तरांव की धरती से शुरू हुई एक विचारधारा की कहानी… बाबा साहब की पहली प्रतिमा से लेकर संसद तक का सफर

🖊️ संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

चित्रकूट। इतिहास कभी शोर नहीं करता, वह चुपचाप अपनी जड़ें फैलाता है और समय आने पर एक विचारधारा के रूप में खड़ा हो जाता है। कुछ ऐसी ही कहानी चित्रकूट जिले के सदर ब्लाक कर्वी अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तरांव की है, जहां कभी एक प्रतिमा स्थापित हुई थी, और उसी के साथ एक विचार ने आकार लेना शुरू किया था। यह केवल एक मूर्ति नहीं थी, बल्कि वह एक चेतना का बीज थी, जिसने समय के साथ एक राजनीतिक और सामाजिक यात्रा को जन्म दिया।

🏛️ जब पहली बार तरांव में स्थापित हुई बाबा साहब की प्रतिमा

निवर्तमान सांसद एवं पूर्व मंत्री आरके सिंह पटेल ने उस ऐतिहासिक क्षण को याद करते हुए बताया कि ग्राम तरांव में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण बाबा रामधनी द्वारा किया गया था, जो उस समय आरपीआई से जुड़े थे। यह प्रतिमा चित्रकूट क्षेत्र में अपनी तरह की पहली प्रतिमा थी, जिसने पूरे इलाके में एक नई सामाजिक चेतना का संचार किया।

🌱 बहुजन विचारधारा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

आरके सिंह पटेल ने बताया कि उनका राजनीतिक जीवन भी इसी विचारधारा से प्रेरित होकर शुरू हुआ। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने बहुजन समाज पार्टी का दामन थामा और बाबा साहब अंबेडकर एवं मान्यवर कांशीराम की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद स्थापित करना और उन्हें जागरूक करना उस दौर में एक कठिन लेकिन जरूरी काम था।

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📱 तब संघर्ष था, आज साधन हैं

उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय संचार के साधन सीमित थे। न मोबाइल था और न ही सोशल मीडिया का सहारा। विचारधारा को फैलाने के लिए लोगों से सीधे संपर्क करना पड़ता था। आज के समय में तकनीक ने संवाद को आसान बना दिया है, लेकिन उस दौर का संघर्ष ही असली ताकत बना।

🚶‍♂️ गांव से संसद तक का सफर

आरके सिंह पटेल ने बताया कि बहुजन विचारधारा के साथ शुरू हुआ यह सफर उन्हें विधानसभा और फिर लोकसभा तक ले गया। उन्होंने बसपा से राजनीति की शुरुआत की, बाद में समाजवादी पार्टी से सांसद बने और फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर 2017 में मऊ मानिकपुर से विधायक और 2019 में बांदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया।

🏗️ प्रतिमाओं के कायाकल्प पर जोर

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बाबा साहब अंबेडकर और संत रविदास की प्रतिमाओं के कायाकल्प, बाउंड्री वॉल, चबूतरा निर्माण जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।

⚖️ राजनीतिक बयान और विरोधियों पर तंज

आरके सिंह पटेल ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सरकार द्वारा बाबा साहब और संत रविदास के सम्मान में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान बदलने के आरोप निराधार हैं।

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📅 आने वाले समय की योजनाएं

उन्होंने जानकारी दी कि चित्रकूट जिले में जल्द ही बाबा साहब अंबेडकर की तीन नई प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इनमें जिला पंचायत सभागार, अनुसूचित जाति छात्रावास और राजापुर क्षेत्र शामिल हैं। 14 अप्रैल 2026 को अंबेडकर जयंती के अवसर पर इनका अनावरण प्रस्तावित है।

💬 युवाओं के लिए संदेश

अंत में उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे महापुरुषों के आदर्शों को अपनाएं और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही समाज को आगे बढ़ाती है और यही विचारधारा उन्हें सड़क से संसद तक ले गई।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तरांव गांव का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

यहां चित्रकूट क्षेत्र में पहली बार बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी।

आरके सिंह पटेल का राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ?

उन्होंने बहुजन विचारधारा से प्रेरित होकर बसपा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।

क्या नई प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी?

हाँ, जिले में तीन नई प्रतिमाओं के स्थापना की योजना है, जिनका अनावरण 14 अप्रैल 2026 को होगा।

सरकार की क्या भूमिका बताई गई?

सरकार द्वारा प्रतिमाओं के कायाकल्प और जनकल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

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