बसंत पंचमी और राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय भगवा दल का भव्य भंडारा आयोजन

आगरा के शस्त्रीपुरम में बसंत पंचमी और राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय भगवा दल द्वारा आयोजित भंडारे और सामूहिक पूजा में शामिल श्रद्धालु।

ब्रजकिशोर सिंह की रिपोर्ट
IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

बसंत पंचमी और राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय भगवा दल द्वारा आगरा में आयोजित भक्तिमय कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त संदेश देता नजर आया। शस्त्रीपुरम स्थित निखिल पेराडाइज के सामने श्री हनुमान जी मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, जय श्री राम के उद्घोष और विशाल भंडारे ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

शस्त्रीपुरम आगरा में श्रद्धा और आस्था का संगम

आगरा के शस्त्रीपुरम क्षेत्र में आयोजित यह कार्यक्रम शुक्रवार देर शाम आरंभ हुआ। बसंत पंचमी जैसे पावन पर्व और अयोध्या में राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और भावनात्मक दोनों ही दृष्टियों से विशेष बना दिया। मंदिर परिसर भगवा ध्वजों से सजा रहा और चारों ओर “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम का आयोजन निखिल पेराडाइज के समीप स्थित श्री हनुमान जी मंदिर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में राम भक्तों ने एकत्र होकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। यह दृश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि एक सामूहिक चेतना का प्रतीक था, जिसमें आस्था, अनुशासन और समर्पण एक साथ दिखाई दिए।

इसे भी पढें  उम्र के बंधन तोड़े : गीता और निखिल की अनोखी प्रेम कहानी, जिसने समाज की सोच को चुनौती दी

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से गूंजा मंदिर परिसर

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ रहा। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मान्यता है कि हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और समाज में सकारात्मकता, साहस तथा एकता का संचार करता है।

बसंत पंचमी के अवसर पर इस पाठ का विशेष महत्व रहा, क्योंकि यह पर्व ज्ञान, संस्कृति और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त हनुमान जी की आराधना ने इस आयोजन को और अधिक सार्थक बना दिया।

राम मंदिर के दो वर्ष: आस्था, संघर्ष और गौरव का प्रतीक

इस अवसर पर राष्ट्रीय भगवा दल के प्रमुख पदाधिकारी अमोल दीक्षित ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करोड़ों हिंदुओं की आस्था, विश्वास और सदियों लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक विजय है। उन्होंने कहा कि मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होना केवल एक कालखंड नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।

अमोल दीक्षित ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि प्रभु श्री राम के आदर्श—मर्यादा, त्याग, न्याय और करुणा—आज के समाज के लिए पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। हनुमान चालीसा का पाठ हमें न केवल भक्ति से जोड़ता है, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव की भावना को भी सुदृढ़ करता है।

विशाल भंडारे में सेवा और समर्पण की झलक

कार्यक्रम के अंतर्गत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा केवल भोजन वितरण का माध्यम नहीं था, बल्कि सेवा, समानता और सामाजिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण भी बना।

इसे भी पढें  रुतबा धरा का धरा रह गया :जेल की ठंडी फर्श पर कट गई पूर्व IPS की पहली रातलगातार लिखते रहने से जेल अधिकारी चिंता में

सेवा कार्य में संगठन के कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ सहभागिता की। बिना किसी भेदभाव के सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया, जिससे कार्यक्रम की सामाजिक संवेदना और भी प्रबल होकर सामने आई।

कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन में राष्ट्रीय भगवा दल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अमोल दीक्षित के साथ शशिकांत शर्मा, रवि सोनी, विवेक मिश्रा, वंश शर्मा, विजय बघेल, आयुष अग्निहोत्री, मनोज, विशाल, तरूण जुम्मानी, नवीन शर्मा, दीपक, राजीव तथा मीडिया प्रभारी परमिंदर व्यास सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यकर्ताओं की यह सहभागिता इस बात का प्रमाण रही कि संगठन न केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित है, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

बसंत पंचमी: सांस्कृतिक चेतना और नई शुरुआत का पर्व

बसंत पंचमी को भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान प्राप्त है। यह पर्व ज्ञान, विद्या और नवचेतना का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इस पर्व का आयोजन एक सांस्कृतिक संदेश भी देता है—कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक संवाद, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता के सशक्त माध्यम भी बनते हैं।

इसे भी पढें  जब नाम हथियार बनें, चुप्पी टूटेहरियाणा में गौ रक्षा की अगली कतार

समाज में एकता और समरसता का संदेश

पूरे आयोजन के दौरान जिस अनुशासन, सौहार्द और भाईचारे का प्रदर्शन हुआ, उसने यह सिद्ध किया कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। विभिन्न आयु वर्ग और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोगों की सहभागिता ने इस कार्यक्रम को और अधिक व्यापक बना दिया।

राष्ट्रीय भगवा दल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम आने वाले समय में भी समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला उदाहरण माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बसंत पंचमी और राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय भगवा दल ने क्या आयोजन किया?

राष्ट्रीय भगवा दल ने आगरा के शस्त्रीपुरम में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया।

यह कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?

कार्यक्रम निखिल पेराडाइज के सामने शस्त्रीपुरम आगरा स्थित श्री हनुमान जी मंदिर में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

कार्यक्रम का उद्देश्य राम मंदिर के दो वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाना, धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करना और समाज में एकता व समरसता का संदेश देना था।

इस आयोजन में कौन-कौन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे?

अमोल दीक्षित, शशिकांत शर्मा, रवि सोनी, विवेक मिश्रा, वंश शर्मा, विजय बघेल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हनुमान चालीसा पाठ का क्या महत्व बताया गया?

हनुमान चालीसा पाठ को समाज में सकारात्मकता, साहस और प्रभु श्री राम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देने वाला बताया गया।

पत्नी के शव के टुकड़ों को रोज जलाने वाला पति अरेस्ट मामले में झांसी के घर, नीला बक्सा, आरोपी दंपती और पुलिस कार्रवाई की सांकेतिक तस्वीर।
झांसी में प्रीति मर्डर केस: नीले बक्से में मिले जले अवशेष, आरोपी पति-पत्नी की तस्वीरें और पुलिस जांच से जुड़ा घटनास्थल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top