चीफ वॉर्डन द्वारा MBBS डॉक्टर की पिटाई की यह घटना केवल एक व्यक्तिगत टकराव भर नहीं रह गई, बल्कि संस्थागत संवेदनशीलता, छात्र-सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे व्यापक सवालों को सामने ले आई है। हॉस्टल के भोजन और पानी की गुणवत्ता पर शिकायत करने पहुंचे इंटर्न डॉक्टर के साथ हुई कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही परिसर में तनाव फैल गया और सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए।
शिकायत से शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा मामला
घटना के अनुसार, एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर इंटर्नशिप कर रहे डॉ. प्रशांत प्रभाकर विश्वास हॉस्टल में परोसे जा रहे भोजन और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर चीफ वॉर्डन से शिकायत करने पहुंचे थे। आरोप है कि शिकायत सुनते ही चीफ वॉर्डन रोहित सिंह उग्र हो गए और बातचीत देखते-ही-देखते हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो में लाठी-डंडों का प्रयोग दिखने का दावा किया जा रहा है, जबकि लोहे की रॉड से किए गए हमले में डॉक्टर का सिर फटने और गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, छात्रों में आक्रोश
मारपीट के कई वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। वीडियो सामने आते ही कॉलेज परिसर में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कक्षाओं से लेकर हॉस्टल परिसर तक हंगामे का माहौल बन गया।
छात्रों के आरोप: महंगी फीस, सुविधाओं पर समझौता
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि भारी-भरकम फीस वसूलने के बावजूद हॉस्टल में स्वच्छता, पौष्टिक भोजन और सुरक्षित पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जाती है। छात्रों का कहना है कि शिकायत करने पर प्रबंधन दबाव बनाता है और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति अपनाई जाती है। उनका दावा है कि यह पहली बार नहीं है जब कॉलेज विवादों में घिरा हो; इससे पहले भी व्यवस्थागत खामियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
पुलिस पहुंची, दो घंटे बाद संभली स्थिति
छात्रों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ सिटी संगम कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने छात्रों से संवाद कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद प्रबंधन और पुलिस के आश्वासन पर स्थिति नियंत्रित हुई।
प्रबंधन की पहल, चेयरपर्सन ने दिया आश्वासन
संवेदनशील हालात को देखते हुए कॉलेज की चेयरपर्सन एवं डायरेक्टर डॉ. मधुलिका सिंह तत्काल परिसर में पहुंचीं। उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से छात्रों से संवाद किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। छात्रों की प्रमुख मांग—आरोपी चीफ वॉर्डन को तत्काल हटाने—पर प्रबंधन ने सहमति जताई और नए वार्डन की नियुक्ति की घोषणा की।
‘मैं सभी छात्रों की मां समान हूं’—डॉ. मधुलिका सिंह
डॉ. मधुलिका सिंह ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कॉलेज से बर्खास्त किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और परिसर में अनुशासन व सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
घायल डॉक्टर का इलाज, पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया
कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह के अनुसार घायल इंटर्न डॉक्टर को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। उनके सिर पर गंभीर चोट के कारण रक्तस्राव हुआ, जबकि पीठ और कंधे पर भी चोटें दर्ज की गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित की तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
एक घटना, कई सवाल: संस्थानों की जवाबदेही पर बहस
चीफ वॉर्डन द्वारा MBBS डॉक्टर की पिटाई का यह मामला मेडिकल शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, शिकायत निवारण तंत्र और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। क्या शिकायत करना अपराध बन गया है? क्या महंगी फीस के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी स्वीकार्य है? इन सवालों के जवाब पारदर्शी जांच और ठोस कार्रवाई से ही मिल सकते हैं।










