवल एक अवैध निर्माण की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संतुलन का भी परीक्षण है, जिसमें प्रशासन को कानून का पालन करते हुए सामाजिक संवेदनशीलता को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

See also  UPPCS-2024 में देवरिया के विकास कुमार शाह बने बीडीओ:अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग से सफलता की नई कहानी

एक ओर प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस कदम के सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों को लेकर चर्चा जारी है।

निष्कर्ष: कार्रवाई के बाद बढ़ी बहस

सीतापुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई किस तरह और किन परिस्थितियों में की जानी चाहिए।

जहां प्रशासन इसे कानून के दायरे में लिया गया आवश्यक कदम बता रहा है, वहीं इस पर उठ रही प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और संवाद की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह घटना आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का विषय बनी रह सकती है।

❓ मस्जिद को क्यों ध्वस्त किया गया?

प्रशासन के अनुसार, मस्जिद तालाब की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित थी और अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई की गई।

❓ क्या पहले नोटिस दिया गया था?

जी हां, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत नोटिस जारी किया गया था और समयसीमा भी दी गई थी।

❓ सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?

कार्रवाई के दौरान लगभग 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

[metaslider id="311"]

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

धर्मापुर बाजार में सुबह-सुबह गैस के लिए जंग — बंद दफ्तर, खुली बेचैनी और बढ़ती किल्लत

🎤 रामकीर्ति यादव की रिपोर्टजौनपुर, 14 अप्रैल 2026। सुबह के ठीक 7 बजे धर्मापुर बाजार की सड़कों पर जो दृश्य नजर आया, वह किसी...

अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में बवाल: बन्थरा में फायरिंग के आरोप से मचा हड़कंप

🎤कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्टलखनऊ की राजधानी में स्थित बन्थरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम अचानक हिंसा...

प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखण्ड दौरा: विकास, आस्था और रणनीतिक दृष्टि का संगम

हिमांशु नौरियाल की रिपोर्टदेहरादून। प्रधानमंत्री Narendra Modi के उत्तराखण्ड दौरे ने एक बार फिर इस पर्वतीय राज्य को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला...

सड़क हादसे का झूठा खेल या सुनियोजित हत्या? बलरामपुर केस का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

🎤चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्टउत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में दो युवकों की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि...