I Love Muhammad विवाद : कानपुर से उठी चिंगारी अब पूरे देश में, महाराजगंज और उन्नाव में भी तनाव

महाराजगंज में I Love Muhammad जुलूस रोकते पुलिस अधिकारी और सड़क पर जमा भीड़

अब्दुल मोबीन सिद्दीकी की रिपोर्ट

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I Love Muhammad विवाद कैसे शुरू हुआ?

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 5 सितंबर को I Love Muhammad विवाद की शुरुआत हुई थी। बरवाफत के जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने “I Love Muhammad” लिखे लाइट बोर्ड और बैनर लगाए। दूसरी तरफ हिंदू पक्ष ने इसका विरोध किया और इसे नई परंपरा की शुरुआत बताया।

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इस दौरान दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप चले। मुस्लिम समाज ने आरोप लगाया कि हिंदू पक्ष ने उनके बैनर और पोस्टर फाड़ दिए। वहीं, हिंदू पक्ष का कहना था कि धार्मिक आयोजन में इस तरह के नए प्रतीक लाना विवाद पैदा करने जैसा है। हालांकि पुलिस ने मौके पर दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया, लेकिन मामला थमा नहीं।

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महाराजगंज में I Love Muhammad जुलूस रोकते पुलिस अधिकारी और सड़क पर जमा भीड़
महाराजगंज में बिना परमिशन निकाले जा रहे I Love Muhammad जुलूस को पुलिस ने रोका, मौके पर तनाव।

यहीं से I Love Muhammad विवाद की चिंगारी उठी और धीरे-धीरे यह मामला कानपुर से बाहर निकलकर दूसरे जिलों और फिर पूरे देश में फैल गया।

 I Love Muhammad विवाद में पुलिस ने दर्ज किया केस

I Love Muhammad विवाद को लेकर महाराजगंज में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर पुलिस ने 4 नामजद और करीब 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

मुकदमा धारा 189 (2), 223 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि सार्वजनिक जगह पर इस तरह का आयोजन बिना प्रशासनिक अनुमति के नहीं किया जा सकता।

I Love Muhammad विवाद का देशव्यापी असर

कानपुर से शुरू हुआ यह विवाद अब कई शहरों में फैल चुका है। दिल्ली, लखनऊ, बनारस, आगरा और अन्य शहरों में भी मुस्लिम समाज I Love Muhammad के समर्थन में जुलूस निकाल रहा है।

हालांकि कई जगह पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाई और आयोजकों को चेतावनी दी है कि बिना परमिशन इस तरह के जुलूस निकाले गए तो कार्रवाई होगी।

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पुलिस की भूमिका और प्रशासन की सख्ती

हर जगह पुलिस की भूमिका बेहद अहम साबित हो रही है। कानपुर हो या महाराजगंज, पुलिस ने समय रहते सख्ती दिखाकर हालात काबू में किए।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक आयोजन या जुलूस के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। ऐसे में बिना परमिशन जुलूस निकालना कानून का उल्लंघन है।

I Love Muhammad विवाद से सबक

यह विवाद बताता है कि धार्मिक आयोजनों को लेकर संवेदनशीलता बरतना बेहद जरूरी है। किसी भी पक्ष को बिना अनुमति सार्वजनिक जगह पर शक्ति प्रदर्शन करने से बचना चाहिए।

साथ ही प्रशासन को भी चाहिए कि समय रहते ऐसे मामलों पर नजर रखे, ताकि माहौल बिगड़ने से पहले ही हालात पर काबू पाया जा सके।

I Love Muhammad विवाद कानपुर से शुरू होकर अब देशभर में फैल गया है। महाराजगंज और उन्नाव जैसे जिलों में पुलिस और भीड़ के बीच टकराव देखने को मिला। पुलिस ने जहां सख्ती दिखाते हुए गाड़ियां सीज कीं और एफआईआर दर्ज की, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिना अनुमति किसी भी तरह का जुलूस निकालने पर कार्रवाई होगी।

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यह विवाद अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन और सरकार इस मामले को किस तरह संभालते हैं।

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