किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी में कृषि मंत्री का संदेश—आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय

देवरिया में आयोजित किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा उद्घाटन, लाभ वितरण और जनसभा को संबोधित करते हुए दृश्य

इरफान अली लारी की रिपोर्ट
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किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर देवरिया में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रही, जहां कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए आधुनिक कृषि, तकनीकी नवाचार और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। इस आयोजन ने न केवल किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा, बल्कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक ठोस संदेश दिया।

हूक प्वाइंट: यह किसान मेला केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस बदलती कृषि सोच का प्रतीक बना—जहां किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में भव्य आयोजन

जनपद देवरिया स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन जनपद स्तरीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधिवत रूप से कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और इसके पश्चात विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इन स्टॉलों में कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि यंत्रीकरण, बीज, उर्वरक, जैविक खेती तथा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई।

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किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित रहा संबोधन

अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और बाजार से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ नई तकनीकों, फसल विविधीकरण और मूल्य संवर्धन को अपनाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि सरकार की मंशा केवल उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की है।

कृषि और मत्स्य पालन को स्वरोजगार से जोड़ने पर बल

कृषि मंत्री ने विशेष रूप से कृषि एवं मत्स्य पालन को स्वरोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना जैसी योजनाएं ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर लेकर आई हैं। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड वितरण

कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान करने वाले आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए। इस पहल को ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।

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‘देव हल्दी’ उत्पाद का शुभारंभ

मुख्य विकास अधिकारी के व्यक्तिगत प्रयास और नवाचार के अंतर्गत जनपद की स्थानीय हल्दी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘देव हल्दी’ नामक नए उत्पाद का शुभारंभ किया गया। इस पहल की किसानों और जनप्रतिनिधियों ने सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, इस ब्रांडिंग से स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और देवरिया की हल्दी को विशिष्ट पहचान प्राप्त होगी।

सामाजिक सरोकारों को भी मिला मंच

कार्यक्रम में सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। छह माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार खीर खिलाकर संपन्न कराया गया, वहीं गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया, जिससे कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी मिला।

कृषि यंत्रीकरण और मत्स्य योजनाओं को बढ़ावा

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत अनुदान पर अनुमन्य कृषकों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, जिससे आधुनिक कृषि यंत्रों और मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।

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अधिकारियों और किसानों की रही व्यापक सहभागिता

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा आलोक पांडे, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, उप निदेशक कृषि सुभाष मौर्य, जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पंकज शुक्ला द्वारा किया गया।

किसान मेला बना संवाद और समाधान का मंच

कुल मिलाकर यह किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी किसानों के लिए केवल योजनाओं की जानकारी लेने का अवसर नहीं रहा, बल्कि यह संवाद, समाधान और नवाचार का प्रभावी मंच बनकर उभरा। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब किए और अपने अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम की सार्थकता और बढ़ गई।

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भलुअनी कस्बे के रेस्टोरेंट में युवती द्वारा कीटनाशक सेवन की सूचना पर जांच करती पुलिस, एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद।

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