सीतापुर भूमि पैमाइश विवाद राजस्व टीम के सामने भिड़े दो पक्ष, जमकर हुई मारपीट

सीतापुर के सिधौली तहसील क्षेत्र में भूमि पैमाइश के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट, मौके पर मौजूद लोग और वाहन

✍️सुनील शुक्ला की रिपोर्ट
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हूक बिंदु : न्यायालय में लंबित भूमि विवाद के बीच जब प्रशासन ने पैमाइश के आदेश दिए, तो मौके पर मौजूद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसा में बदल गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

सीतापुर भूमि पैमाइश विवाद एक बार फिर प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान हिंसक रूप में सामने आया है। सिधौली तहसील क्षेत्र में बुधवार को राजस्व विभाग की टीम जब न्यायालय में लंबित भूमि मामले की पैमाइश करने पहुंची, तो दो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद जमकर मारपीट हो गई। घटना राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।

भूमि स्वामित्व को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मी नगर निवासी सत्यप्रकाश ने प्रशासन को दी शिकायत में बताया कि सिधौली तहसील अंतर्गत एक भूमि उनकी पत्नी रीता के नाम पर दर्ज है। उनका आरोप है कि पास में स्थित एक निजी स्कूल के प्रबंधक द्वारा इस भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा था और बाउंड्री निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया था। सत्यप्रकाश का कहना है कि यह विवाद नया नहीं है, बल्कि इसे लेकर पहले से ही दीवानी न्यायालय में मामला विचाराधीन है।

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अवैध कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया

भूमि पर अतिरिक्त हिस्से में कब्जे के प्रयास की जानकारी मिलने के बाद सत्यप्रकाश ने जिलाधिकारी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने स्पष्ट किया था कि जब तक मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण या कब्जा गैरकानूनी है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम सिधौली को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

एसडीएम के आदेश पर हुई पैमाइश, तभी बिगड़ा माहौल

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम सिधौली ने लेखपाल और कानूनगो की संयुक्त टीम बनाकर भूमि की पैमाइश कराने के आदेश दिए। बुधवार को निर्धारित समय पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची और अभिलेखों के आधार पर सीमांकन की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ ही मिनटों में मामला मारपीट में बदल गया। लाठी-डंडों और हाथ-पैर से हुए हमले के कारण मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। राजस्व कर्मियों को अपनी सुरक्षा के लिए पीछे हटना पड़ा।

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पुलिस ने संभाला मोर्चा, कई लोग हिरासत में

घटना की सूचना मिलते ही सिधौली कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। पुलिस की मौजूदगी के बाद माहौल शांत हुआ और आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू की गई।

प्रशासनिक निगरानी में आगे की कार्रवाई

सिधौली कोतवाली प्रभारी जयेन्द्र सिंह ने बताया कि पूरा मामला एसडीएम के संज्ञान में है और उन्हीं के निर्देशानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है।

जानकारी के अनुसार यह घटना बुधवार शाम करीब चार बजे की है। शाम छह बजे तक दोनों पक्षों से जुड़े लोग कोतवाली में मौजूद थे और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रहा था।

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भूमि विवादों में प्रशासनिक कार्रवाई की चुनौतियां

सीतापुर भूमि पैमाइश विवाद जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि न्यायालय में लंबित मामलों के बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव बना रहता है। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती होती है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करे और किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने से रोके।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया, पारदर्शी पैमाइश और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी से टकराव की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीतापुर भूमि पैमाइश विवाद में दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाती है।

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