‘ये G कौन है?’ जी, टैटू से जन्मे शक ने ली 24 साल छोटी पत्नी की जान, वाराणसी में रिश्ते का खौफनाक अंत

वाराणसी में टैटू को लेकर हुए शक के कारण पत्नी की हत्या, हाथ पर बने अक्षर बने जांच का सुराग।

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सामने आया यह मामला न सिर्फ एक हत्या की कहानी है, बल्कि वह आईना भी है जिसमें शक, शराब, आपराधिक मानसिकता और पितृसत्तात्मक सोच की विकृत परछाईं साफ दिखाई देती है। एक साधारण सा टैटू—एक अक्षर—और उसी से उपजा शक, आखिरकार एक महिला की जिंदगी का अंत बन गया।

वाराणसी जिले में 48 वर्षीय ऑटो चालक प्रदीप मिश्रा ने अपनी 24 वर्ष छोटी पत्नी लक्ष्मी मिश्रा की निर्मम हत्या कर दी। वजह—पत्नी के हाथ पर गुदा हुआ ‘G’ अक्षर, जिसे वह किसी अन्य पुरुष से जोड़कर देख रहा था। पत्नी द्वारा बार-बार दी गई सफाई, रिश्ते की सच्चाई और परिवार के हस्तक्षेप के बावजूद उसका शक खत्म नहीं हुआ।

शक, शराब और हिंसा—एक खतरनाक मेल

जानकारी के अनुसार, प्रदीप मिश्रा न केवल शराब का आदी था, बल्कि उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। चोलापुर और चौबेपुर थानों में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (307) सहित सात से अधिक मुकदमे दर्ज थे। ऐसे में घर के भीतर उसका व्यवहार लगातार संदेह और हिंसा से भरा रहता था।

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लक्ष्मी के दोनों हाथों में टैटू बने थे—एक हाथ में ‘P’ और ‘L’, जबकि दूसरे हाथ में ‘G’ और ‘L’। प्रदीप का आरोप था कि ‘G’ किसी और पुरुष का संकेत है। जबकि लक्ष्मी बार-बार समझाती रही कि ‘G’ उसके पति के घरेलू नाम ‘गुड्डू’ का ही संक्षिप्त रूप है।

19 दिसंबर की रात, जब शक ने हत्या का रूप लिया

19 दिसंबर को प्रदीप अपनी बहन के घर चंदवक (जौनपुर) आया हुआ था। वहीं लक्ष्मी भी मौजूद थी। देर रात एक बार फिर वही सवाल उठा—“ये G कौन है?” इस बार बहस तेज हो गई। बहन ने हस्तक्षेप कर झगड़ा शांत कराया, लेकिन प्रदीप के मन में उबलता शक थमा नहीं।

पुलिस पूछताछ में प्रदीप ने कबूल किया कि रात करीब 11 बजे वह पत्नी को चाय पिलाने के बहाने बाहर ले गया। रास्ते में ही उसने हत्या की योजना बना ली। दानगंज के पास ऑटो रोककर पहले मफलर से गला घोंटा, फिर सीमेंटेड पत्थर से सिर कुचल दिया। पहचान छुपाने के लिए चेहरे को बुरी तरह बिगाड़ा गया और शव को सूखे बाजरे के ढेर में छुपा दिया गया।

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टैटू बना हत्या की गुत्थी सुलझाने का सुराग

कुछ समय बाद ग्रामीणों ने एक अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। यह मामला पुलिस के लिए ब्लाइंड केस था, लेकिन मृतका के हाथों पर बने टैटू निर्णायक सुराग साबित हुए। पुलिस ने टैटू के आधार पर गुमशुदा महिलाओं की तलाश शुरू की।

जल्द ही पता चला कि लक्ष्मी मिश्रा लापता है और उसके हाथों पर ठीक वैसे ही टैटू बने हैं। जब पुलिस प्रदीप तक पहुंची, तो वह फरार मिला। सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर उसे चोलापुर के महमूदपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।

आपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रदीप मिश्रा एक हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 238 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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यह हत्या सिर्फ अपराध नहीं, एक सामाजिक चेतावनी

यह मामला केवल एक पति द्वारा पत्नी की हत्या नहीं है। यह उस मानसिकता की भयावह परिणति है, जहां शक, पुरुष वर्चस्व और हिंसा को ‘अधिकार’ समझ लिया जाता है। एक महिला की पहचान, उसकी देह और उसके निर्णय पर संदेह करना—और फिर उसे खत्म कर देना—यह समाज के लिए गहरी चेतावनी है।

❓ वाराणसी पत्नी हत्या मामला: आपके सवाल

पति ने पत्नी की हत्या क्यों की?

पत्नी के हाथ पर बने ‘G’ टैटू को लेकर पति को शक था, जिसे वह किसी अन्य पुरुष से जोड़ रहा था।

क्या आरोपी पहले से अपराधों में शामिल था?

हां, आरोपी प्रदीप मिश्रा एक हिस्ट्रीशीटर था और उस पर 307 सहित सात से अधिक मुकदमे दर्ज थे।

पुलिस ने हत्या की पहचान कैसे की?

मृतका के हाथों पर बने टैटू पुलिस के लिए अहम सुराग बने, जिससे उसकी पहचान हो सकी।

मामले में कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 238 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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