सड़क बनी, नाली नहीं — गंदा पानी और बढ़ती ग्रामीण परेशानी

आरसीसी सड़क के किनारे जल निकासी न होने से बहता गंदा पानी और ग्रामीण मार्ग की स्थिति

रीतेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
IMG-20260212-WA0009
previous arrow
next arrow

पारा रमनगरा सड़क और नाली समस्या अब ग्रामीण विकास की एक अधूरी और चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। सीतापुर जनपद के विकास खंड रामपुर मथुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पारा रमनगरा में आरसीसी सड़क का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से यही सड़क ग्रामीणों के लिए नई परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़क पर बहता गंदा पानी न केवल आवागमन में बाधा डाल रहा है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े जोखिम भी लगातार बढ़ा रहा है।

विकास तब अधूरा रह जाता है, जब सड़क तो बनती है, लेकिन पानी निकासी की बुनियादी व्यवस्था पीछे छूट जाती है।

सड़क निर्माण के साथ नाली न होना बना बड़ी समस्या

ग्राम पंचायत पारा रमनगरा में जिस आरसीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, वह ग्रामीणों के लिए सुविधा बन सकती थी, लेकिन नाली निर्माण की अनदेखी ने पूरे कार्य की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सड़क पर फैल रहा है, जिससे कीचड़, फिसलन और दुर्गंध की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल अस्थायी नहीं, बल्कि भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती है।

इसे भी पढें  सीतापुर में नकली नोट— गुलजारशाह मेले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महिला समेत दो गिरफ्तार

आवागमन में बाधा, बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी

स्थानीय निवासी रामनरेश बताते हैं कि सड़क बनने से उम्मीद जगी थी कि अब आवागमन आसान होगा, लेकिन नाली न होने से पानी घरों के सामने और सड़क पर जमा हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है और बुजुर्गों को फिसलने का डर बना रहता है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि रोजमर्रा के कामों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।

बरसात में और बिगड़ सकते हैं हालात

ग्रामीणों का कहना है कि अभी तो समस्या सीमित है, लेकिन बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। बारिश के पानी के साथ गंदा पानी मिलकर सड़क को दलदल में बदल सकता है, जिससे न केवल यातायात बाधित होगा बल्कि नई बनी सड़क के जल्दी क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी बढ़ जाएगी।

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सीधा असर

खुले में बहता और जमा गंदा पानी मच्छरों और अन्य कीटों को पनपने का अवसर देता है। ग्रामीणों को डर है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक मानी जा रही है।

इसे भी पढें  बिहार चुनाव 2025 की सबसे दिलचस्प बाज़ी: मिथिला की आवाज़ मैथिली ठाकुर या भाजपा की रणनीति?

कई बार उठाई गई मांग, समाधान अब तक नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से नाली निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। लोगों को चिंता है कि यदि समय रहते नाली निर्माण नहीं कराया गया तो नई सड़क कुछ ही समय में खराब हो जाएगी, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का पक्ष

इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है और नाली निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। प्रस्ताव को शीघ्र ही ब्लॉक स्तर पर भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलते ही नालियों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।

ब्लॉक स्तर पर जांच का आश्वासन

ब्लॉक के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जहां भी सड़क निर्माण किया जाता है, वहां जल निकासी की व्यवस्था अनिवार्य होती है। यदि किसी स्थान पर ऐसा नहीं हुआ है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसे भी पढें  श्रीजड़खोर गोधाम में पहली बार भव्य श्रीगोपाष्टमी महोत्सव, राजस्थान सरकार एवं गोपालन निदेशालय के सहयोग से आयोजन

ग्रामीणों की स्पष्ट मांग

पारा रमनगरा के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के साथ नाली निर्माण भी उतना ही जरूरी है। केवल सड़क बना देना विकास नहीं कहलाता, जब तक कि वह टिकाऊ और सुरक्षित न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नाली निर्माण कराकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

पारा रमनगरा सड़क और नाली समस्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रामीण विकास योजनाओं में बुनियादी जरूरतों को पूरी गंभीरता से जोड़ा जा रहा है। यदि समय रहते संतुलित और समग्र विकास की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी समस्याएं भविष्य में और गहरी हो सकती हैं। ग्रामीणों को अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।

पशुबाड़ों में लगी आग के बाद जला भूसा और उठता धुआँ, ग्रामीण क्षेत्र में अग्निकांड का दृश्य।
तड़के लगी आग के बाद पशुबाड़ों में जला भूसा और धुएँ का गुबार, ग्रामीणों की मदद से आग पर पाया गया काबू।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top