‘मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान’ के तहत ग्राम पंचायत नारायणपुर में पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन—ग्रामीण शिक्षा की दिशा में एक ठोस कदम

मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान के तहत ग्राम पंचायत नारायणपुर में पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन—ग्रामीण छात्रों में अध्ययन संस्कृति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और पंचायत स्तर पर शैक्षिक सशक्तिकरण की विस्तृत रिपोर्ट।

📝 सदानंद इंगिली की रिपोर्ट
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सिरोंचा—ग्रामीण विकास को केवल सड़क, पानी और बिजली तक सीमित न रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में ठोस पहल करने का एक सशक्त उदाहरण 24/12/2025 को देखने को मिला, जब ‘मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान’ के अंतर्गत ग्राम पंचायत नारायणपुर में पब्लिक लाइब्रेरी का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस लाइब्रेरी का उद्घाटन ग्राम पंचायत के उपसरपंच अशोक हरि के कर-कमलों से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ज़िला परिषद प्राइमरी स्कूल करसपल्ली और अमरावती के होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

यह आयोजन केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे गांव की शैक्षिक चेतना को जागृत करने और भविष्य की पीढ़ी को प्रतिस्पर्धात्मक दौर के लिए तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। ग्रामीण परिवेश में पब्लिक लाइब्रेरी की उपलब्धता आज भी एक बड़ी कमी रही है, ऐसे में नारायणपुर में यह पहल दूरगामी प्रभाव छोड़ने वाली मानी जा रही है।

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ग्रामीण शिक्षा को नई ऊर्जा

पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं। अब गांव में ही अध्ययन सामग्री, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकें, समाचार पत्र और संदर्भ ग्रंथ उपलब्ध होने से छात्रों में पढ़ने की आदत विकसित होगी।

गांव के बुजुर्गों और अभिभावकों का भी मानना है कि लाइब्रेरी केवल छात्रों के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगी। यहां किसान, युवा और महिलाएं भी उपयोगी पुस्तकों के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सामाजिक जागरूकता बढ़ेगी।

‘यह सिर्फ़ लाइब्रेरी नहीं, गांव की चमकदार सुबह है’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायत नारायणपुर की सचिव श्रीमती भारती मनोहर बैसारे ने कहा कि यह लाइब्रेरी केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं है, बल्कि गांव की तरक्की की एक चमकदार सुबह है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, पढ़ने की संस्कृति विकसित करने और इस संसाधन का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि गांव के छात्र यहीं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर आगे चलकर अधिकारी बनते हैं, तो यह पंचायत के लिए गर्व की बात होगी। शिक्षा के माध्यम से ही गांव की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदली जा सकती है।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान

उद्घाटन समारोह के दौरान ज़िला परिषद प्राइमरी स्कूल करसपल्ली और अमरावती के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाया और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। मंच से दिए गए संदेशों में यह स्पष्ट रूप से उभरा कि प्रतिभा को पहचानना और प्रोत्साहित करना ही स्वस्थ शैक्षिक वातावरण की नींव है।

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सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण

कार्यक्रम में गांव के नागरिक, ग्राम पंचायत कर्मचारी और शिक्षा से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत कर्मचारी सदानंद इंगिली (ऑपरेटर), आनंद अंबाला (शिपाई), मलय्या अटेला (पानी पुरवठा), संतोष चिटकाला (रोज़गार सेवक), हेडमास्टर कोडापे सर, आंगनवाड़ी सेविका बोलामपल्ली सुनीता सहित अनेक ग्रामीणों—नागराजू इंगिली, गट्टू चेम्माकारी, बापू भीमकरी, वेंकट रापेली, अशोक इंगिली, संपत कडेकरी, मधुकर इंगिली, तिरुपति नुसेटी, कोटेश दया, राजू इंगिली, मल्लेश अटेला, चेम्माकारी पोचम—की मौजूदगी ने आयोजन को सामुदायिक उत्सव का रूप दे दिया।

यह सहभागिता दर्शाती है कि जब पंचायत, प्रशासन और नागरिक एक साझा उद्देश्य के लिए साथ आते हैं, तो विकास योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई देती हैं।

पंचायत स्तर पर विकास की नई परिभाषा

‘मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान’ का उद्देश्य पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को गति देना है। नारायणपुर की यह पब्लिक लाइब्रेरी उसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जहां शिक्षा को केंद्र में रखकर विकास की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरियां विकसित की जाएं, तो ग्रामीण-शहरी शिक्षा अंतर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि समाज में वैचारिक समृद्धि भी आएगी।

भविष्य की राह

नारायणपुर की पब्लिक लाइब्रेरी आने वाले समय में अध्ययन केंद्र, मार्गदर्शन सत्र, पुस्तक चर्चा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कार्यक्रमों का केंद्र बन सकती है। यदि पंचायत द्वारा समय-समय पर नई पुस्तकों की उपलब्धता और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया गया, तो यह पहल लंबे समय तक सार्थक सिद्ध होगी।

कुल मिलाकर, यह उद्घाटन समारोह ग्रामीण भारत में शिक्षा आधारित विकास की उस उम्मीद को मजबूत करता है, जहां छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

नारायणपुर की पब्लिक लाइब्रेरी का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य ग्रामीण छात्रों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर संसाधन उपलब्ध कराना है।

इस लाइब्रेरी से किन लोगों को लाभ मिलेगा?

छात्रों के साथ-साथ गांव के युवा, किसान, महिलाएं और सामान्य नागरिक भी शैक्षिक व सूचनात्मक पुस्तकों से लाभान्वित होंगे।

‘मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान’ का मुख्य लक्ष्य क्या है?

इस अभियान का लक्ष्य पंचायतों को सशक्त बनाते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुसार शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।

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