ट्रेन में सफर बना खतरा थाना थानगांव क्षेत्र में उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब ग्राम हैठी, पोस्ट कौदोरा निवासी कैलाश पुत्र राम तीरथ के साथ ट्रेन में जहरखुरानी और लूट की घटना सामने आई। यह घटना न सिर्फ एक व्यक्ति की पीड़ा की कहानी है, बल्कि उन हजारों मजदूरों की असुरक्षा को भी उजागर करती है, जो रोजी-रोटी के लिए राज्य से बाहर जाते हैं और वापसी के दौरान ऐसे गिरोहों के आसान शिकार बन जाते हैं।
लुधियाना से घर वापसी, लेकिन सफर बना भयावह अनुभव
कैलाश पिछले करीब तीन महीनों से पंजाब के लुधियाना में मजदूरी कर रहे थे। 24 जनवरी 2026 को उन्होंने अपने परिजनों को सूचना दी कि वह ट्रेन से घर के लिए रवाना हो चुके हैं। सामान्य परिस्थितियों में लुधियाना से गांव तक पहुंचने में लगभग 12 घंटे का समय लगता है। परिवार को भरोसा था कि तय समय पर कैलाश घर पहुंच जाएंगे, लेकिन किसे पता था कि यह यात्रा एक खौफनाक अनुभव में बदल जाएगी।
ट्रेन में बैठे अजनबी, फिर अचानक छाया अंधेरा
कैलाश के अनुसार, ट्रेन में वह जिस सीट पर बैठे थे, उसी सीट पर दो अन्य युवक आकर बैठ गए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें अजीब-सा महसूस होने लगा। सिर भारी होने लगा, आंखें बोझिल हो गईं और उसके बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं रहा। परिजनों और ग्रामीणों को आशंका है कि यह पूरा मामला जहरखुरानी गिरोह की सुनियोजित करतूत है।
पटना में खुलीं आंखें, सामान सब गायब
जब कैलाश को होश आया तो वह खुद को पटना रेलवे स्टेशन पर पाया। शरीर में कमजोरी थी, दिमाग सुन्न था और हालात समझने में वक्त लग रहा था। धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि उनका बैग, मोबाइल फोन और नकदी गायब है। हैरानी की बात यह रही कि बदमाशों ने उनके जूते तक उतार लिए थे, जिससे वह नंगे पांव रह गए।
परिवार को सता रही थी अनहोनी की आशंका
लुधियाना से रवाना होते समय कैलाश ने परिजनों को स्पष्ट रूप से बताया था कि वह 24 जनवरी को ही घर के लिए निकल रहे हैं। लेकिन जब 25 जनवरी तक वह नहीं पहुंचे और उनका फोन भी बंद मिला, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। सोमवार की सुबह परिजन थाना थानगांव में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी एक अप्रत्याशित सूचना मिली।
चंदौली के पास सड़क पर पैदल मिला कैलाश
करीब सुबह 11 बजे किसी परिचित ने परिजनों को बताया कि कैलाश चंदौली के पास सड़क मार्ग पर पैदल आते हुए दिखे हैं। परिजन तत्काल वहां पहुंचे और उन्हें सुरक्षित घर ले आए। कमजोरी के बावजूद कैलाश जीवित और सुरक्षित थे, यही परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत थी।
गांव में दहशत, जहरखुरानी गिरोह को लेकर चिंता
घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने थाना थानगांव में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रेल यात्रियों की सुरक्षा पर फिर सवाल
यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। जरूरत इस बात की है कि रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन समन्वय बनाकर ऐसे मामलों पर सख्ती से लगाम लगाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
उत्तर: अपराधी खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर यात्रियों को बेहोश कर देते हैं।
उत्तर: अजनबियों से कुछ न लें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत रेलवे हेल्पलाइन से संपर्क करें।










