10 मिनट तक जिंदगी के लिए तड़पती रही छात्रा, आरोपी ने घर में घुसकर रेत दिया गला






लखनऊ में छात्रा की निर्मम हत्या: आरोपी ने घर में घुसकर गला रेत दिया

कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

मोहनलालगंज के धर्मावतखेड़ा गांव में बीएससी छात्रा प्रियांशी रावत की दर्दनाक हत्या

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के
धर्मावतखेड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया।
रविवार दोपहर 19 वर्षीय प्रियांशी रावत की घर में घुसकर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई।
यह पूरा मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसे दर्दनाक मोड़ का बयान है जिसमें एक लड़की
करीब 10 मिनट तक जिंदगी और मौत से जूझती रही, लेकिन न किसी को उसकी चीखें सुनाई दीं और न ही
जल्लादों जैसी निर्ममता दिखाने वाले आरोपी को जरा भी रहम आया।

घर में घुसा आरोपी, 100 मीटर पहले बाइक छोड़कर

घटना के समय घर में प्रियांशी और उसकी छोटी बहन महक ही मौजूद थीं। मां पूनम काम पर गई थीं।
महक के बयान के अनुसार, आरोपी आलोक रावत घर से लगभग 100 मीटर पहले बाइक खड़ी कर सीधे घर के अंदर घुस आया।
उसने प्रियांशी के बारे में पूछा और बातचीत के बहाने ऊपर चला गया।
कुछ ही पलों में उसने मौका पाकर धारदार हथियार से प्रियांशी का गला रेत दिया।

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लड़खड़ाती हुई दरवाज़े तक पहुंची, 10 मिनट तड़पती रही

गंभीर रूप से घायल प्रियांशी खून से लथपथ सीढ़ियों से लड़खड़ाती हुई नीचे उतरी।
वह घर के मुख्य दरवाजे तक पहुंची, जहां वह तड़पते हुए गिर पड़ी। महक चीखती रही, लेकिन पड़ोसी कुछ देर बाद पहुंचे।
करीब 10 मिनट तक प्रियांशी सांसों से लड़ती रही और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इसी बीच आरोपी बाइक लेकर फरार हो गया।

शादी टूटना बना हत्या की वजह?

परिजनों का कहना है कि प्रियांशी और आलोक के बीच शादी की बात चल रही थी। लेकिन आरोपी की
शराब पीने की आदत, हिंसक व्यवहार और अस्थिर स्वभाव के कारण लड़की के परिवार ने रिश्ता तोड़ दिया था।
आलोक रावत इस बात से बेहद नाराज़ था। शुरुआती जांच में भी यह सामने आया है कि टूटे हुए रिश्ते की जलन ही हत्या की मुख्य वजह हो सकती है।

पिता की मौत के बाद परिवार पहले से संघर्ष में था

तीन साल पहले प्रियांशी के पिता रमेश रावत की मृत्यु हो चुकी थी। घर की जिम्मेदारी मां पूनम और बड़ी बेटी प्रियांशी पर थी।
पड़ोसियों के अनुसार प्रियांशी पढ़ाई में तेज, शांत स्वभाव की और परिवार का सहारा थी।
उनकी मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

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पुलिस और फोरेंसिक की जांच, तीन टीमें गठित

सूचना मिलते ही अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वसंत कुमार और
सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने, हथियार के निशान और अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है।
परिजनों की तहरीर पर आलोक रावत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती तथ्य प्रेम-प्रसंग और रिश्ता टूटने के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं, लेकिन
सटीक कारण गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा।
आरोपी की तलाश में तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

गांव में तनाव, लोगों में आक्रोश

घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया है। बड़ी संख्या में लोग प्रियांशी के घर पर जुटे।
लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

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