जाली कागजात, बदला नाम और गवाह की भूमिका— धर्मांतरण के बाद कैसे कराया गया डॉ. रमीज से निकाह

केजीएमयू महिला रेजीडेंट धर्मांतरण मामले में आरोपी सारिक और पीड़िता की प्रतीकात्मक तस्वीर, जाली कागजात और निकाह से जुड़ी जांच

✍️ ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
IMG_COM_202603081950166970
previous arrow
next arrow

केजीएमयू महिला रेजीडेंट धर्मांतरण मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सुनियोजित तंत्र, मानसिक ब्रेन वॉश, जाली कागजात और ब्लैकमेलिंग की उस साजिश की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें पढ़ी-लिखी और पेशेवर महिलाओं को निशाना बनाया गया। इस पूरे मामले में डॉ. रमीज के करीबी सारिक खान की गिरफ्तारी के बाद कई ऐसी परतें खुली हैं, जिन्होंने जांच एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।

समाचार सार: धर्मांतरण के बाद नया नाम, उसी नाम पर जाली दस्तावेज, गवाह बनकर निकाह की व्यवस्था और फिर ब्लैकमेलिंग—पूरी प्रक्रिया एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।

कोर्ट में पेशी के बाद जेल, जांच ने पकड़ी रफ्तार

पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सारिक खान को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सारिक सिर्फ गवाह नहीं था, बल्कि वह धर्मांतरण के बाद निकाह कराने की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस का मानना है कि उसके बिना यह नेटवर्क इतने व्यवस्थित ढंग से काम नहीं कर सकता था।

इसे भी पढें  अमरूद क्यों खाया ❓ड्यूटी पर तैनात एसडीआरएफ सिपाही से पूछताछ, जानिए पूरा मामला

धर्मांतरण के बाद बदला जाता था नाम

छानबीन में सामने आया है कि धर्मांतरण के बाद महिलाओं का नाम बदला जाता था। यही बदला हुआ नाम आगे की पूरी कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया का आधार बनता था। पुलिस को शक है कि नाम परिवर्तन का उद्देश्य पीड़िता की मूल पहचान को कमजोर करना और भविष्य में किसी भी कानूनी चुनौती को जटिल बनाना था।

जाली कागजात तैयार करने में माहिर था सारिक

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि सारिक जाली दस्तावेज तैयार करने में निपुण था। बदले हुए नाम से निकाहनामा, पहचान संबंधी कागजात और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इन कागजातों का इस्तेमाल निकाह को वैध दिखाने और पीड़िता को मानसिक रूप से बांधने के लिए किया जाता था।

गवाह बनकर निभाई अहम भूमिका

धर्मांतरण के बाद कराए गए निकाह में सारिक स्वयं गवाह के तौर पर मौजूद रहता था। पुलिस का कहना है कि यह केवल औपचारिक भूमिका नहीं थी, बल्कि इससे पूरी साजिश को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश की जाती थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां उसकी भूमिका को बेहद गंभीर मान रही हैं।

इसे भी पढें 
शपथ पत्र विवाद में बड़ा फैसला
भाजपा पार्षद का निर्वाचन रद्द, सपा प्रत्याशी निर्वाचित

कितनी महिलाओं को बनाया गया शिकार?

पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने सारिक से यह सवाल किया कि अब तक कितनी महिलाओं के धर्मांतरण और निकाह में वह शामिल रहा है, तो उसने चुप्पी साध ली। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह चुप्पी खुद में एक बड़ा संकेत है और फोरेंसिक जांच के बाद इस सवाल का जवाब सामने आ सकता है।

90 वर्ष से अधिक उम्र का काजी जांच के घेरे में

इस पूरे मामले में जिस काजी द्वारा धर्मांतरण और निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी, उसकी उम्र 90 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। गंभीर बीमारी के कारण फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर रही है, लेकिन उसकी भूमिका की जांच अलग से की जा रही है।

मोबाइल फोन से मिल सकते हैं बड़े सुराग

सारिक के मोबाइल फोन से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। हालांकि आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले काफी डेटा डिलीट कर दिया था। मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और डेटा रिकवरी के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

इसे भी पढें  शौकत अली बयान पर सियासी बवाल:‘हम दो हमारे दो दर्जन’ नारे से गरमाई यूपी की राजनीति

ब्लैकमेलिंग और मानसिक ब्रेन वॉश

जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. रमीज पीड़िताओं का पहले मानसिक ब्रेन वॉश करता था। उनके धर्म की कथित कमियां गिनाकर उन्हें भ्रमित किया जाता था। इसके बाद धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। सारिक ने पूछताछ में अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की बात भी स्वीकार की है।

विदेश भागने की तैयारी में था आरोपी

पुलिस के अनुसार, सारिक गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह दिल्ली, बरेली, पीलीभीत और उत्तराखंड में छिपता फिर रहा था। उसने विदेश भागने के लिए पासपोर्ट भी बनवा लिया था। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

आमना-सामना कराएगी पुलिस

एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि आरोपी का डॉ. रमीज और उसके माता-पिता से आमना-सामना कराया जाएगा। पुलिस का मानना है कि यह मामला एक संगठित गिरोह से जुड़ा है और आगे की जांच में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

केजीएमयू यौन शोषण और धर्म परिवर्तन दबाव मामले में फरार आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक और पीड़िता की धुंधली तस्वीर
केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर से यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक (बाएं) और पीड़िता की पहचान छिपाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top