अवैध कब्जा कार्रवाई के तहत तहसील प्रशासन ने सरकारी अभिलेखों में बंजर दर्ज भूमि पर किए गए गैरकानूनी निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाया। 20 जनवरी 2026 की देर शाम हुई इस कार्रवाई में बुल्डोजर लगाकर पिलर, चारदीवारी और लोहे के गेट सहित पूरा अवैध ढांचा ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
📌 गाटा संख्या 329 पर था अतिक्रमण
राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिस भूमि पर निर्माण किया गया था, वह गाटा संख्या 329 के अंतर्गत आती है और सरकारी दस्तावेजों में बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद संबंधित व्यक्तियों द्वारा इस जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर निजी स्वामित्व जैसा स्वरूप देने का प्रयास किया गया।
📌 छह महीने पहले किया गया था निर्माण
प्रशासनिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि अवैध निर्माण हाल में नहीं, बल्कि लगभग छह महीने पहले किया गया था। जमीन पर पक्के पिलर खड़े कर दिए गए थे, चारों ओर चारदीवारी बनाई गई थी और प्रवेश के लिए लोहे का गेट भी लगाया गया था।
📌 शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद राजस्व विभाग ने नाप-जोख कर दस्तावेज़ों का मिलान किया, जिसमें जमीन के सरकारी होने की पुष्टि हुई। जांच पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।
📌 पुलिस मौजूदगी में शांतिपूर्ण कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्थानीय थाना पुलिस को मौके पर तैनात किया गया था। पुलिस की निगरानी में बुल्डोजर कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। तहसील स्तर के अधिकारी, लेखपाल मानवेंद्र, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।
📌 अवैध प्लॉटिंग पर जीरो टॉलरेंस
प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी बंजर, चरागाह और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में निर्माण हटाने के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
📌 कार्रवाई से गया सख्त संदेश
इस बुल्डोजर कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट संकेत गया है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा कर प्लॉटिंग करने वालों को अब राहत नहीं मिलेगी। प्रशासनिक सख्ती से अवैध कब्जाधारियों में चेतावनी का माहौल बना है।
📌 अन्य सरकारी जमीनें भी रडार पर
राजस्व विभाग के अनुसार अन्य सरकारी जमीनों की भी पहचान की जा रही है। जहां कहीं भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां इसी तरह चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
📌 विकास कार्यों में बाधा बनता है अतिक्रमण
प्रशासन का मानना है कि अवैध कब्जे सार्वजनिक हित और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए बड़ी बाधा हैं। इसी कारण सरकारी भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यह कार्रवाई किस प्रकार की भूमि पर हुई?
सरकारी अभिलेखों में बंजर दर्ज भूमि पर।
अवैध निर्माण में क्या शामिल था?
पिलर, चारदीवारी और लोहे का गेट बनाकर की गई अवैध प्लॉटिंग।
क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
प्रशासन के अनुसार अन्य चिन्हित अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सार्वजनिक हित की रक्षा करना।








