उन्नाव रेप पीड़िता ने राहत की सांस ली है। लेकिन इसी बीच उन्होंने मीडिया के
माध्यम से ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जो न केवल राजनीतिक संरक्षण,
बल्कि न्याय के बाद भी पीड़िता की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हैं।
उन्नाव रेप केस केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था,
राजनीति और सामाजिक संवेदनशीलता की सामूहिक परीक्षा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद पीड़िता ने अदालत का आभार जताया,
लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उनका संघर्ष अब खत्म नहीं हुआ है।
पीड़िता का कहना है कि संगठित तरीके से उनकी और उनके पति की पहचान
सोशल मीडिया के जरिए उजागर की जा रही है, जिससे उन्हें जान का गंभीर खतरा है।
उनके अनुसार यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है।
“मेरे पति की पहचान उजागर की जा रही है”
पीड़िता ने बताया कि उनके पति के फेसबुक अकाउंट से जुड़े एक वीडियो को
जानबूझकर वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो के माध्यम से न केवल
उनके पति की पहचान सार्वजनिक की जा रही है, बल्कि उनकी स्वयं की
पहचान भी उजागर हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक रेप पीड़िता को न्याय मिलने के बाद भी
सुरक्षित जीवन का अधिकार नहीं है? अगर पहचान उजागर कर जान का खतरा
पैदा किया जाए, तो यह किस तरह का न्याय है?
“350 पेज के सबूत हमारे पास हैं”
पीड़िता ने दावा किया कि उनके पास करीब 350 पन्नों के स्क्रीनशॉट मौजूद हैं,
जिनमें सोशल मीडिया पर कुलदीप सिंह सेंगर को निर्दोष बताने का अभियान
चलाया जा रहा है।
उनका कहना है कि गांव से उनकी तस्वीरें और वीडियो उठाकर पोस्ट किए जा रहे हैं,
ताकि लोग उन्हें पहचान सकें और डर का माहौल बने।
“इस सबमें बृजभूषण शरण सिंह का हाथ”
पीड़िता ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में
बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह की भूमिका है।
उनका कहना है कि राजनीतिक संरक्षण के बिना इस स्तर पर
संगठित हमला संभव नहीं है।
पीड़िता ने कहा कि यदि उनके पति या परिवार को कुछ भी होता है,
तो इसकी जिम्मेदारी कुलदीप सिंह सेंगर, उसके परिवार,
समर्थकों और बृजभूषण शरण सिंह की होगी।
बृजभूषण शरण सिंह का बयान
हाल ही में एक पॉडकॉस्ट में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि
कुलदीप सिंह सेंगर निर्दोष हैं और उनके खिलाफ साजिश रची गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि जब कोर्ट सजा देती है तो लोग स्वागत करते हैं,
लेकिन जब वही कोर्ट सजा निलंबित करती है तो सवाल उठाए जाते हैं।
ANI द्वारा जारी वीडियो
इस वीडियो में बृजभूषण शरण सिंह का बयान स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है,
जो अब पीड़िता के आरोपों के बाद और अधिक विवादास्पद हो गया है।
न्याय के बाद भी संघर्ष
यह मामला बताता है कि न्याय केवल अदालत के आदेश तक सीमित नहीं होता।
पीड़िता की सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और सम्मान भी उतने ही आवश्यक हैं।
उन्नाव रेप केस आज भी व्यवस्था से यह सवाल पूछ रहा है कि
क्या न्याय वास्तव में पूर्ण हुआ है?
❓ सवाल–जवाब










