एटा हत्याकांड : स्कूल से लौटा मासूम… दरवाज़ा खुला तो घर नहीं, मौत इंतज़ार कर रही थी

एटा हत्याकांड की तस्वीर, नगला प्रेमी मोहल्ले में दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद पुलिस, एंबुलेंस और जुटी भीड़, सदमे में बच्चे।

चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

एटा हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को भीतर तक झकझोर दिया है। कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला नगला प्रेमी में सोमवार को दिनदहाड़े जो हुआ, वह सिर्फ एक जघन्य अपराध नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा, पड़ोस की सतर्कता और घरों की संरक्षा व्यवस्था पर खड़े कई सवालों का भयावह दस्तावेज़ है। एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, लेकिन इस वारदात का सबसे दर्दनाक पक्ष वह मासूम बच्चा है, जिसने स्कूल से लौटते ही अपने घर में खून, सन्नाटा और मौत को आमने-सामने देखा।

हंसी-खुशी स्कूल से लौटा था देवांश

करीब 12 साल का देवांश, जो पास के सुनहरी नगर स्थित कलावती सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता है, सोमवार को सामान्य दिनों की तरह पढ़ाई करके दोपहर लगभग दो बजे घर लौटा। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार की सुबह वह रोज़ की तरह स्कूल गया था। उसे क्या पता था कि जिस घर में वह रोज़ सुरक्षित लौटता है, वही घर उस दिन उसके जीवन का सबसे डरावना सच बन जाएगा।

घर में घुसते ही लगा कुछ ठीक नहीं

देवांश ने जैसे ही घर का गेट खोला, उसे नीचे कमरे में बाबा लेटे हुए दिखे। उसने अम्मा, मम्मी और दीदी को आवाज़ दी, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं आया। ऊपर से पंखे की आवाज़ आ रही थी—घर्र-घर्र। ठंड के मौसम में पंखा चलने की बात उसे अजीब लगी। इसी असहजता ने उसे ऊपर कमरे की ओर जाने को मजबूर कर दिया।

इसे भी पढें  आजमगढ़ में सत्ता का समीकरण, विकास का नक़्शा और ज़मीनी सियासत — योगी आदित्यनाथ के दौरे की विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट

ऊपर पहुंचते ही चीख निकल गई

जैसे ही देवांश ऊपर पहुंचा, उसकी आंखों के सामने जो दृश्य था, उसने उसकी मासूम आत्मा को झकझोर दिया। अम्मा और दीदी नीचे फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि मम्मी बेड पर मृत अवस्था में थीं। पूरे कमरे में खून फैला हुआ था। साफ दिख रहा था कि सभी को ईंट से बेरहमी से मारा गया है। यह मंजर देखकर देवांश की चीख निकल गई और वह बदहवास हो गया।

बाबा की मौत की खबर भी नहीं थी उसे

उस समय देवांश को यह भी पता नहीं था कि उसके बाबा की भी हत्या कर दी गई है। सदमे की हालत में वह घर से बाहर भागा और ठीक सामने रहने वाले जसवीर सिंह के घर पहुंच गया। जसवीर सिंह उस समय जसराना गए हुए थे। उनकी पत्नी अनीता ने जब देवांश की हालत देखी और पूरी बात सुनी, तो वह भी सन्न रह गईं।

फोन कॉल्स, बेचैनी और बढ़ता डर

अनीता ने तुरंत अपने पति जसवीर सिंह को फोन किया। जसवीर सिंह ने कमल सिंह को तीन बार फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका गहराने लगी। इतनी बड़ी वारदात की जानकारी मिलते ही जसवीर सिंह वहां से तुरंत नगला प्रेमी के लिए निकल पड़े।

लौटे तो मिला पुलिस, भीड़ और मातमी सन्नाटा

जब जसवीर सिंह मौके पर पहुंचे, तो वहां पुलिस, भारी भीड़ और एक गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। मोहल्ले के लोग सहमे हुए थे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि दिन के उजाले में एक ही घर में चार-चार लोगों की हत्या कर दी गई।

इसे भी पढें  रोजगार महाकुंभ–2025 : गोरखपुर में 14-15 अक्टूबर को 10,655 पदों पर भर्ती, UAE और ओमान की कंपनियां भी करेंगी चयन

घर की सुरक्षा में पुरानी आदत बनी बड़ी चूक

एटा हत्याकांड में एक अहम पहलू घर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा सामने आया है। देवांश ने बताया कि उसके बाबा बीमार रहते थे और दादी बुजुर्ग थीं। बच्चों का आना-जाना बना रहता था, इसलिए मुख्य गेट का छोटा हिस्सा अक्सर खुला रखा जाता था। बाहर जाते समय बाहर से कुंडी लगा दी जाती थी और लौटने पर बच्चे खुद कुंडी खोलकर अंदर आ जाते थे। यह आदत सुविधा के लिए थी, लेकिन शायद इसी ने हत्यारों के लिए रास्ता खोल दिया।

कौन थे मृतक

मोहल्ला नगला प्रेमी निवासी 75 वर्षीय गंगा सिंह, उनकी 70 वर्षीय पत्नी श्यामा देवी, 42 वर्षीय पुत्रवधू रत्ना और 20 वर्षीय नातिन ज्योति की इस जघन्य हमले में मौत हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो बेड और फर्श पर खून से सने शव पड़े थे। श्यामा देवी का सिर बुरी तरह फटा हुआ था, जबकि अन्य शवों पर भी गंभीर चोटों के निशान थे।

दिनदहाड़े चार हत्याएं, इलाके में दहशत

दिन के उजाले में हुई इस सामूहिक हत्या ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

इसे भी पढें  युवा संबल मेला: 44 कंपनियों ने सौंपे 1159 जॉब लेटर, युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का अवसर

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता पांडे ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस के साथ-साथ डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम और अन्य थानों का पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया है। घटना की गहनता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके।

एटा हत्याकांड: समाज और व्यवस्था के लिए चेतावनी

एटा हत्याकांड केवल चार हत्याओं की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताता है कि कैसे दिन के उजाले में भी घर असुरक्षित हो सकते हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज, पड़ोस और प्रशासन—तीनों को गंभीर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

एटा हत्याकांड में कितने लोगों की हत्या हुई?

इस घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या की गई।

घटना का सबसे अहम गवाह कौन है?

कक्षा पांच में पढ़ने वाला 12 वर्षीय देवांश, जिसने स्कूल से लौटकर सबसे पहले खून से सना घर देखा।

पुलिस जांच किस स्तर पर है?

फोरेंसिक जांच, डॉग स्क्वाड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।


देवरिया के रोपन छपरा गांव में ठाकुर भद्रसेन सिंह की 15वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते मुख्य अतिथि।
रोपन छपरा गांव में आयोजित ठाकुर भद्रसेन सिंह की 15वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते मुख्य अतिथि, बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी रहे उपस्थित।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top