
विकास पाठक की रिपोर्ट
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अजित पवार के विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस Ajit Pawar Plane Crash में डिप्टी सीएम के साथ चार अन्य लोगों की भी मौत हुई है। हादसा बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास तब हुआ जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था और रनवे पर नियंत्रण खो बैठा। इस दर्दनाक हादसे में यूपी की पिंकी माली भी घायल नहीं बच सकीं और उन्होंने अपनी जान गंवा दी। पिंकी माली विमान में केबिन क्रू के रूप में सवार थीं और मूलतः उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली थीं।0
हादसे का पूरा मंजर और दुर्घटना के कारण
विमान जैसे ही बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर उतरने के लिए अप्रोच कर रहा था, पहली बार पायलट को रनवे सही तरह दिखाई नहीं दिया और वह ऊँचाई पर उठ गया। इसके बाद पुनः लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया और वह रनवे से फिसलते हुए क्रैश हो गया। विमान क्रैश के बाद कई बार धमाके हुए और आग की लपटें उठती रहीं। इस दुर्घटना में विमान के सभी सवारों की मृत्यु हो गई है और कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बच पाया।1
कौन थी पिंकी माली – एक ट्रेजेडी की इंसानियत
पिंकी माली, जो यूपी के जौनपुर जिले के केराकत तहसील के भैंसा गांव की रहने वाली थीं, दुर्घटना का एक दुर्भाग्यपूर्ण शिकार बनीं। पिंकी के पिता शिव कुमार माली महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता हैं और पिंकी की पढ़ाई-लिखाई मुंबई के ठाणे में हुई थी। उनका परिवार हमेशा गांव से जुड़ा रहा है और हर वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन भी किया जाता रहा है। उनके पिता का गांव से गहरा सामाजिक और पारिवारिक नाता था। पिंकी का एक भाई करन और एक बहन प्रीति है, और परिवार में यह सदमे की स्थिति लेकर आया है। गांव में हादसे की खबर मिलते ही सन्नाटा छा गया है और लोग अपनी प्रिय पिंकी को याद कर रहे हैं।2
अजित पवार – महाराष्ट्र के अनुभवी नेता
अजित पवार महाराष्ट्र के एक अनुभवी राजनेता और छह बार डिप्टी चीफ मिनिस्टर रह चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे और राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 1982 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में पार्टी में अपने प्रभाव से कई बदलाव लाए। उनका निधन राजनीति और समाज दोनों के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।3
हादसे के बाद की स्थिति और प्रतिक्रिया
अजित पवार के Ajit Pawar Plane Crash के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अन्य वरिष्ठ नेताओं और पूरे राजनीतिक क्षेत्र ने शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने घटना पर गहरी संवेदना जताई है और पवार के परिवार के प्रति हृदय से समर्थन प्रकट किया है। विगतांकों के अनुसार, विमान दुर्घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और DGCA की टीम द्वारा की जा रही है, ताकि तकनीकी कारणों और हादसे की सटीक वजह का पता लगाया जा सके।4
Ajit Pawar Plane Crash – विस्तृत जांच और आगे का रास्ता
विमान क्रैश के कारणों की जांच में तकनीकी खामियों, रनवे स्थितियों, मौसम, विमान की स्थिति और पायलट के फैसलों सहित कई पहलुओं की समीक्षा शामिल है। AAIB की टीम घटनास्थल पर है और ब्लैक बॉक्स डेटा तथा अन्य साक्ष्यों की सहायता से विश्लेषण कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार विमान ने पहली लैंडिंग प्रयास विफल होने के बाद पुनः प्रयास किया, लेकिन नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। जांच के बाद नवीनतम निष्कर्ष सामने आएंगे, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे।5
यह दुर्घटना न सिर्फ एक राजनीतिक नेता के आकस्मिक निधन को दर्शाती है, बल्कि एक युवा केबिन क्रू सदस्य की अनमोल जान जाने का भी उदाहरण है। इस Ajit Pawar Plane Crash से जुड़ी हर जानकारी अब जांच के साथ ही स्पष्ट होगी, लेकिन यह हादसा हमेशा स्मरण रहेगा।








