ईसा मसीह के जन्म दिवस पर S.N.R.D. पब्लिक स्कूल में उल्लास, संगीत और भाईचारे का उत्सव

आजमगढ़ के सिधारी स्थित S.N.R.D. पब्लिक स्कूल में ईसा मसीह के जन्म दिवस पर आयोजित भव्य क्रिसमस कार्यक्रम की विस्तृत, एसईओ-अनुकूल और संग्रहणीय रिपोर्ट—बच्चों की प्रस्तुतियाँ, सांता क्लॉज का आगमन और प्रेम-सौहार्द का संदेश।

🖊️ जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

आजमगढ़। सिधारी स्थित S.N.R.D. पब्लिक स्कूल में बुधवार को ईसा मसीह के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य क्रिसमस कार्यक्रम ने विद्यालय परिसर को उत्साह, उमंग और मानवीय मूल्यों के रंगों से सराबोर कर दिया। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भर नहीं था, बल्कि बच्चों के माध्यम से प्रेम, करुणा, भाईचारे और सौहार्द का वह संदेश था, जिसकी आज के समाज को सर्वाधिक आवश्यकता है। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की मासूम प्रस्तुतियों से लेकर शिक्षकों और प्रबंधन के प्रेरक संबोधनों तक, पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहा।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत क्रिसमस गीतों और समूह नृत्यों से हुई। छोटे-छोटे बच्चों ने ईसा मसीह के जीवन से प्रेरित भावपूर्ण नृत्य, गीत और अभिनय के माध्यम से उनके त्याग, प्रेम और मानवता के संदेश को जीवंत कर दिया। बच्चों की वेशभूषा, उनके आत्मविश्वास से भरे चेहरे और तालबद्ध प्रस्तुतियाँ दर्शकों को भाव-विभोर कर रही थीं।

कक्षा के अनुसार तैयार किए गए चार्ट पेपर, चित्र और हस्तनिर्मित क्रिसमस ट्री बच्चों की रचनात्मकता का प्रमाण थे। किसी ने रंग-बिरंगे कागजों से क्रिसमस ट्री सजाया, तो किसी ने चार्ट पर ईसा मसीह के जन्म की कथा को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि विद्यालय में शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों की कल्पनाशीलता और संवेदनशीलता को भी बराबर महत्व दिया जाता है।

इसे भी पढें  टीबी उन्मूलन महाभियान आजमगढ़ : 264 मरीजों को अधिकारियों ने लिया गोद, मिल रही पोषण पोटली और सहायता

सांता क्लॉज के आगमन से बच्चों में उमड़ा उत्साह

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रतीक्षित क्षण वह था, जब सांता क्लॉज का विद्यालय परिसर में आगमन हुआ। जैसे ही सांता क्लॉज मंच पर पहुंचे, बच्चों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। तालियों की गड़गड़ाहट, बच्चों की खिलखिलाहट और उत्साह से पूरा परिसर गूंज उठा। कई विद्यार्थियों ने स्वयं भी सांता क्लॉज की पोशाक पहन रखी थी और उन्होंने अन्य बच्चों को उपहार वितरित कर आनंद साझा किया।

सांता क्लॉज का यह प्रतीकात्मक रूप बच्चों को देना, बांटना और दूसरों की खुशी में अपनी खुशी खोजने का संदेश देता है। उपहार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरों पर दिखी मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि ऐसे आयोजन उनके मन में सकारात्मक संस्कार रोपते हैं।

प्रबंधन का संदेश: प्रेम और भाईचारे की सीख

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक शिवम् तिवारी एवं प्रबंधक सत्य प्रकाश तिवारी ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि क्रिसमस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। ईसा मसीह का जीवन हमें सिखाता है कि निस्वार्थ सेवा, क्षमा और करुणा से ही समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।

इसे भी पढें  जनता का पैसा जनता के हवाले करना मेरी जिम्मेदारी : एमएलसी शाह आलम गुड्डू जमाली

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ईसा मसीह के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं—चाहे वह सत्य के मार्ग पर चलना हो, दूसरों की सहायता करना हो या समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखना हो। उनका कहना था कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि अच्छे और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है।

प्रधानाचार्य का प्रेरक संबोधन

विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप गुप्ता एवं जनार्दन गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि क्रिसमस एकजुटता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि विविधताओं से भरे समाज में प्रेम और सह-अस्तित्व ही सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में जब समाज कई चुनौतियों से जूझ रहा है, तब ईसा मसीह के विचार—क्षमा, सेवा और मानवता—और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। बच्चों को चाहिए कि वे इन मूल्यों को केवल मंच तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यवहार और सोच में उतारें।

शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता

इस सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। कार्यक्रम के संचालन से लेकर बच्चों की तैयारियों तक, हर स्तर पर समर्पण और टीमवर्क देखने को मिला। कार्यक्रम में शिक्षकगण साहब जां, राकेश यादव, विनय गिरी, मीना, नेहा, निशा, सोनाली, समीरा, सुनीता, सरिता, हर्षदीप, रचित, दुर्गा प्रसाद, अब्दुल मन्नान सहित समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

शिक्षकों ने न केवल बच्चों का मार्गदर्शन किया, बल्कि स्वयं भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का हिस्सा बने। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें यह महसूस हुआ कि उनका विद्यालय परिवार हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।

इसे भी पढें  इतना महंगा गिफ्ट ❓; पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को जन्मदिन से पहले करोड़ों का तोहफा चर्चा में

शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम

S.N.R.D. पब्लिक स्कूल में आयोजित यह क्रिसमस कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि विद्यालय किस प्रकार शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक समझ को भी समान महत्व देता है। ऐसे आयोजन बच्चों को न केवल मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें संवेदनशील, सहिष्णु और जिम्मेदार इंसान बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक शुभकामनाओं और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

S.N.R.D. पब्लिक स्कूल में क्रिसमस कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम ईसा मसीह के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में प्रेम, भाईचारे, सौहार्द और मानवीय मूल्यों को बच्चों के मन में स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों ने कौन-कौन सी प्रस्तुतियाँ दीं?
बच्चों ने समूह नृत्य, क्रिसमस गीत, चार्ट पेपर पर चित्र, हस्तनिर्मित क्रिसमस ट्री और सांता क्लॉज की भूमिका निभाते हुए उपहार वितरण किया।
विद्यालय प्रबंधन ने क्या संदेश दिया?
विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों से ईसा मसीह के आदर्शों—प्रेम, क्षमा, सेवा और सत्य—को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top