अवैध गर्भपात का सनसनीखेज खुलासा ; डॉक्टर का वीडियो वायरल

Ambedkarnagar hospital illegal abortion investigation at Kusum Surgical and Maternity Hospital with police and media


चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

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Ambedkarnagar Latest News: उत्तर प्रदेश के Ambedkarnagar जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जलालपुर क्षेत्र के कुसुम सर्जिकल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात (Illegal Abortion) का खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में अस्पताल संचालक खुलेआम गैरकानूनी गर्भपात कराने की बात करते दिख रहा है। इस सनसनीखेज खुलासे से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

वीडियो में खुलकर एबॉर्शन कराने की बात

वायरल वीडियो में अस्पताल संचालक सूर्यनाथ यादव यह कहते हुए नजर आते हैं — “जितना हो उतना ले आओ, सबका एबॉर्शन हो जाएगा… 18 हजार लगेंगे।” वीडियो में वह यह भी स्वीकार करते हैं कि भ्रूण को काटकर निकाला जाता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग अब स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठा रहे हैं कि बिना लाइसेंस अस्पताल इतने समय से चल कैसे रहा था।

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सीएमओ ने दी जांच के आदेश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO Sanjay Kumar Shaiwal) ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में एसडीएम जलालपुर, सीओ और चिकित्सा अधीक्षक को शामिल किया गया है। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल बिना लाइसेंस संचालित किया जा रहा था और इसका पंजीकरण आवेदन शर्तों के अधूरा होने के कारण मंजूर नहीं किया गया था। जांच टीम को पूरे रिकॉर्ड, मेडिकल रजिस्टर और ऑपरेशन डेटा की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

बिना अनुमति डॉक्टर कर रहा था अवैध गर्भपात

जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति BAMS डॉक्टर है, जिसे लॉ एंड मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के तहत गर्भपात करने की अनुमति नहीं है। भारत में केवल प्रशिक्षित और अधिकृत MBBS डॉक्टर ही सरकार से मान्यता प्राप्त केंद्रों पर गर्भपात कर सकते हैं। ऐसे में यह कार्य न सिर्फ कानूनी अपराध कहलाता है बल्कि मेडिकल एथिक्स के हिसाब से भी गंभीर उल्लंघन है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सवाल भी अहम है कि स्वास्थ्य विभाग अब तक चुप क्यों था? क्या अधिकारियों की अनदेखी या मिलीभगत के कारण Illegal Abortion का यह खेल चलता रहा? अब जनता यह देख रही है कि जांच कड़ी होगी या केवल औपचारिकता भर रह जाएगी।

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सोशल मीडिया पर लोग नाराज

Ambedkarnagar में इस वीडियो के वायरल होते ही ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोगों ने अस्पताल को तुरंत सील करने और डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग की। हैशटैग #IllegalAbortion #AmbedkarnagarNews #KusumHospital तेजी से ट्रेंड करने लगा।

भारत में अवैध गर्भपात पर कानून क्या कहता है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 312 से 314 के तहत अवैध गर्भपात एक दंडनीय अपराध है। इसमें दोषी को 3 से 7 वर्ष तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। अगर गर्भपात के दौरान महिला को नुकसान या मृत्यु होती है तो डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस भी स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

फिलहाल जांच जारी

जिला प्रशासन ने अस्पताल को अस्थायी रूप से सील कर दिया है और स्वास्थ्य विभाग ने अभिलेख जब्त कर लिए हैं। Ambedkarnagar पुलिस ने भी प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी है। सीएमओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Ambedkarnagar के लोगों में आक्रोश

Illegal Abortion के इस मामले ने एक बार फिर से निजी हॉस्पिटलों में हो रहे अनैतिक कामों को उजागर कर दिया है। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन सख्त कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में गुम हो जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल को क्लिक करें जवाब पाएं(FAQ)

Ambedkarnagar में अवैध गर्भपात का मामला कहाँ सामने आया?

यह मामला जलालपुर क्षेत्र के कुसुम सर्जिकल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल से सामने आया है।

वीडियो में क्या कहा गया था?

वीडियो में अस्पताल संचालक खुलेआम गर्भपात करवाने और 18 हजार रुपए की फीस बताता नजर आया।

क्या अस्पताल के पास लाइसेंस था?

सीएमओ के अनुसार अस्पताल का पंजीकरण आवेदन अभी लंबित था और लाइसेंस जारी नहीं हुआ था।

CMO ने क्या कार्रवाई की?

सीएमओ संजय कुमार शैवाल ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है और अस्पताल को सील करने के निर्देश दिए हैं।

भारत में अवैध गर्भपात की सजा क्या है?

भारतीय कानून के तहत अवैध गर्भपात पर 3 से 7 साल की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

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