चित्रकूट। जनपद की बुनियादी समस्याओं को लेकर 22 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन आज दूसरे दिन भी पूरे जोश, अनुशासन और अटूट संकल्प के साथ जारी रहा। शहीद स्मारक पार्क, एलआईसी तिराहा, कर्वी में चल रहे इस आंदोलन ने अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। इस संघर्ष का नेतृत्व युवा समाजसेवी रोहित सिंह पटेल कर रहे हैं, जिन्हें दिन-प्रतिदिन बढ़ता जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है।
जनसमर्थन ने आंदोलन को दी नई ऊर्जा
अनशन स्थल पर आज विभिन्न क्षेत्रों से आए क्रांतिकारी साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। लोगों ने न केवल अपनी भागीदारी दर्ज कराई, बल्कि आंदोलनकारियों के समर्थन में एकजुट होकर प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उपस्थित लोगों ने स्पष्ट कहा कि अब यह संघर्ष केवल कुछ मांगों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जनपद के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर उठी एकजुट आवाज
अनशनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से उपेक्षित इन समस्याओं ने अब गंभीर रूप ले लिया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी
आंदोलनकारियों ने प्रशासन को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अब जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार की अनदेखी को स्वीकार नहीं करेगी। यदि शीघ्र ही मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।
विकास के मुद्दों पर केंद्रित आंदोलन
यह आंदोलन केवल विरोध नहीं, बल्कि जनपद के समग्र विकास की दिशा में एक गंभीर प्रयास है। अनशनकारियों की मांग है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुचारू पेयजल व्यवस्था, नियमित विद्युत आपूर्ति, सड़कों का निर्माण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
सैकड़ों समर्थकों की मौजूदगी
इस अवसर पर समाजसेवी लवकुश कुमार भारती, युवा बसपा नेता सुनील सिंह पटेल, नंदलाल सिंह आजाद, आसपा जिलाध्यक्ष संजय गौतम, सिद्धार्थ कुंवर, धर्मेन्द्र कुमार, विनोद कुमार वर्मा, भास्कर, अजय चंचल रैपुरा, कुशल सिंह पटेल, भरत सिंह खडेहा, अवधेश कुमार वर्मा, हनुमान प्रसाद वर्मा, लक्ष्मण पटेल, रामावतार वर्मा, बुद्धविलाश बौद्ध, सुशीला वर्मा, चुनकी, मंजू देवी, रामनरेश वर्मा सहित सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे और आंदोलन को मजबूती प्रदान की।
जनआंदोलन बनने की ओर बढ़ता संघर्ष
दूसरे दिन ही जिस प्रकार लोगों का समर्थन बढ़ा है, उससे स्पष्ट है कि यह आंदोलन अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो स्थिति और व्यापक हो सकती है।
निष्कर्ष: उम्मीद और संघर्ष का संगम
चित्रकूट में चल रहा यह अनशन केवल विरोध नहीं, बल्कि उम्मीद का प्रतीक बन चुका है। यह उस जनचेतना का संकेत है, जो अब अपने अधिकारों के लिए मुखर हो रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया इस आंदोलन की दिशा और प्रभाव को तय करेगी।
यह अनशन क्यों किया जा रहा है?
यह अनशन चित्रकूट की बुनियादी समस्याओं जैसे पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के समाधान के लिए किया जा रहा है।
इस आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस आंदोलन का नेतृत्व युवा समाजसेवी रोहित सिंह पटेल कर रहे हैं।
क्या आंदोलन को जनसमर्थन मिल रहा है?
हाँ, विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने आंदोलन में भाग लेकर समर्थन दिया है।




