सरस्वती पूजन समारोह में शिक्षा, संस्कृति और उल्लास का संगम
जी एम एकेडमी में सरस्वती पूजन समारोह का आयोजन सलेमपुर, देवरिया स्थित जी.एम. एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना के इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर ज्ञान, अनुशासन और संस्कार की चेतना से परिपूर्ण दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय परिवार की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
भव्य सजावट से सजा विद्यालय परिसर
सरस्वती पूजन समारोह के अवसर पर विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। पुष्पों, रंगीन सजावटी वस्तुओं और पारंपरिक अलंकरणों से सुसज्जित मंच पर विराजमान माँ सरस्वती की प्रतिमा श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही थी। वातावरण में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो रहा था, जिसने पूरे कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन
कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृत आचार्य पं. शुभम् मिश्र द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं स्वस्तिवाचन के साथ हुई। यजमान के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन किया। इसके पश्चात शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने विधिवत पूजा कर ज्ञान, विद्या और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

छात्र प्रस्तुतियों ने बाँधा समां
सरस्वती पूजा के अवसर पर छात्रों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं भजन ने सभी को भावविभोर कर दिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों पर तालियों की गूंज और “भारत माता की जय” के नारों से विद्यालय परिसर गूंज उठा।
प्रधानाचार्य का प्रेरणादायी संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि माँ सरस्वती की आराधना हमें केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, नैतिकता और संस्कारों को आत्मसात करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील इंसान बनाती है।
विज्ञान प्रदर्शनी ‘नोवा विस्टा’ का आमंत्रण
प्रधानाचार्य श्री द्विवेदी ने आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली विज्ञान प्रदर्शनी ‘नोवा विस्टा’ की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करेगी। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों और छात्रों को इस आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रारंभ
इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि जी एम एकेडमी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रजिस्ट्रेशन एवं नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विद्यालय प्रबंधन ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और संस्कार आधारित शिक्षण प्रणाली को अपनी पहचान बताया।
हवन एवं सामूहिक आहुति
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने प्रधानाचार्य के साथ हवन में आहुति दी। सामूहिक हवन ने आयोजन को और भी पावन बना दिया तथा सभी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
प्रसाद वितरण और सहभागिता
पूजन उपरांत सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद एवं मिष्ठान का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन और सौहार्द का वातावरण बना रहा।
शिक्षकों का सराहनीय योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक अखिलेश यादव के साथ दिलीप कुमार सिंह, श्वेता राज, एस. के. गुप्ता, आशुतोष तिवारी, प्रमोद कुमार, ज्ञानेंद्र मिश्र, आलोक तिवारी, आदित्य पांडेय, पुरंजय, साधना मिश्रा, खुशबू यादव, अंकिता मिश्रा, पंकज सहित अन्य शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा।
संस्कारयुक्त शिक्षा का सशक्त उदाहरण
कुल मिलाकर, जी एम एकेडमी में सरस्वती पूजन समारोह शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शिक्षा को श्रद्धा और संस्कृति से जोड़ा जाता है, तब वह समाज के निर्माण में सबसे मजबूत आधार बनती है।











