जब मंदिर ने आँखों में रोशनी भरी :
63वें नेत्र शिविर में सेवा, संवेदना और संकल्प

कामां स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित 63वें नेत्र शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और जरूरतमंदों को दवाइयों का वितरण।

✍️हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

समाचार सार : आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में आयोजित 63वें नेत्र शिविर में 160 मरीजों की जांच हुई, जिनमें 20 को निःशुल्क ऑपरेशन हेतु दिल्ली रेफर किया गया।

कामां में बुधवार का दिन केवल धार्मिक अनुष्ठान का नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का भी साक्षी बना। आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कोट ऊपर परिसर में सकल जैन समाज कामां और वेणु आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 63वाँ नेत्र शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर केवल एक चिकित्सा आयोजन नहीं था, बल्कि वर्षों से चल रही उस परंपरा का हिस्सा था, जिसमें सेवा को ही सच्चा धर्म माना गया है।

160 मरीजों की जांच, 20 को मिली नई उम्मीद

शिविर में कुल 160 मरीजों की नेत्र जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आंखों की विस्तृत जांच की गई, जिससे रोग की सही पहचान सुनिश्चित हो सके। जांच के उपरांत 20 मरीजों को आंखों के ऑपरेशन के लिए दिल्ली रेफर किया गया। वेणु आई हॉस्पिटल इन सभी मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन करेगा। “सब की दृष्टि, सबको दृष्टि” का नारा इस आयोजन की आत्मा बना रहा।

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छह वर्षों से अनवरत सेवा का संकल्प

कपूर चंद जैन के निर्देशन में यह नेत्र शिविर पिछले छह वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। समाज के सहयोग और चिकित्सकीय समर्पण के कारण यह सेवा अभियान अब एक स्थायी पहल बन चुका है। प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में मरीज लाभान्वित हो रहे हैं और अनेक लोगों को नई दृष्टि मिल रही है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रही मौजूद

शिविर में डॉक्टर पैनल में डॉ. अंकुर, जया, पलक, वर्षा, हाफिया, महेंद्र और आसिफ ने मरीजों का निरीक्षण किया। पूरा शिविर डॉक्टर इंचार्ज इबरान अली के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। चिकित्सकों ने न केवल जांच की, बल्कि मरीजों को आंखों की देखभाल के बारे में आवश्यक परामर्श भी दिया।

समाज की सक्रिय सहभागिता

सकल जैन समाज कामां के अनेक सदस्य शिविर में सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। मुकेश जैन, मनोज कुमार जैन, आदेश जैन, राकेश (रेलवे वाले), भागचंद जैन, मोतीलाल शर्मा, मयंक जैन, विशाल जैन, आर्यन जैन और आकाश जैन सहित अनेक समाजसेवियों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। आयोजन के दौरान व्यवस्था, पंजीकरण और मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही।

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मंदिर से सेवा तक का विस्तार

यह शिविर इस बात का प्रमाण है कि धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं होते, बल्कि समाजहित के कार्यों के भी प्रमुख आधार बन सकते हैं। जब मंदिर सेवा का माध्यम बनता है, तो वह समाज की आंखों में वास्तविक रोशनी भरता है। इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकजुटता और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करते हैं।

स्वास्थ्य सेवा का सामाजिक मॉडल

निःशुल्क जांच और ऑपरेशन की व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बड़ी राहत है। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में नेत्र रोगों के उपचार की सीमित उपलब्धता को देखते हुए ऐसे शिविर अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इससे न केवल रोग की पहचान होती है, बल्कि समय रहते उपचार भी संभव हो पाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह नेत्र शिविर किसके सहयोग से आयोजित हुआ?

सकल जैन समाज कामां और वेणु आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

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कितने मरीजों की जांच की गई?

कुल 160 मरीजों की नेत्र जांच की गई।

कितने मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर किया गया?

20 मरीजों को निःशुल्क ऑपरेशन के लिए दिल्ली रेफर किया गया।


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