जलालपुर (जौनपुर) के मझगंवा खुर्द गांव में 48 वर्षीय संजय यादव द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर चार वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें संजय यादव अपनी मौत के लिए परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में भावुक अपील
करीब सवा दो मिनट के सबसे लंबे वीडियो में संजय यादव अत्यंत भावुक और व्यथित दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात से आठ महीनों से उनका भाई योगेंद्र उर्फ मुन्ना उन पर जानलेवा हमले कर रहा था। उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे पर भी भाई का साथ देने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया।
वीडियो में संजय कहते सुनाई दे रहे हैं, “मैं इन लोगों के जुल्म से तंग आकर जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं, प्रशासन इन्हें कड़ी से कड़ी सजा दे।” उनके शब्दों में निराशा के साथ-साथ न्याय की उम्मीद भी झलकती है।
कर्जदारों की चिंता भी जताई
मौत के मुहाने पर खड़े होकर भी संजय यादव को अपने कर्जदारों की चिंता सताती रही। वीडियो में उन्होंने प्रशासन से मार्मिक अपील की कि उनके पास मौजूद दो मवेशियों को बेचकर अनिल यादव, राजदेव, शेषनाथ, ओमप्रकाश यादव और सुरेंद्र यादव जैसे लोगों का कर्ज चुका दिया जाए।
एक अन्य वीडियो में उन्होंने अपने भांजे और सुरेंद्र का कठिन समय में साथ देने के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं, सिसकते हुए कहा कि मां-बाप और भाई-बहन भी नहीं चाहते थे कि वे जीवित रहें।
हमले के संकेत और जांच
सात सेकंड के एक धुंधले वीडियो में संजय ने अपने ऊपर हुए हमलों के सबूत होने की बात कही है। इसके अलावा 11 सेकंड का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है, जो पुराना प्रतीत होता है। इसमें उनके कंधे पर चोट के ताजा निशान दिखाई दे रहे हैं और दो अन्य व्यक्ति भी नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह वीडियो घर का ही है।
पुलिस ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
संजय यादव तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके अन्य भाइयों के नाम महेंद्र यादव और योगेंद्र यादव हैं। वे अपने पिता रामनारायण यादव के साथ खेती का काम देखते थे और किसानों के खेतों में ट्रैक्टर चलाकर जुताई का कार्य करते थे।
परिवार में पत्नी विमला देवी, बेटा अभिषेक और बेटी अमिषा हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। करीबी लोगों के अनुसार संजय पहले ट्रेलर मास्टर का काम करते थे। बाद में उन्होंने ट्रक खरीदा, लेकिन कर्ज के चलते उसे बेचना पड़ा। इसके बाद दो मवेशी रखकर घर पर ही खेती-बाड़ी में जुट गए थे।
जांच की दिशा
वायरल वीडियो ने मामले को जटिल बना दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या संजय द्वारा लगाए गए आरोपों में तथ्यात्मक आधार है या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल है। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पारदर्शी ढंग से की जाएगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मामले में कितने वीडियो वायरल हुए हैं?
कुल चार वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें मृतक ने परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या पुलिस ने जांच शुरू कर दी है?
हाँ, पुलिस वायरल वीडियो को आधार बनाकर मामले की जांच कर रही है।
मृतक ने वीडियो में क्या अपील की?
उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और अपने कर्जदारों का भुगतान करने की बात कही।

