चित्रकूट में अवैध निर्माण पर प्रशासन का निर्णायक वार:
बिना नक्शा–लेआउट बनी कॉलोनियों पर नोटिस, अब ध्वस्तीकरण तय

चित्रकूट में एएसएम लैंड डिवलपर्स की परियोजना पर जिला पंचायत की नोटिस कार्रवाई

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🖊️ संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

जनपद चित्रकूट में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर चल रहे अवैध निर्माण, बिना नक्शा स्वीकृत कराए व्यावसायिक दुकानों और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अब प्रशासन ने सीधी और निर्णायक कार्रवाई का रास्ता अख्तियार कर लिया है।
जिला पंचायत द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ने साफ संकेत दे दिया है कि अब न तो प्रभाव चलेगा और न ही काग़ज़ी खेल।

यह अभियान केवल चेतावनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा उद्देश्य है—अवैध निर्माण को चिन्हित कर नोटिस देना और नियमों के अनुसार ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई करना
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक सख़्त रूप ले सकता है।

🔴 जिला पंचायत का अभियान: काग़ज़ों से ज़मीन तक सख़्ती

इस संबंध में जिला पंचायत चित्रकूट के अपर मुख्य अधिकारी श्री सुधीर कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एक निरंतर प्रशासनिक अभियान के तहत की जा रही है।
अधोहस्ताक्षरी द्वारा स्वयं एवं अधीनस्थ स्टाफ के साथ लगातार स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है।

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इस अभियान में श्री सुनील कुमार यादव, कार्य अधिकारी, जिला पंचायत चित्रकूट सहित संबंधित अमला सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
टीम द्वारा व्यावसायिक दुकानों, भवन निर्माण और प्लाटिंग स्थलों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

🟢 बिना नक्शा, बिना ले-आउट: सीधे अवैध की श्रेणी में

निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर जिला पंचायत से नक्शा स्वीकृत कराए बिना व्यावसायिक भवन खड़े कर दिए गए हैं, वहीं अनेक जगहों पर ले-आउट प्लान स्वीकृति के बिना कॉलोनियों की प्लाटिंग कर दी गई है।

ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं को नोटिस निर्गत कर स्पष्ट किया गया है कि यदि नियमानुसार स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई, तो निर्माण कार्य हटाने, सील करने और ध्वस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

⚠️ इन परियोजनाओं पर चस्पा हुआ अंतिम नोटिस

अभियान के क्रम में विकासखंड रामनगर, तहसील मऊ स्थित ए.के. ड्रीम सिटी तथा राधे कुंज प्रॉपर्टी, ग्राम बिहारा में अंतिम नोटिस स्थल पर चस्पा कर दिया गया है।
यह अंतिम चेतावनी मानी जा रही है, जिसके बाद सीधी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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📌 पंजीकृत डाक से नोटिस पाने वाली कंपनियाँ

ग्राम पंचायत मुरका में ए.एस.एम. लैंड डिवलपर्स प्रा. लि.,
आर.बी. इंफ्रा (पंचवटी – द डिवाइन सिटी) तथा
मानिकपुर क्षेत्र के काली पहाड़ी, ग्राम सरहट में अवैध प्लाटिंग कर रहे कुल चार व्यक्तियों को
पंजीकृत डाक द्वारा नोटिस भेजे जा चुके हैं।

📍 अशोह से भरतकूप तक चिन्हित स्थल

ग्राम पंचायत अशोह में सुषमा स्वरूप इंटरनेशनल स्कूल के पास स्थित स्थल के मालिक द्वारा नोटिस प्राप्त कर लिया गया है।
इसके अतिरिक्त अशोह स्थित ए.के. ड्रीम सिटी, कर्वी पहाड़ी रोड पर ग्राम पंचायत चकौंध के दो स्थल,
लोढ़वारा के निकट पहाड़ी क्षेत्र में कृष्णा नगर आवासीय एवं व्यावसायिक कॉलोनी को चिन्हित किया गया है।

भरतकूप मंदिर मार्ग पर थोथी नाला के बगल, यादव पुरवा के सामने, नए थाने की ओर जाने वाले मार्ग पर,
चित्रकूट–बांदा मार्ग पर ग्राम पंचायत अकबरपुर एवं बैहार क्षेत्र,
ग्राम बिहारा में प्राथमिक विद्यालय के पास, निंबुहा पुरवा (सबरी मंदिर के पास)
तथा सेमरिया जगन्नाथवासी के मौजा रजौला—इन सभी स्थलों को प्रशासनिक सूची में शामिल कर लिया गया है।

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🔎 आगे की कार्रवाई क्या होगी?

जिला पंचायत के अनुसार अब संबंधित व्यक्तियों और व्यावसायिक संस्थाओं को क्रमवार नोटिस निर्गत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
निर्धारित समयसीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर या वैध स्वीकृति प्रस्तुत न होने की स्थिति में
निर्माण हटाने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित है।


❓ जनता के सवाल — प्रशासन के जवाब

क्या बिना नक्शा बने भवन को वैध कराया जा सकता है?

नियमों के अनुसार बिना नक्शा बने भवन सामान्यतः वैध नहीं किए जा सकते। ऐसे मामलों में कार्रवाई अनिवार्य होती है।

चित्रकूट जिले के बोज्ह क्षेत्र में एएसएम लैंड डिवलपर्स एंड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड की साइट पर जिला पंचायत द्वारा नोटिस तामील कराते अधिकारी
चित्रकूट के बोज्ह क्षेत्र में एएसएम लैंड डिवलपर्स एंड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना पर जिला पंचायत की ओर से नोटिस तामील कराते अधिकारी।
अवैध प्लाटिंग पर क्या कार्रवाई होती है?

बिना ले-आउट स्वीकृति की गई प्लाटिंग पर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई संभव है।

नोटिस के बाद कितना समय दिया जाता है?

नोटिस में निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब न मिलने पर प्रशासन सीधी कार्रवाई करता है।


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