सलेमपुर/देवरिया। जब सपनों को मेहनत की ठोस ज़मीन मिलती है, तो वे केवल पूरे नहीं होते—वे मिसाल बन जाते हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी लिखी है मानू बरवां, मरकड़ा (देवरिया) के होनहार छात्र मनीष यादव ने, जिन्होंने वर्ष 2026 में आयोजित प्रतिष्ठित IIT JAM (MS) परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 155 (AIR-155) प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
मनीष यादव की यह उपलब्धि एक दिन में हासिल नहीं हुई, बल्कि यह वर्षों की निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। एक साधारण परिवार से आने वाले मनीष ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को कभी धुंधला नहीं होने दिया।
उनके पिता रमेश यादव और माता कुश्मीरा यादव ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया, जबकि बहन सलोनी यादव ने भी उन्हें प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में उनका परिवार सुगही, सलेमपुर में निवास करता है, जहां आज इस सफलता की गूंज हर घर तक पहुंच रही है।
स्कूली शिक्षा से ही झलकने लगी थी प्रतिभा
मनीष की शैक्षणिक यात्रा सलेमपुर स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल से शुरू हुई, जहां उन्होंने कक्षा 4 से लेकर कक्षा 10 तक की शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2017 में उन्होंने हाईस्कूल परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
यह उपलब्धि उस समय ही यह संकेत दे चुकी थी कि मनीष आगे चलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे। उनके शिक्षकों का भी मानना था कि वह एक अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित विद्यार्थी रहे हैं।
उच्च शिक्षा में भी जारी रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन
हाईस्कूल के बाद मनीष ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। यहां भी उन्होंने अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी और अपने विषय में गहरी पकड़ विकसित की।
IIT JAM जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होता, लेकिन मनीष ने अपनी मेहनत और रणनीति से यह साबित कर दिया कि सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
विद्यालय में हुआ भव्य सम्मान समारोह
मनीष यादव की इस ऐतिहासिक सफलता पर सेंट जेवियर्स स्कूल, सलेमपुर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने उन्हें सम्मानित कर उनकी उपलब्धि को पूरे समुदाय के साथ साझा किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य वी. के. शुक्ल ने मनीष को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही मिष्ठान खिलाकर उनकी सफलता का उत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर मनीष की माता तथा उनके चाचा-चाची को भी सम्मानित किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सफलता केवल व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के त्याग और सहयोग का परिणाम होती है।
प्रधानाचार्य का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य वी. के. शुक्ल ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि “जो अभिभावक अपने बच्चों को सोशल मीडिया और सामाजिक कुसंगति से दूर रखते हैं, उनके बच्चे निश्चित रूप से जीवन में बड़ी सफलताएं प्राप्त करते हैं।”
उन्होंने मनीष की सफलता को एक उदाहरण बताते हुए कहा कि अनुशासन, ध्यान और सकारात्मक वातावरण किसी भी विद्यार्थी को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
प्रबंधन की ओर से शुभकामनाएं
विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. अभिनव नाथ तिवारी ने दूरभाष के माध्यम से मनीष यादव को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मनीष जैसे छात्र ही विद्यालय की असली पहचान होते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।
उपस्थित गणमान्य लोगों ने दी बधाई
सम्मान समारोह में गोपाल जी त्रिपाठी, जगदीश नाथ तिवारी, सोमनाथ तिवारी सहित विद्यालय के कई शिक्षकगण एवं मनीष के परिजन उपस्थित रहे। सभी ने मनीष की सफलता पर गर्व व्यक्त किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रेरणा बनता एक नाम
मनीष यादव की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
यह कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती।
निष्कर्ष: सपनों की उड़ान जारी
आज मनीष यादव का नाम केवल एक रैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक प्रेरणा बन चुका है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो किसी भी व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
सलेमपुर और देवरिया के लिए यह गर्व का क्षण है, और यह उम्मीद की जाती है कि मनीष आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर देश का नाम रोशन करेंगे।
❓ मनीष यादव ने कौन सी परीक्षा में सफलता प्राप्त की?
मनीष यादव ने IIT JAM 2026 (MS) परीक्षा में AIR-155 प्राप्त की है।
❓ मनीष यादव की प्रारंभिक शिक्षा कहां से हुई?
उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल, सलेमपुर से कक्षा 4 से 10 तक की शिक्षा प्राप्त की।
❓ सम्मान समारोह कहां आयोजित हुआ?
सेंट जेवियर्स स्कूल, सलेमपुर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
❓ मनीष यादव की सफलता का मुख्य संदेश क्या है?
उनकी सफलता यह दर्शाती है कि अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।




