कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर
कथावाचक को सलामी, नियमों पर सवाल




दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश के बहराइच पुलिस लाइन से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को पुलिस परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी जाती दिखाई दे रही है। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, प्रशासनिक मर्यादा और पुलिस नियमों को लेकर सवाल खड़े होने लगे।

मामला बढ़ने के बाद पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है और डीजीपी स्तर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विपक्षी दलों ने इसे पुलिस की प्राथमिकताओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।

▶️ अखिलेश यादव द्वारा साझा किया गया वीडियो देखें:



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क्या है पूरा मामला?

यह घटना नवंबर महीने की बताई जा रही है। बहराइच पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी के पहुंचने पर एसपी राम नयन सिंह ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद पुलिस बल ने परेड कर उन्हें सम्मानित किया। जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसके औचित्य पर सवाल उठने लगे।

गार्ड ऑफ ऑनर को लेकर नियमों पर बहस

गार्ड ऑफ ऑनर सामान्यतः संवैधानिक पदों, वरिष्ठ अधिकारियों या राष्ट्रीय अवसरों तक सीमित होता है। किसी निजी धार्मिक कथावाचक को यह सम्मान दिया जाना नियमों के दायरे से बाहर बताया जा रहा है। इसी वजह से यह मामला विवाद में आया।

डीजीपी ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने संज्ञान लिया है। उन्होंने पुलिस परेड ग्राउंड के अनधिकृत इस्तेमाल पर नाराजगी जताते हुए बहराइच के पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है।

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अखिलेश यादव का तीखा हमला

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब पुलिस सलामी देने में व्यस्त रहेगी, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।

बहराइच पुलिस की सफाई

बहराइच पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों पर भारी मानसिक दबाव रहता है। इसी कारण योग, ध्यान और प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कथावाचक का कार्यक्रम भी इसी उद्देश्य से रखा गया था।

सवाल-जवाब

गार्ड ऑफ ऑनर किसे दिया जाता है?

आमतौर पर यह सम्मान संवैधानिक पदों या विशेष सरकारी अवसरों पर दिया जाता है।

इस मामले में विवाद क्यों हुआ?

क्योंकि एक निजी कथावाचक को पुलिस परेड ग्राउंड में सलामी दी गई।

डीजीपी ने क्या कार्रवाई की?

डीजीपी ने एसपी से स्पष्टीकरण मांगा और जांच के निर्देश दिए हैं।

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