उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर गोंडा जनपद के झंझरी विकासखंड स्थित वेंकटाचार क्लब में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम ने शासन की योजनाओं, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देशन में आयोजित इस आयोजन में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और लाभार्थियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मंच बना, बल्कि विकास योजनाओं की जमीनी तस्वीर भी सामने आई।
मुख्य अतिथि और औपचारिक शुभारंभ
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बैजनाथ रावत और गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) के अंतर्गत जनपद स्तरीय उद्यान विभाग द्वारा संपन्न कराया गया, जिसका उद्देश्य कृषि और बागवानी आधारित विकास को प्रोत्साहित करना रहा।
विभागीय स्टॉल और योजनाओं की जीवंत प्रस्तुति
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत कृषि, उद्यान, ओडीओपी, पशुपालन, स्वास्थ्य, मिशन शक्ति और माटीकला सहित विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। योजनाओं के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को सीधा संवाद और समाधान मिला।
लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और टूल किट वितरण
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को मंच से स्वीकृति पत्र, टूल किट और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह पहल केवल औपचारिकता नहीं रही, बल्कि इससे लाभार्थियों में आत्मविश्वास और सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ। कृषि और उद्यान विभाग द्वारा वितरित टूल किट्स ने स्वरोजगार और आयवृद्धि की संभावनाओं को रेखांकित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह की सांस्कृतिक संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाटक, लोक गायन-वादन और कठपुतली शो ने प्रदेश की लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों में शिक्षा, सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक साफ दिखाई दी।
ओडीओपी और ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना की झलक
कार्यक्रम में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के अंतर्गत स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल और ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर मिला, जिससे उन्हें बाजार से जुड़ने और पहचान बनाने में सहायता मिली। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्वीप कार्यक्रम और मतदाता जागरूकता
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत स्वीप कार्यक्रम को भी विशेष महत्व दिया गया। रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही मतदाता जागरूकता रैली के आयोजन का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे अधिक से अधिक नागरिक अपने मताधिकार के प्रति जागरूक और सक्रिय बन सकें।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में गोंडा गौरा विधानसभा के विधायक प्रभात वर्मा, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन, उपनिदेशक उद्यान देवीपाटन मंडल गीता त्रिवेदी, जिला उद्यान अधिकारी रश्मि वर्मा और अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे विकास और जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण बताया।
विकास, संस्कृति और सहभागिता का प्रतीक
कुल मिलाकर, गोंडा जनपद के झंझरी विकासखंड में आयोजित उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं का जीवंत मंच बना। प्रशासन और आमजन की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि विकास तभी सार्थक है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह कहां आयोजित किया गया?
यह समारोह गोंडा जनपद के झंझरी विकासखंड स्थित वेंकटाचार क्लब में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत समारोह के मुख्य अतिथि रहे।
कार्यक्रम में कौन-कौन से विभाग शामिल हुए?
कृषि, उद्यान, ओडीओपी, पशुपालन, स्वास्थ्य, मिशन शक्ति और माटीकला सहित कई विभागों ने स्टॉल लगाए।
लाभार्थियों को क्या प्रदान किया गया?
लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, टूल किट और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।










