कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक और चुनावी हलचल अब साफ़ तौर पर ज़मीन पर दिखने लगी है। वर्ष 2026 की शुरुआत में संभावित अप्रैल–मई माह में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से जुड़ी सबसे अहम प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में 23 दिसंबर को प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों की अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जा रही है। यह सूची आगामी पंचायत चुनाव की नींव मानी जा रही है, क्योंकि इसी के आधार पर ग्रामीण लोकतंत्र की दिशा तय होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के अनुसार, इस बार मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने से लेकर मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने तक—हर स्तर पर गहन सत्यापन किया गया है। आयोग का दावा है कि इस बार की मतदाता सूची पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और अद्यतन होगी।
23 दिसंबर को प्रकाशित होगी अनंतिम मतदाता सूची
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। इसके तहत प्रदेश भर में 1 करोड़ 81 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए हैं, जबकि 1 करोड़ 41 लाख मतदाताओं के नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए हैं। इन हटाए गए नामों में मृत मतदाता, गांव से स्थायी रूप से बाहर चले गए लोग और डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल हैं।
पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार कुल मतदाताओं की संख्या में करीब 40.19 लाख की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आयोग का मानना है कि यह बढ़ोतरी ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि, युवाओं की नई भागीदारी और सत्यापन प्रक्रिया के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है। अनंतिम मतदाता सूची 23 दिसंबर को ऑफ़लाइन के साथ-साथ ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग उसका निरीक्षण कर सकें।
24 से 30 दिसंबर तक निरीक्षण और आपत्ति का अवसर
अनंतिम सूची के प्रकाशन के बाद मतदाताओं को 24 दिसंबर से 30 दिसंबर तक का समय दिया जाएगा, जिसमें वे सूची का गहन निरीक्षण कर सकेंगे। यदि किसी मतदाता को यह लगता है कि वह पात्र होने के बावजूद सूची से बाहर कर दिया गया है, या उसके नाम, पता, उम्र, लिंग जैसी जानकारियों में कोई त्रुटि है, तो वह निर्धारित अवधि के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है।
आपत्ति दर्ज कराने के लिए संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर), पंचायत सचिव, विकासखंड कार्यालय या अन्य अधिकृत चुनाव अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। आपत्ति के साथ पहचान और निवास से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जांच सही पाए जाने पर संबंधित प्रविष्टि में सुधार किया जाएगा।
1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं को मिलेगा मौका
इस बार मतदाता सूची पुनरीक्षण में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय बताई जा रही है। आयोग के अनुसार, 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के 1 करोड़ 5 लाख से अधिक युवा नए मतदाता के रूप में सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें से 15.71 लाख ऐसे युवा हैं, जिन्होंने 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी की है या करेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही युवा मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे, जिनकी आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो रही है। इससे पहले या बाद में 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह व्यवस्था मतदाता सूची की वैधानिक शुचिता बनाए रखने के लिए की गई है।
गलती से कटे नामों के लिए विशेष राहत
यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से कट गया है, तो उसके लिए भी आयोग ने स्पष्ट व्यवस्था की है। ऐसे मतदाता 30 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद यदि दावा सही पाया जाता है, तो मतदाता का नाम पुनः सूची में जोड़ दिया जाएगा।
📌 सवाल–जवाब
अनंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि क्या है?
30 दिसंबर तक मतदाता आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 फरवरी को अंतिम सूची जारी होगी।







