ये झुनझुना लो और खेलते रहो — विधायक ने एसडीएम को क्यों थमाया खिलौना?

हरियाणा के गुहला-चीका में कांग्रेस विधायक द्वारा एसडीएम को झुनझुना देते हुए प्रशासनिक विवाद का दृश्य।

जोगिंदर सिंह की रिपोर्ट
IMG_COM_202603020511552780
previous arrow
next arrow

जब जनप्रतिनिधि और प्रशासन आमने-सामने हों, तब सवाल सिर्फ झुनझुने का नहीं होता—सवाल सत्ता, अधिकार और जवाबदेही का होता है। एक घटनाक्रम जिसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया।

ये झुनझुना लो और खेलते रहो — हरियाणा के कैथल जिले में सामने आया यह वाक्य अब केवल एक तंज नहीं रहा, बल्कि राजनीति और प्रशासन के बीच खिंची अदृश्य रेखा का प्रतीक बन गया है। कांग्रेस विधायक और एक युवा एसडीएम के बीच हुई तीखी बहस ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सीमाएं कौन तय करता है।

गुहला-चीका क्षेत्र से जुड़ा यह मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब कथित रूप से विधायक द्वारा एसडीएम को “झुनझुना” देने की घटना सामने आई। इसके बाद एसडीएम ने न केवल विरोध दर्ज कराया, बल्कि पूरे प्रकरण को कानूनी दायरे में ला दिया।

इसे भी पढें  हादसे के बाद जनता के बीच लौटे विधायक,संवाद और विकास से मजबूत कर रहे मऊ मानिकपुर की राजनीति

पूरा विवाद क्या है?

यह विवाद गुहला-चीका स्थित बीडीपीओ कार्यालय परिसर में पंचायत समिति की दुकानों के विस्तार से जुड़ा है। प्रशासन का दावा है कि विस्तार प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई, जबकि विधायक पक्ष इसे अवैध निर्माण बताता रहा है।

सोमवार को विधायक अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे और एसडीएम से सीधा जवाब मांगने लगे। बातचीत धीरे-धीरे बहस और फिर टकराव में बदल गई।

कैसे बढ़ा विधायक और एसडीएम के बीच टकराव?

विधायक का आरोप है कि रात के समय नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया जा रहा था और प्रशासन ने जानबूझकर अनदेखी की। वहीं एसडीएम का कहना है कि जांच पूरी होने तक उन्होंने कार्य रोक दिया था और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई थी।

“यह खिलौना लो और इससे खेलते रहो।” — कार्यालय परिसर में कही गई बात, जिसने विवाद को नई दिशा दे दी।

एसडीएम के इनकार के बाद कथित रूप से खिलौना फेंक दिया गया और नारेबाज़ी के बीच विधायक परिसर से चले गए।

इसे भी पढें  चौंकाने वाली खबर :अवध की खेतिहर पट्टी में आँकड़ों, दबावों और प्रशासनिक संतुलन की कठिन परीक्षा

एसडीएम ने शिकायत क्यों दर्ज कराई?

एसडीएम ने कैथल एसपी को शिकायत भेजते हुए विधायक पर आधिकारिक कार्य में बाधा डालने और बिना सबूत भ्रष्टाचार के आरोप लगाने का आरोप लगाया। साथ ही आपराधिक मानहानि का नोटिस भेजने की बात भी कही।

जांच रिपोर्ट में क्या कहा गया?

एसडीएम के अनुसार पंचायत समिति की दुकानों का मामला प्रक्रियागत था। विस्तार नियमों के तहत हुआ और आपत्तियां मिलने पर कार्य रोक दिया गया। जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंप दी गई है।

विधायक का पलटवार

विधायक ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, तो जनता का प्रतिनिधि सवाल कैसे न पूछे। उनके अनुसार “झुनझुना” वाला कथन प्रशासनिक उदासीनता पर व्यंग्य था।

यह टकराव क्या संकेत देता है?

यह मामला राजनीति बनाम प्रशासन की उस खाई को उजागर करता है, जहां जवाबदेही, सम्मान और अधिकार आपस में टकराते हैं। सवाल यह है कि क्या संस्थागत संतुलन सुरक्षित है?

इसे भी पढें  आजमगढ़ महोत्सव 2025:मंच, भीड़ और आवाज़—जहाँ एंकर अभय तिवारी बने उत्सव की धड़कन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

यह विवाद किस मुद्दे से जुड़ा है?

पंचायत समिति की दुकानों के कथित अवैध विस्तार से।

एसडीएम ने क्या कदम उठाया?

पुलिस में शिकायत और मानहानि नोटिस की प्रक्रिया शुरू की।

विधायक का पक्ष क्या है?

उनका कहना है कि प्रशासन ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं की।

इस मामले का असर क्या हो सकता है?

यह राजनीति-प्रशासन संबंधों पर नई बहस को जन्म दे सकता है।

ये झुनझुना लो और खेलते रहो</strong — यह घटना बताती है कि लोकतंत्र में शब्द भी कभी-कभी व्यवस्था से बड़ा सवाल बन जाते हैं।


हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव में स्थित बाबा जत्तीवाले की पावनस्थली और गद्दीनशीन बाबा सागर नाथ जी महाराज की अनवरत जलती धूनी का दृश्य।
छारा की धरती पर बाबा जत्तीवाले की पावनस्थली में गद्दीनशीन बाबा सागर नाथ जी महाराज की अनवरत प्रज्वलित धूनी, जहां सादगी, सेवा और आस्था जीवित परंपरा के रूप में आज भी सांस लेती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top