खैराबाद SIR मतदाता सूची पर उठे सवाल, प्रशासन तक पहुँची सामूहिक आपत्ति

खैरागढ़ में SIR मतदाता सूची को लेकर प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज करते नागरिकों की प्रतीकात्मक तस्वीर

विवेक शुक्ला की रिपोर्ट
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खैराबाद SIR मतदाता सूची को लेकर नगर में असमंजस और आशंका के बीच एक संगठित सामाजिक पहल सामने आई है। वार्ड स्तर पर मतदाता नामों को लेकर उठ रही आपत्तियों और शिकायतों के संदर्भ में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष औपचारिक आवेदन प्रस्तुत कर प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है।

प्रशासन के समक्ष रखा गया पक्ष

खैराबाद मुस्लिम समाज अध्यक्ष एवं समाज के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा 21 जनवरी को एसडीएम खैराबाद तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (73) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन में यह उल्लेख किया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कुछ वार्डों में मतदाताओं के नाम काटने को लेकर कथित रूप से फर्जी और आधारहीन शिकायतें की जा रही हैं, जिससे वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।

पीढ़ियों से निवास का दावा

आवेदन में समाज की ओर से स्पष्ट किया गया कि संबंधित मतदाता वर्षों नहीं, बल्कि पीढ़ियों से खैरागढ़ नगर और उसके विभिन्न वार्डों में निवासरत हैं। उनके पास निवास, पहचान और मतदाता पंजीकरण से जुड़े सभी आवश्यक और वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं। इसके बावजूद यदि खैरागढ़ SIR मतदाता सूची के नाम पर बिना समुचित जांच नाम विलोपित किए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक त्रुटि होगी, बल्कि संवैधानिक अधिकारों पर भी प्रश्नचिह्न लगाएगी।

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फर्जी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग

समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी मांग रखी कि मतदाता सूची से नाम कटवाने के उद्देश्य से की जा रही कथित फर्जी शिकायतों की जांच कराई जाए और यदि शिकायतें असत्य पाई जाती हैं, तो ऐसे शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती हैं और सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।

निर्वाचन अधिकारियों का आश्वासन

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि इस तरह के सभी आवेदनों की समुचित जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त आधार और ठोस दस्तावेजी प्रमाण के किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से विलोपित न किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि आवेदकों को प्रक्रिया की स्थिति और निर्णय के संबंध में नियमानुसार जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

मतदाता सूची और लोकतंत्र का संबंध

विशेषज्ञों के अनुसार मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ होती है। खैराबाद SIR मतदाता सूची जैसी प्रक्रियाओं का उद्देश्य अपात्र या फर्जी नामों की पहचान करना होता है, न कि वास्तविक और लंबे समय से निवासरत नागरिकों को सूची से बाहर करना। यदि शिकायतों की सत्यता की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो यह पूरी प्रक्रिया अपने मूल उद्देश्य से भटक सकती है।

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वार्ड स्तर पर बढ़ती चिंता

नगर के विभिन्न वार्डों में मतदाता नाम कटने की आशंका को लेकर नागरिकों में चिंता देखी जा रही है। बार-बार कार्यालयों के चक्कर, दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनिश्चित प्रक्रिया और स्पष्ट सूचना के अभाव में आम मतदाता मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस विषय में संवेदनशीलता और पारदर्शिता दोनों बनाए रखनी चाहिए।

अंतिम सूची पर टिकी निगाहें

प्रशासनिक स्तर से मिले आश्वासन के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खैराबाद SIR मतदाता सूची की अंतिम सूची तैयार करते समय कितनी सतर्कता बरती जाती है। नागरिकों को उम्मीद है कि वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहेंगे और किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई से बचा जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

खैराबाद SIR मतदाता सूची क्या है?

यह विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची है, जिसका उद्देश्य मतदाता रिकॉर्ड को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

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क्या बिना दस्तावेज किसी का नाम हटाया जा सकता है?

नहीं, निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार बिना पर्याप्त आधार और दस्तावेजी प्रमाण के नाम विलोपित नहीं किया जा सकता।

फर्जी शिकायत की स्थिति में क्या होगा?

यदि जांच में शिकायत फर्जी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

मतदाता को समस्या होने पर कहाँ संपर्क करें?

मतदाता अपने संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या एसडीएम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।


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