मालवीय चैलेंज कप के तीसरे मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एकतरफा लेकिन रोमांचक संघर्ष देखने को मिला। देवरिया के भाटपार रानी क्षेत्र में आयोजित इस मैच में समस्तीपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देवरिया को सात विकेट से पराजित कर दिया। यह मुकाबला न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास का इम्तिहान था, बल्कि टूर्नामेंट की आगे की दिशा तय करने वाला भी साबित हुआ। सीमित ओवरों के इस मैच में गेंद और बल्ले के संतुलन, रणनीति और मैदान पर अनुशासन का स्पष्ट अंतर दिखाई दिया।
मुख्य अतिथि की मौजूदगी में खेला गया मुकाबला
इस मुकाबले के मुख्य अतिथि भाटपार ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लक्ष्मण खरवार रहे। उनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और आयोजन को गरिमा प्रदान की। मैच से पूर्व उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खेल भावना के साथ खेलने का संदेश दिया। स्थानीय खेल प्रेमियों की भारी भीड़ ने पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया।
टॉस जीतकर देवरिया ने चुनी बल्लेबाज़ी
मैच की शुरुआत टॉस के साथ हुई, जिसे देवरिया की टीम ने जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का निर्णय लिया। हालांकि यह फैसला टीम के पक्ष में जाता हुआ नजर नहीं आया। समस्तीपुर के गेंदबाज़ों ने शुरू से ही कसी हुई लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाज़ी की, जिससे देवरिया के बल्लेबाज़ दबाव में आ गए। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से देवरिया की पारी कभी भी लय में नहीं आ सकी।
81 रनों पर सिमटी देवरिया की पूरी टीम
निर्धारित 20 ओवरों में देवरिया की पूरी टीम मात्र 81 रनों पर ऑलआउट हो गई। पिच पर गेंदबाज़ों को मिल रही मदद और समस्तीपुर के क्षेत्ररक्षण ने देवरिया की मुश्किलें बढ़ा दीं। देवरिया की ओर से मोनू ने सर्वाधिक 22 रन बनाए और कुछ समय तक संघर्ष करते नजर आए, लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाज़ों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका।
बीटू की घातक गेंदबाज़ी
समस्तीपुर की ओर से बीटू ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनकी गेंदों में सटीकता और विविधता साफ झलक रही थी। बीटू ने न केवल रन गति पर अंकुश लगाया, बल्कि सही समय पर विकेट निकालकर देवरिया की पारी की कमर तोड़ दी।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी समस्तीपुर की संयमित पारी
82 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी समस्तीपुर की टीम ने बेहद संयमित और समझदारी भरी बल्लेबाज़ी की। शुरुआती ओवरों में उन्होंने बिना जोखिम लिए रन बटोरने पर ध्यान दिया। हालांकि तीन विकेट जरूर गिरे, लेकिन बल्लेबाज़ों ने घबराहट नहीं दिखाई और लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ते रहे।
विशाल सिंह की मैच जिताऊ पारी
समस्तीपुर की जीत के नायक विशाल सिंह रहे, जिन्होंने 35 रनों की अहम पारी खेली। उनकी बल्लेबाज़ी में धैर्य और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। विशाल सिंह ने सही गेंदों का चयन किया और टीम को जीत के करीब ले जाते रहे। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह समस्तीपुर की ओर मोड़ दिया।
12 ओवर में हासिल किया लक्ष्य
समस्तीपुर की टीम ने मात्र 12 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह उन्होंने सात विकेट से यह मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत न केवल अंक तालिका के लिहाज से महत्वपूर्ण रही, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी नई मजबूती देने वाली साबित हुई।
मैन ऑफ द मैच: विशाल सिंह
मैच के बाद शानदार प्रदर्शन के लिए विशाल सिंह को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। पुरस्कार प्राप्त करते समय उन्होंने कहा कि टीम के सहयोग और कप्तान की रणनीति ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका दिया। उन्होंने आगे भी इसी तरह के प्रदर्शन का भरोसा जताया।
आयोजन समिति और स्टाफ की सक्रिय भूमिका
मालवीय चैलेंज कप के सफल आयोजन में समिति और स्टाफ की भूमिका भी सराहनीय रही। समिति अध्यक्ष बिजेंद्र यादव, उपाध्यक्ष शुभम गुप्ता, मीडिया प्रभारी शिवम सिंह, कमेंट्री बॉक्स प्रभारी शिवेक सिंह (बबल), करन यादव, स्कोरर राहुल चौरसिया, अंकित, निखिल सिंह, रितेश यादव, कमेंटेटर गोविंद जी सुमन, सूरज यादव, विशाल यादव, ग्राउंड मैनेजर प्रिंस यादव, नूर आलम, अभिषेक, सचिन और अभिषेक चौरसिया सहित कई लोग मौजूद रहे।
कल का मुकाबला: आज़मगढ़ बनाम सोनपुर
टूर्नामेंट का अगला मुकाबला आज़मगढ़ और सोनपुर के बीच खेला जाएगा, जिसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। दोनों ही टीमें अपने-अपने पिछले प्रदर्शन से सीख लेकर मैदान में उतरेंगी। आयोजकों को उम्मीद है कि यह मैच भी दर्शकों के लिए भरपूर रोमांच लेकर आएगा।
स्थानीय क्रिकेट को नई पहचान
मालवीय चैलेंज कप जैसे टूर्नामेंट स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। यहां से उभरने वाले खिलाड़ी न केवल जिले बल्कि प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। यह प्रतियोगिता ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में क्रिकेट के प्रति बढ़ते जुनून को भी दर्शाती है।





