नगरपालिका की सख्ती :
रामलीला मैदान मार्ग की सरकारी भूमि पर पीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज

रामलीला मैदान मार्ग पिहानी में नगरपालिका की टीम द्वारा जेसीबी से अवैध निर्माण हटाते हुए, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद

✍️अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
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पिहानी (हरदोई)। कस्बे के रामलीला मैदान के निकट स्थित सरकारी रास्ते की भूमि पर बने कथित अवैध कब्जे को लेकर नगरपालिका परिषद ने निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। गाटा संख्या 663 के रूप में दर्ज उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से नगरपालिका ने कब्जाधारक सईक के विरुद्ध सार्वजनिक परिसंपत्ति अधिनियम (पीपी एक्ट) के तहत एसडीएम शाहाबाद की अदालत में मामला दर्ज कराया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की पहली सुनवाई आगामी सप्ताह में प्रस्तावित है।

गाटा संख्या 663: रिकॉर्ड में दर्ज है रास्ता

नगरपालिका अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित भूमि रास्ते की श्रेणी में दर्ज है। आरोप है कि सईक द्वारा इस सरकारी मार्ग पर स्थायी पक्का निर्माण कर लिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद नगरपालिका ने पहले नोटिस जारी किया था, किंतु निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने कानूनी विकल्प अपनाते हुए पीपी एक्ट के तहत मुकदमा दायर किया।

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एसडीएम कोर्ट में होगी सुनवाई

एसडीएम शाहाबाद अंकित तिवारी ने बताया कि कब्जाधारक को न्यायालय में अपना पक्ष रखने और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि वे प्रमाणित कर पाते हैं कि भूमि उनकी निजी संपत्ति है, तो न्यायालय उसी आधार पर निर्णय देगा। अन्यथा विधिक प्रक्रिया के तहत बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा मामला साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर तय होगा।

मौके पर जांच कर चुकी है प्रशासनिक टीम

मजिस्ट्रेट संध्या यादव ने जानकारी दी कि वे स्वयं मौके का निरीक्षण कर चुकी हैं। राजस्व विभाग की टीम—नायब तहसीलदार अजीज अहमद, कानूनगो संजय मिश्रा और सदर लेखपाल आशीष बाजपेई—कई बार स्थल का चिन्हांकन कर चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरा मकान रास्ते की भूमि पर बना पाया गया है। जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।

नगरपालिका का स्पष्ट रुख: सार्वजनिक हित सर्वोपरि

नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि सार्वजनिक मार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण जनहित के खिलाफ है। यदि न्यायालय से बेदखली का आदेश प्राप्त होता है, तो अवैध निर्माण को हटाकर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति के पास भूमि स्वामित्व के वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

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पीपी एक्ट के तहत कैसे होती है कार्रवाई?

सार्वजनिक परिसंपत्ति अधिनियम के अंतर्गत सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे को हटाने की त्वरित प्रक्रिया निर्धारित है। पहले नोटिस जारी किया जाता है, फिर सुनवाई होती है और अंत में न्यायालय के आदेश के अनुसार बेदखली की कार्रवाई की जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह विधिक प्रावधानों के तहत संचालित होती है।

स्थानीय लोगों में चर्चा

रामलीला मैदान के निकट स्थित यह मार्ग कस्बे के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि रास्ता अतिक्रमण मुक्त होता है तो आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। कस्बे में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और सरकारी भूमि की रक्षा करना प्राथमिक दायित्व है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

पीपी एक्ट के तहत मामला क्यों दर्ज किया गया?

सरकारी रास्ते की भूमि पर कथित अवैध कब्जा हटाने के लिए नगरपालिका ने सार्वजनिक परिसंपत्ति अधिनियम के तहत मुकदमा दायर किया है।

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कब होगी पहली सुनवाई?

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार पहली सुनवाई आगामी सप्ताह में एसडीएम शाहाबाद की अदालत में प्रस्तावित है।

क्या कब्जाधारक को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा?

हाँ, न्यायालय द्वारा स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

समाचार सार: पिहानी कस्बे में रामलीला मैदान मार्ग की गाटा संख्या 663 की सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर नगरपालिका ने पीपी एक्ट के तहत एसडीएम शाहाबाद कोर्ट में मामला दर्ज किया है। सुनवाई के बाद बेदखली और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई संभव है।

समाचार दर्पण 24 के संपादक कार्य करते हुए, संयमित शब्द और गहरे असर वाली पत्रकारिता का प्रतीकात्मक दृश्य
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