डीग–कामां
विधायक का सख़्त संदेश
डीग–कामां विधानसभा क्षेत्र से विधायक नौक्षम चौधरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक ने साइबर ठगी, गौ-तस्करी और क्षेत्र में विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर बेहद सख़्त और स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी है। यह वीडियो केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर उठती एक मुखर आवाज़ बन चुका है।
वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि
पिछले कुछ महीनों में डीग और कामां क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी गई है। फर्जी कॉल, ओटीपी मांगने, केवाईसी अपडेट और सरकारी योजनाओं के नाम पर ग्रामीणों को ठगा जा रहा है। इसके साथ ही गौ-तस्करी की घटनाओं ने भी कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है।
“अब बर्दाश्त नहीं” — विधायक का संदेश
विधायक ने वीडियो में स्पष्ट कहा कि साइबर अपराध और गौ-तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
साइबर ठगी: ग्रामीण इलाकों की बड़ी चुनौती
डिजिटल जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्र साइबर ठगों का आसान शिकार बनते जा रहे हैं। विधायक ने मांग की कि प्रशासन गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करे।
गौ-तस्करी पर सख़्त कार्रवाई की मांग
गौ-तस्करी डीग–कामां क्षेत्र में केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक चिंता का विषय है। विधायक ने सीमावर्ती इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की आवश्यकता बताई।
विकास कार्यों में देरी पर नाराज़गी
सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। विधायक ने साफ कहा कि कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम दिखना चाहिए।
निष्कर्ष
यह वायरल वीडियो डीग–कामां की जमीनी हकीकत को सामने लाता है। अब जनता की निगाहें इस बात पर हैं कि यह सख़्त बयान केवल शब्दों तक सीमित रहता है या प्रशासनिक कार्रवाई में भी बदलता है।









