मतदाता जागरूकता रैली ने दिया लोकतंत्र की मजबूती का संदेश

जागरूकता रैली में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल भाषण देवरिया में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित मतदाता जागरूकता रैली में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल भाषण देतीं, रैली का नेतृत्व करतीं और नव मतदाताओं को एपिक कार्ड वितरित करतीं

इरफान अली लारी की रिपोर्ट
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मतदाता जागरूकता रैली लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का वह सार्वजनिक माध्यम है, जो नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जनपद देवरिया में आयोजित इस मतदाता जागरूकता रैली ने न केवल मतदान के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि समाज के हर वर्ग को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का स्पष्ट संदेश भी दिया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर लोकतांत्रिक चेतना का प्रदर्शन

24 जनवरी को आयोजित यह कार्यक्रम 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की मूल भावना—सजग नागरिक, सशक्त लोकतंत्र—को व्यवहार में उतारने का प्रयास था। रैली का शुभारंभ राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर से हुआ, जहां से लोकतंत्र की मजबूती का संदेश पूरे नगर में गूंजा। इस अवसर पर प्रशासनिक, शैक्षिक और सामाजिक सहभागिता एक साझा मंच पर दिखाई दी।

जिलाधिकारी का संदेश: मतदान लोकतंत्र की आत्मा

रैली को हरी झंडी दिखाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। प्रत्येक पात्र नागरिक का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करे। उन्होंने विशेष रूप से युवा मतदाताओं से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं, क्योंकि देश की दिशा और दशा तय करने में उनकी भूमिका निर्णायक होती है।

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विभिन्न वर्गों की सहभागिता ने रैली को बनाया व्यापक

इस मतदाता जागरूकता रैली में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हाथों में तख्तियाँ और पोस्टर लिए प्रतिभागी लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर रहे थे।

‘पहले मतदान, फिर जलपान’, ‘मेरा वोट, मेरी ताकत’, ‘लोकतंत्र की यही पुकार—मतदान करें हर बार’ जैसे नारों ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। यह दृश्य स्पष्ट करता था कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब आम नागरिक उसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

नगर भ्रमण के साथ जागरूकता का विस्तार

रैली जीआईसी से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट, पोस्टमार्टम चौराहा और जलकल रोड होते हुए पुनः जीआईसी ग्राउंड पहुंची। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रैली ने राहगीरों और दुकानदारों को भी मतदान के महत्व पर सोचने के लिए प्रेरित किया। यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि चलती-फिरती लोकतांत्रिक पाठशाला बन गया।

मतदाता शपथ और एपिक कार्ड वितरण

रैली के समापन के बाद आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को मतदाता शपथ दिलाई गई। इस शपथ के माध्यम से सभी ने यह संकल्प लिया कि वे हर चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन से दूर रहेंगे।

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इस अवसर पर नव पंजीकृत मतदाताओं को एपिक कार्ड वितरित किए गए। यह क्षण विशेष रूप से युवाओं के लिए गर्व और जिम्मेदारी का प्रतीक था, क्योंकि लोकतंत्र में उनकी औपचारिक भागीदारी का यह पहला कदम था।

उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान

मतदाता जागरूकता अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके प्रयासों की सराहना थी, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया प्रभावशाली संदेश

कार्यक्रम को जीवंत बनाने के लिए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा मतदाता जागरूकता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने शत-प्रतिशत मतदान का संदेश अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ सराहा।

जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की नींव

अपने उद्बोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होता है। जब नागरिक सोच-समझकर, निष्पक्ष और निर्भीक होकर मतदान करता है, तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था सही अर्थों में जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बन पाती है।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे न केवल स्वयं मतदान करें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। लोकतंत्र की मजबूती सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

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प्रशासनिक समन्वय से सफल आयोजन

इस मतदाता जागरूकता रैली के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों का सराहनीय सहयोग रहा। सभी के संयुक्त प्रयासों से यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता न रहकर लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त उदाहरण बन सका।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मतदाता जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य क्या है?

मतदाता जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके मतदान अधिकार और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है, ताकि नागरिकों को लोकतंत्र में मतदान के महत्व और उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया जा सके।

युवाओं के लिए मतदान क्यों महत्वपूर्ण है?

युवा मतदाता देश का भविष्य तय करते हैं। उनके मत से नीतियां, नेतृत्व और विकास की दिशा निर्धारित होती है, इसलिए उनका मतदान लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


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