सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप ने सोमवार को खैराबाद स्थित रॉयल मैरिज लॉन को अनुशासन, आत्मसंयम और शारीरिक उत्कृष्टता के विराट मंच में बदल दिया। दिल्ली फिटनेस जिम के तत्वावधान में आयोजित इस विशाल प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 2100 से अधिक बॉडीबिल्डरों ने न केवल अपनी मांसपेशियों का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में लगे तो समाज को स्वस्थ और जागरूक बना सकती है।
प्रदेशभर से जुटे खिलाड़ी, मंच बना फिटनेस संस्कृति का प्रतीक
इस सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में सीतापुर, लखनऊ, सिधौली, मिश्रिख, बिस्वा, लहरपुर, महमूदाबाद और लखीमपुर खीरी सहित अनेक जिलों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। अलग-अलग आयु और भार वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि फिटनेस अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी यह एक गंभीर जीवन-दृष्टि बन चुकी है।
प्रतियोगिता स्थल पर सुबह से ही खिलाड़ियों की मौजूदगी, वार्म-अप करते युवा, प्रशिक्षकों की रणनीतिक सलाह और दर्शकों की उत्सुक निगाहें—हर दृश्य इस आयोजन की गंभीरता और भव्यता को रेखांकित कर रहा था। मंच पर उतरते ही प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और अनुशासन दर्शकों को रोमांचित कर रहा था।
पोज़िंग, संतुलन और अनुशासन से तय हुआ विजेताओं का चयन
सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में विजेताओं का चयन केवल मांसपेशियों के आकार के आधार पर नहीं, बल्कि पोज़िंग तकनीक, बॉडी बैलेंस, कट-डिफिनिशन और मंच पर प्रस्तुतिकरण के समग्र मूल्यांकन से किया गया। निर्णायक मंडल ने प्रत्येक प्रतिभागी के प्रदर्शन को तकनीकी और सौंदर्यात्मक दोनों दृष्टियों से परखा।
प्रतियोगिता के दौरान जब खिलाड़ी मंच पर विभिन्न पोज़ में अपनी शारीरिक संरचना प्रदर्शित कर रहे थे, तब दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। यह केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संयमित जीवनशैली और मानसिक दृढ़ता का सार्वजनिक प्रदर्शन था।
मुख्य अतिथि ने दिया युवाओं को सकारात्मक दिशा का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद राकेश राठौर ने प्रतियोगिता को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचार जन्म लेते हैं और ऐसे मंच युवाओं को लक्ष्य, अनुशासन और आत्मसम्मान की राह दिखाते हैं।
उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप जैसे कार्यक्रम केवल खेल आयोजन नहीं होते, बल्कि सामाजिक जागरूकता के अभियान भी होते हैं, जो आने वाली पीढ़ी के चरित्र निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।
नशा मुक्ति और स्वस्थ जीवनशैली का सशक्त संदेश
इस आयोजन का मूल उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं था, बल्कि युवाओं को नशा-मुक्ति के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। मंच से बार-बार यह संदेश दिया गया कि असली ताकत रासायनिक साधनों में नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास, संतुलित आहार और मानसिक अनुशासन में है।
दिल्ली फिटनेस जिम के आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका प्रयास है कि युवा वर्ग जिम को केवल शरीर बनाने की जगह न मानकर, जीवन सुधारने का माध्यम समझे। इस दृष्टि से सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप एक सामाजिक आंदोलन की तरह सामने आई।
पुरस्कार वितरण और खिलाड़ियों का उत्साह
प्रतियोगिता के समापन पर विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त करते समय खिलाड़ियों के चेहरे पर गर्व और संतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कई प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का संकल्प व्यक्त किया।
दर्शकों और प्रतिभागियों की भारी उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप अब केवल एक स्थानीय आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय पहचान बन चुकी है।
फिटनेस, अनुशासन और सामाजिक चेतना का संगम
कुल मिलाकर, सीतापुर के खैराबाद में आयोजित यह सीतापुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मक सोच का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी। यह आयोजन बताता है कि यदि युवाओं को सही मंच और दिशा मिले, तो वे न केवल स्वयं को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। फिटनेस के माध्यम से नशा-मुक्ति और स्वस्थ जीवन का यह संदेश आने वाले समय में और व्यापक रूप ले—यही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है।










