ग्रामपंचायत नारायणपुर में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े जोश, सहभागिता और संकल्प के साथ मनाया गया

ग्रामपंचायत नारायणपुर में 26 जनवरी 2026 को आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण, बच्चों की प्रस्तुति और ग्रामीणों की सहभागिता

सदानंद इंगीली की रिपोर्ट
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ग्रामपंचायत नारायणपुर में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, अनुशासन और सामूहिक भागीदारी के साथ मनाया गया। 26 जनवरी 2026 की सुबह जैसे ही गांव की गलियों में राष्ट्रभक्ति की स्वर-लहरियां गूंजीं, हर आयु वर्ग के लोग—बुज़ुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे—एक साझा भाव के साथ कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे। यह आयोजन केवल औपचारिक ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और ग्राम-विकास के प्रति सामूहिक संकल्प का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

सुबह 8 बजे ध्वजारोहण, राष्ट्रगान से गूंजा परिसर

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह ठीक 8:00 बजे हुआ, जब माननीय उपसरपंच मा. अशोक समय हरि ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरे परिसर में राष्ट्रगान की गूंज फैल गई और उपस्थित जनसमूह ने अनुशासनबद्ध होकर तिरंगे को सलामी दी। इस क्षण ने उपस्थित हर व्यक्ति को भारत की 77 वर्षों की संवैधानिक यात्रा और लोकतांत्रिक उपलब्धियों की याद दिलाई।

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वंदे मातरम् और जन-गण-मन में एकजुट हुआ गांव

राष्ट्रगान के पश्चात सभी ग्रामवासियों ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन-गण-मन’ का सामूहिक गायन किया। यह दृश्य ग्रामपंचायत नारायणपुर की सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया, जहां जाति, वर्ग और आयु की सीमाएं स्वतः मिटती दिखाई दीं।

बच्चों के गीत, भाषण और छोटा सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों और प्रेरक भाषणों के माध्यम से संविधान, स्वतंत्रता सेनानियों और गणतंत्र की भावना को जीवंत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत आने वाली पीढ़ियों की संवैधानिक समझ और जिम्मेदारी में निहित है।

गणतंत्र का महत्व और ग्राम-विकास की भूमिका पर विचार

ग्राम पंचायत अधिकारी भारती बैसरे सहित पंचायत सदस्यों ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक, संवैधानिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि संविधान केवल अधिकारों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि कर्तव्यों, समावेशन और समान अवसरों का आधार है। उन्होंने ग्राम-स्तर पर स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को लोकतंत्र की वास्तविक कसौटी बताया।

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शपथ ग्रहण और देशभक्ति संदेश

कार्यक्रम के दौरान शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने संविधान के प्रति निष्ठा, सामाजिक सद्भाव, कानून के सम्मान और ग्राम-विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। देशभक्ति भाषणों में यह बात विशेष रूप से उभरी कि सशक्त भारत की नींव सशक्त गांवों से ही रखी जाती है।

सभी वर्गों की भागीदारी ने बनाया आयोजन को विशेष

इस अवसर पर ग्राम पंचायत कर्मचारी सदानंद इंगिली (ऑपरेटर), आनंद अंबाला (शिपाई), मलय्या अटेला (पानी आपूर्ति), संतोष चिताकला (ग्रामजोगर सहायक), प्राथमिक उपकेंद्र करसपल्ली के आरोग्य कर्मचारी, महिला स्वयं सहायता समूह, युवा वर्ग, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक और समावेशी स्वरूप प्रदान किया।

77 वर्षों की यात्रा और आगे का संकल्प

समारोह के समापन पर वक्ताओं और ग्रामवासियों ने भारत गणराज्य की 77 वर्षों की सफल यात्रा को स्मरण किया। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोजगार और सामाजिक समरसता के माध्यम से ग्रामपंचायत नारायणपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

ग्रामपंचायत नारायणपुर में गणतंत्र दिवस कब और कैसे मनाया गया?

26 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजे ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शपथ ग्रहण और देशभक्ति भाषणों के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया।

कार्यक्रम में किन-किन वर्गों की भागीदारी रही?

पंचायत कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी, महिला स्वयं सहायता समूह, युवा, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए।

गणतंत्र दिवस का ग्राम-स्तर पर क्या महत्व है?

यह लोकतंत्र, संविधान और नागरिक कर्तव्यों की समझ को मजबूत करता है तथा गांव के समग्र विकास के लिए सामूहिक संकल्प को प्रेरित करता है।

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