देवरिया जनपद के भाटपार रानी उपनगर में स्थित सुप्रसिद्ध श्री राम जानकी मंदिर परिसर आज श्रद्धा, आस्था और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव पूरे धार्मिक उल्लास और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी, जो दिन चढ़ने के साथ-साथ जनसैलाब में तब्दील हो गई।
दोपहर 12 बजे गूंजा मंदिर परिसर
जैसे ही घड़ी की सुई ने दोपहर के 12 बजाए, मंदिर के पुजारी अंगद पांडे द्वारा भगवान श्री राम के जन्म का पावन क्षण घोषित करते हुए मंदिर के पट खोले गए। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, घंटियों और घड़ियालों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। “जय श्री राम” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजायमान हो गया, मानो आस्था स्वयं स्वर बनकर गूंज रही हो।
पौराणिक आस्था का केंद्र बना मंदिर
भाटपार रानी स्थित श्री राम जानकी मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख पौराणिक और धार्मिक स्थल है, जिसके प्रति स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि इस मंदिर में हर वर्ष राम जन्मोत्सव और छठियार जैसे आयोजन बड़े ही भव्य और व्यवस्थित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
शोभायात्रा में उमड़ी भीड़
भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के उपरांत निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय रंग में रंग दिया। यह शोभायात्रा श्री राम जानकी मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर शिव मंदिर रोड, दुर्गा मंदिर रोड, स्टेशन रोड, बीआरडी रोड, बेलपार ढाला होते हुए मालवीय रोड, बापू रोड, रतसिया रोड और मस्जिद रोड से गुजरते हुए रानी पोखरा पर जाकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और भक्ति गीतों पर झूमते हुए भगवान के जयकारे लगाए।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में नगर और जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता गुप्ता, दुर्गेश्वर सोनी, आदित्य जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल, जितेंद्र जायसवाल सहित अनेक सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने इस आयोजन में भाग लिया। साथ ही समाजसेवी, व्यापारी, पत्रकार और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और भी बढ़ गई।
समिति ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर श्री राम जानकी मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्य संजय कुमार जायसवाल, पवन कुमार गुप्ता, हनुमान जायसवाल और राजेश गुप्ता ने सभी के सहयोग और सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
आस्था और परंपरा का जीवंत उदाहरण
यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव था, बल्कि यह समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक आस्था का भी जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। जिस तरह से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में शामिल हुए, वह यह दर्शाता है कि आज भी भारतीय समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की गहरी जड़ें मौजूद हैं।
राम जन्मोत्सव का यह आयोजन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने पूरे नगर को एक सूत्र में पिरो दिया। ✍️
FAQ
राम जन्मोत्सव कब मनाया जाता है?
राम जन्मोत्सव चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।
शोभायात्रा का क्या महत्व है?
शोभायात्रा धार्मिक आस्था और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक होती है, जिसमें भक्त भगवान के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं।
क्या यह मंदिर ऐतिहासिक है?
हाँ, श्री राम जानकी मंदिर भाटपार रानी क्षेत्र का एक पौराणिक और आस्था से जुड़ा प्रमुख धार्मिक स्थल है।





