नवरात्रि पर्व जी एम एकेडमी में धूम – महिषासुरमर्दिनी झांकी और गरबा नृत्य बने आकर्षण का केंद्र

बच्चे जी.एम. अकादमी के मंच पर महिषासुर मर्दिनी की वेश-भूषा में एक्ट प्रस्तुत करते हुए

ब्यूरो रिपोर्ट

 

IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

नवरात्रि पर्व जी एम एकेडमी में भव्य आयोजन

नवरात्रि पर्व के अवसर पर जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सलेमपुर में पूरे जोश और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय का परिसर देवी माँ के भजनों और जयकारों से गूंज उठा। प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की भव्य झांकियां सजाई गईं, जिसने विद्यालय में एक भक्तिमय माहौल बना दिया।

नवरात्रि पर्व में महिषासुरमर्दिनी झांकी बनी खास आकर्षण

नवरात्रि पर्व के इस आयोजन में सबसे खास रहा महिषासुरमर्दिनी का मंचन। प्रियांशी, रोशनी, जान्हवी, स्वर्णिमा, अविका, मानसी, समृद्धि, नाव्या, सौभाग्या, हैपी, अमित, अंकित और उज्जवल ने सिद्धिदात्री, काली, शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, महागौरी, महिषासुर, असुर और ब्रह्मदेव की भूमिकाएं निभाईं। इनकी शानदार प्रस्तुति ने महिषासुर मर्दन की कथा को जीवंत कर दिया।

इसे भी पढें  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का हरदोई दौरा— उन्नत बीज, तकनीक और किसान-केंद्रित कृषि पर सरकार का फोकस
स्कूल के मंच पर बच्चे दुर्गा माँ का रूप और अन्य कैरेक्टर के वेश में अभिनय करते हुए
दुर्गा माँ के किरदार में बच्ची, मंच पर महिषासुर मर्दिनी कथा का अभिनय करती हुई

नवरात्रि पर्व में गरबा और डांडिया नृत्य की धूम

नवरात्रि पर्व का दूसरा आकर्षण रहा सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम। यूकेजी की नन्हीं छात्राओं ने डांडिया नृत्य कर सबका मन मोह लिया। वहीं एलकेजी की छात्राओं ने गरबा नृत्य से ऐसा उत्साह जगाया कि दर्शक भी झूमने लगे। इस दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और संगीत की धुनों से गूंजता रहा।

नवरात्रि पर्व में भाषण और भक्ति गीतों का संगम

स्तुति कुशवाहा का प्रेरक भाषण और श्रद्धा गुप्ता का सुंदर नृत्य कार्यक्रम की शोभा बढ़ा गए। नर्सरी और एलकेजी की बच्चियों प्रज्ञा, अनन्या, माध्वी, विंध्यवासिनी, अंशी, इशिका आदि ने नन्हें हाथों से मां के चरणों के निशान बनाकर सबको भावविभोर कर दिया।

नवरात्रि पर्व में प्रधानाचार्य का संदेश

विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि नवरात्रि पर्व केवल पूजा-पाठ का अवसर नहीं, बल्कि यह बच्चों के लिए सीखने और संस्कृति से जुड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा, “पुत्र कुपुत्र भले हों, पर माता कुमाता नहीं होती। आदिशक्ति जगदम्बा सबका कल्याण करती हैं।”

इसे भी पढें  डर के साये में इलाज़ : जब गोरखपुर के डॉक्टरों के लिए ‘अमित मोहन वर्मा’ नाम ही काफी था

नवरात्रि पर्व में गूंजे जयकारे और बढ़ा उत्साह

विद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान माता रानी के जयकारे गूंजते रहे। शिक्षक, छात्र, अभिभावक और प्रबंधन समिति – सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। हर किसी ने इस बात को महसूस किया कि नवरात्रि पर्व जैसे कार्यक्रम बच्चों में संस्कार और आत्मविश्वास जगाने का महत्वपूर्ण साधन हैं।

नवरात्रि पर्व से जुड़ाव और सांस्कृतिक महत्व

इस प्रकार नवरात्रि पर्व जी एम एकेडमी में केवल एक उत्सव नहीं बल्कि शिक्षा, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम बन गया। इस आयोजन से बच्चों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति लगाव बढ़ा। विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की कि इस तरह के भव्य आयोजन हर साल आयोजित किए जाएंगे।

अंततः यह कहा जा सकता है कि नवरात्रि पर्व जी एम एकेडमी में भक्ति, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम था। महिषासुरमर्दिनी की झांकी से लेकर गरबा और डांडिया नृत्य तक हर प्रस्तुति ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन केवल विद्यालय के लिए ही नहीं बल्कि पूरे नगर के लिए गौरव का विषय बन गया।

इसे भी पढें  खेत में मेहनत, खाते में सन्नाटा —2025 में किसान आखिर कहाँ फँस गया?
समाचार दर्पण 24 का डिजिटल पोस्टर जिसमें नारा "जिद है दुनिया जीतने की" लिखा है और संस्थापक की तस्वीर दिखाई दे रही है।
समाचार दर्पण 24 – क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों का प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top