धूमधाम से हुई गोवर्धन पूजा, कामां में निभाई गई वर्षों पुरानी परंपरा

हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

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कामां (भरतपुर)। देहली गेट स्थित सैनी चौक में आज गोवर्धन पूजा पर्व पर श्रद्धा और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार 33 परिवारों ने सामूहिक रूप से गोवर्धन पूजा का आयोजन करते हुए इस धार्मिक उत्सव को धूमधाम से मनाया।

इन परिवारों द्वारा कामां का संभवतः सबसे बड़ा गोवर्धन पर्वत बनाया गया, जिसकी पूजा सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मिलकर की। पूजा के दौरान चूरमा, दाल, खील, बतासे, फूल, धूप, दीप, अगरबत्ती आदि से भगवान गोवर्धन का भव्य पूजन संपन्न हुआ।

33 परिवारों में प्रमुख रूप से पूर्व पार्षद ब्रज लाल सैनी, शिवराम सैनी, सर्वेश सैनी एडवोकेट, नानगा राम सैनी, ज्ञानी सैनी (DJ), सुंदर मास्टर, योगेश, चेतराम सैनी, सोनू सैनी, बाबू, तुलसी, निरंजन, चरण, करन, रूप चंद, अनुज, मुकेश, फूल सिंह, रतन बुगल, विजेंद्र (DJ), रामस्वरूप (DJ), अमित टेलर बंगाली सहित अनेक परिवारों ने भाग लिया।

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इस अवसर पर रामलाल सैनी का परिवार जयपुर से और श्याम लाल सैनी का परिवार अहमदाबाद से विशेष रूप से कामां पहुंचा। सभी ने मिलकर पूजा-अर्चना की और प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों द्वारा रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी की गई, जिससे वातावरण उल्लासमय हो उठा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सामूहिक उत्सव की परंपरा कई दशकों से जारी है और यह किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का पर्व बन चुका है।


सामूहिक गोवर्धन पूजा के मुख्य आकर्षण:

  • कामां का सबसे बड़ा गोवर्धन पर्वत बनाया गया।
  • सैंकड़ों लोगों ने चूरमा-दाल, खील, बतासे से पूजन किया।
  • जयपुर और अहमदाबाद से परिवारों की विशेष उपस्थिति रही।
  • शानदार आतिशबाज़ी व प्रसाद वितरण से वातावरण उल्लासित हुआ।

❓ सवाल-जवाब (FAQ)

कामां में गोवर्धन पूजा कितने परिवारों ने की?

कामां के देहली गेट स्थित सैनी चौक में कुल 33 परिवारों ने सामूहिक रूप से गोवर्धन पूजा में भाग लिया।

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इस बार गोवर्धन पूजा का मुख्य आकर्षण क्या रहा?

इस बार कामां का सबसे बड़ा गोवर्धन पर्वत बनाया गया और जयपुर व अहमदाबाद से आए परिवारों की सहभागिता ने आयोजन की भव्यता बढ़ाई।

इस सामूहिक परंपरा की शुरुआत कब हुई?

स्थानीय लोगों के अनुसार, सैनी चौक में यह परंपरा कई दशकों से निरंतर चल रही है और इसे समाज की एकता का प्रतीक माना जाता है।

इस आयोजन की रिपोर्ट किसने दी?

यह रिपोर्ट स्थानीय संवाददाता हिमांशु मोदी द्वारा प्रस्तुत की गई है।

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