उत्तर प्रदेश के बांदा जिला से सामने आई यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध की कहानी है, बल्कि नशे की लत, आपसी रिश्तों की नाजुकता और क्षणिक आवेग में लिए गए फैसलों के भयावह परिणामों को भी उजागर करती है। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते ऐसा रूप ले लिया कि एक युवक की जान चली गई और दूसरा आजीवन अपराध के बोझ तले जेल पहुंच गया।
मामूली विवाद बना जानलेवा झगड़ा
यह पूरा मामला तिंदवारी थाना क्षेत्र के मिरगाहनी गांव का है। गांव के रहने वाले दीपू और दुर्विजय बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और गांव में उन्हें अक्सर साथ देखा जाता था। दिन में खेत-खलिहान और छोटे-मोटे काम, तो रात होते ही गांव की शांति के बीच दोनों साथ बैठकर शराब पीते थे।

बुधवार की रात भी कुछ ऐसा ही हुआ। देर रात दोनों गांव के एक सूनसान स्थान पर बैठकर शराब पी रहे थे। नशे की मात्रा बढ़ने के साथ ही बातचीत का लहजा बदला और मामूली बात पर गाली-गलौज शुरू हो गई। शुरू में यह सामान्य बहस थी, लेकिन कुछ ही पलों में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
ईंट के वार से लहूलुहान हुआ दोस्त
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, बहस के दौरान दीपू ने पास में पड़ी एक ईंट उठा ली और गुस्से में आकर दुर्विजय के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। अचानक हुए इस हमले से दुर्विजय जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। सिर से अत्यधिक खून बहने लगा और उसकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई।
आस-पास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तब तक हमला हो चुका था। आरोपी दीपू भी कुछ देर के लिए सकते में आ गया, क्योंकि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसका यह आवेगपूर्ण कदम जानलेवा साबित होगा।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल दुर्विजय को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सिर पर गहरी चोट और अत्यधिक रक्तस्राव मौत का कारण बताया गया।
इस खबर के फैलते ही पूरे मिरगाहनी गांव में मातम और दहशत का माहौल बन गया। जिस दोस्ती की मिसाल दी जाती थी, वही दोस्ती मौत का कारण बन गई।
गांव में पसरा सन्नाटा, रिश्तों पर उठे सवाल
दुर्विजय की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि शराब किस तरह इंसान को हैवान बना देती है। जिन हाथों से दोस्ती निभाई जाती थी, उन्हीं हाथों से जान ले ली गई—यह सोचकर हर कोई सहमा हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस रात शराब न होती, तो शायद यह विवाद कभी इतना नहीं बढ़ता। यह घटना नशे की सामाजिक कीमत को एक बार फिर सामने लाती है।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही तिंदवारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। आरोपी दीपू को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया गया। आलाकत्ल ईंट भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आरोपी का बयान: “मुझे नहीं पता था दोस्त मर जाएगा”
पूछताछ के दौरान आरोपी दीपू ने पुलिस को बताया कि वह नशे में था और उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ईंट का वार उसके दोस्त की जान ले लेगा। उसने अपने किए पर अफसोस जताया और कहा कि गुस्से में उससे बहुत बड़ी गलती हो गई।
हालांकि कानून की नजर में यह बयान अपराध की गंभीरता को कम नहीं करता। पुलिस का कहना है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों युवक पूर्व परिचित और करीबी दोस्त थे। शराब के दौरान आपसी कहासुनी बढ़ने से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। मामले में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
नशा और हिंसा: एक खतरनाक मेल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि नशा किस तरह मानवीय संवेदनाओं को कुंद कर देता है। क्षणिक आवेग में लिया गया फैसला न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लेता है, बल्कि दो जिंदगियों को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल देता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह घटना कहां की है?
यह मामला उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र स्थित मिरगाहनी गांव का है।
मृतक और आरोपी का क्या संबंध था?
दोनों बचपन के दोस्त थे और अक्सर साथ समय बिताते थे।
हत्या का कारण क्या बताया गया है?
शराब के नशे में हुई आपसी कहासुनी और गाली-गलौज के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या यह घटना रोकी जा सकती थी?
यदि शराब और गुस्से पर नियंत्रण होता, तो संभवतः यह जानलेवा घटना टल सकती थी।







