
भयंकर कोहरे की चपेट में नवाबी शहर—शनिवार की सुबह लखनऊ ने जब आंखें खोलीं, तो दूर-दूर तक कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। सड़कों पर रेंगते वाहन, गलन भरी हवा और ओस की टपकती बूंदें—सब कुछ मिलकर यह संकेत दे रहे थे कि जनजीवन मानो थम-सा गया है। 10 दिनों के अंतराल के बाद शहर पर फिर से घने कोहरे की चादर तनी, जिसने विजिबिलिटी को 10 मीटर से भी नीचे धकेल दिया।
सुबह 8 बजे तक ठिठुरता शहर, 10 मीटर से कम रही विजिबिलिटी
शनिवार सुबह शहर के प्रमुख चौराहों और आवासीय इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लैंप के सहारे रेंगना पड़ा। बस स्टॉप और रेलवे स्टेशनों पर भी यात्री ठंड से बचने के जतन करते दिखे। गलन इतनी तेज थी कि धूप निकलने के बावजूद उसका असर न के बराबर रहा।
तापमान और आर्द्रता: ठंड की धार बनी रही
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.3°C और न्यूनतम 11.9°C दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 89% और न्यूनतम 59% रही। शनिवार सुबह 7 बजे के आसपास तापमान 9°C तक फिसल गया, जबकि दोपहर में इसके 20°C के करीब पहुंचने का अनुमान है। उच्च आर्द्रता और शांत हवाओं ने कोहरे को और घना बना दिया।
क्यों छाया घना कोहरा: मौसम विज्ञान की वजहें
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बीते तीन दिनों से चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं के रुकने से वातावरण में स्थिरता बढ़ी। पहाड़ी इलाकों में जारी बर्फबारी के असर से ठंडी और शुष्क हवा मैदानी क्षेत्रों तक पहुंची, जिससे तापमान में गिरावट आई। जब हवा की गति कम होती है और आर्द्रता अधिक रहती है, तब कोहरे का घनत्व बढ़ जाता है—यही हाल फिलहाल लखनऊ में देखने को मिला।
जनजीवन पर असर: सड़कों से बाजार तक सुस्ती
घने कोहरे ने सुबह की दिनचर्या को धीमा कर दिया। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर पहुंचने वाले कर्मचारियों तक, सभी ने सावधानी बरती। कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार कम रही, जबकि दोपहिया चालकों को अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत पड़ी। बाजारों में भी सुबह की चहल-पहल देर से शुरू हुई।
सावधानी जरूरी: सड़क यात्रा में अतिरिक्त सतर्कता
विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि कोहरे के दौरान ओवरटेक से बचें, पर्याप्त दूरी बनाए रखें और फॉग लैंप का इस्तेमाल करें। सुबह के समय अनावश्यक यात्रा टालना बेहतर रहेगा, खासकर राजमार्गों और खुले क्षेत्रों में जहां दृश्यता अचानक शून्य के करीब पहुंच सकती है।
AQI रिपोर्ट: मॉडरेट से खराब के बीच हवा
शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मॉडरेट लेवल पर दर्ज किया गया। लालबाग क्षेत्र में AQI 292 के साथ ऑरेंज जोन में रहा, जो खराब श्रेणी को दर्शाता है। तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र 118 और अलीगंज 111 के साथ यलो जोन में रहे। गोमतीनगर 65 और अंबेडकर विश्वविद्यालय क्षेत्र 52 के साथ संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुए, जबकि कुकरैल पिकनिक स्पॉट का AQI 49 के साथ अच्छी स्थिति में रहा।
क्या ज्यादा दिन टिकेगी यह ठंड?
मौसम विभाग का कहना है कि यह ठंड लंबी नहीं खिंचेगी। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 1 से 3 फरवरी के बीच प्रदेश में बारिश की संभावना है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने से तापमान में उतार-चढ़ाव आएगा और कोहरे की तीव्रता में कमी देखी जा सकती है।
आने वाले दिन: बारिश, राहत और बदलाव
बारिश के साथ हवा की गति बढ़ने पर वातावरण साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के दौरान ठंड का अहसास बना रह सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष: सर्दी का संतुलन और सतर्कता जरूरी
नवाबी शहर में घने कोहरे और शीतलहर ने एक बार फिर याद दिलाया है कि मौसम के इस दौर में सतर्कता ही सुरक्षा है। प्रशासनिक तैयारियों, नागरिकों की सावधानी और मौसम के बदलते संकेत—इन तीनों के संतुलन से ही शहर सामान्य रफ्तार पकड़ सकेगा।








