जब मंच पर खिले सपनों के रंग, जेडीएस स्कूल का वार्षिक उत्सव बना भविष्य की उड़ान का संग


✍️इरफान अली लारी की रिपोर्ट

तालियों की गूंज में छिपा था एक संदेश—आज के ये नन्हे कलाकार ही कल के भारत की पहचान बनेंगे।

देवरिया के सोहनपुर क्षेत्र में स्थित जेडीएस इंटरनेशनल स्कूल का दसवां वार्षिक उत्सव इस बार केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा का ऐसा संगम बन गया, जिसने हर उपस्थित व्यक्ति को भावनात्मक रूप से जोड़ लिया। बनकटा थाना क्षेत्र के जैतपुरा में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा माहौल बनाया कि पूरा परिसर उत्साह और ऊर्जा से भर उठा।

रंगमंच पर सजी प्रतिभा की झलक

कार्यक्रम की शुरुआत होते ही बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की ऐसी श्रृंखला पेश की, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का माध्यम है।

हर प्रस्तुति में बच्चों का आत्मविश्वास और मंच पर पकड़ साफ दिखाई दे रही थी, जो उनके शिक्षकों और विद्यालय के प्रयासों का परिणाम है।

मुख्य अतिथि का संदेश: शिक्षा ही असली पूंजी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीशचंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षित बच्चे ही देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अच्छी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी उतने ही जरूरी हैं, क्योंकि यही दोनों मिलकर एक सशक्त और जिम्मेदार नागरिक तैयार करते हैं।

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उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी है।

विशिष्ट अतिथि ने रखी मजबूत नींव की बात

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बच्चों की नींव तभी मजबूत होती है जब उन्हें संस्कारित शिक्षा और सकारात्मक दिशा मिलती है। उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में इस प्रकार की शैक्षणिक पहल बेहद सराहनीय है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनके अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने का अवसर देते हैं।

मेधावी छात्र बना प्रेरणा का स्रोत

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र अर्पित गिरी को जेईई मेन्स में 98.3 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। यह क्षण न केवल अर्पित के लिए, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय रहा।

मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने उन्हें सम्मानित कर अन्य छात्रों को भी प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

विद्यालय प्रबंधन की सराहना

विद्यालय के प्रबंधक राकेश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों को एक बेहतर इंसान बनाना है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सभी ने सराहना की।

समाज और शिक्षा का संगम

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक और क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने यह साबित किया कि शिक्षा केवल विद्यालय तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के सहयोग से ही मजबूत होती है।

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कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनकी सहभागिता ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

वार्षिक उत्सव: एक यादगार अनुभव

वार्षिक उत्सव जैसे आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का माध्यम होते हैं। यह मंच उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर देता है।

जेडीएस इंटरनेशनल स्कूल का यह आयोजन इसी दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखा जा सकता है।

यह आयोजन एक बात साफ कर गया—जब शिक्षा में संस्कार और अवसर का मेल होता है, तब भविष्य खुद मंच पर आकर मुस्कुराता है। ✍️

FAQ

कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?

देवरिया जिले के जैतपुरा स्थित जेडीएस इंटरनेशनल स्कूल में।

कार्यक्रम की खासियत क्या रही?

बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मेधावी छात्र का सम्मान मुख्य आकर्षण रहा।

मुख्य संदेश क्या दिया गया?

शिक्षा और संस्कार के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास ही उज्जवल भविष्य की नींव है।

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