दीवानी गेट पर क्यों लेट गई एक महिला? हरदोई अदालत के बाहर आधे घंटे का हाईवोल्टेज ड्रामा

हरदोई जिला न्यायालय के दीवानी गेट के बाहर सड़क पर महिला के हंगामे के दौरान जुटी भीड़ और पुलिस।

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
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दीवानी गेट पर क्यों लेट गई एक महिला? यह सवाल सोमवार सुबह उस वक्त हर किसी के ज़हन में कौंध उठा, जब हरदोई में जिला एवं सत्र न्यायालय (दीवानी गेट) के सामने अचानक अफरा-तफरी मच गई। एक महिला सड़क पर लेटकर चीखने-चिल्लाने लगी, जिससे न सिर्फ अदालत आने-जाने वाले अधिवक्ता और वादकारी ठिठक गए, बल्कि कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हो गया। आधे घंटे तक चला यह घटनाक्रम देखते ही देखते हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया।

सुबह 10:30 बजे बदला अदालत का माहौल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पचकोरा क्षेत्र की रहने वाली महिला सुबह करीब 10:30 बजे दीवानी गेट पर पहुंची। शुरुआत में उसने जोर-जोर से अपनी बात कहनी शुरू की, फिर अचानक सड़क पर लेट गई। कुछ ही पलों में न्यायालय परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि मामला क्या है और महिला ऐसा कदम क्यों उठा रही है।

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सड़क पर लेटकर विरोध, ट्रैफिक हुआ बाधित

महिला के सड़क पर लेट जाने से दीवानी गेट के सामने कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रुक गई। अदालत में पेशी के लिए आए वादकारी असमंजस में पड़ गए। स्थिति बिगड़ती देख न्यायालय की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने मौके पर मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।

भीड़ के बीच फूट पड़ा दर्द, भावनात्मक दृश्य

हंगामे के दौरान महिला बार-बार यह कहती रही कि उसके साथ विश्वासघात हुआ है और वह पूरी तरह टूट चुकी है। उसके शब्दों और भावनात्मक स्थिति ने मौके पर मौजूद कई लोगों को विचलित कर दिया। कुछ अधिवक्ताओं ने उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन महिला लगातार अपनी पीड़ा दोहराती रही।

पुलिस ने पहले समझाया, फिर महिला पुलिस को बुलाया

शुरुआत में न्यायालय की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने महिला को समझाने का प्रयास किया। जब वह शांत नहीं हुई, तो तत्काल महिला थाना और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। महिला पुलिस टीम ने संवेदनशीलता के साथ बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

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कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से हटाई गई महिला

करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद महिला को सड़क से हटाया गया। पुलिस टीम उसे थाने ले गई, जहां उसे शांत किया गया और प्राथमिक देखभाल की गई। इसके बाद महिला के परिजनों को भी सूचना दी गई, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।

पुलिस के अनुसार: तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला अत्यधिक मानसिक तनाव में थी और अपने साथ हुए कथित अन्याय की बात कह रही थी। फिलहाल पूरे विवाद का कानूनी स्वरूप स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि महिला से लिखित तहरीर मिलने के बाद मामले की विधिक जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अदालत के बाहर क्यों फूटते हैं ऐसे विवाद?

कानूनी जानकारों के अनुसार, व्यक्तिगत रिश्तों में भावनात्मक और आर्थिक टकराव जब चरम पर पहुंचता है, तो लोग अक्सर अदालत को आख़िरी उम्मीद मानते हैं। समय पर कानूनी सलाह और संवाद न होने की स्थिति में ऐसे मामलों में सार्वजनिक प्रदर्शन देखने को मिलते हैं, जो कभी-कभी कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाते हैं।

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न्याय की तलाश में खड़ा सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पीड़ितों तक समय रहते प्रभावी कानूनी मदद पहुंच पा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महिला की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है और उसे न्याय का रास्ता कितनी जल्दी मिलता है।

प्रश्न 1: दीवानी गेट पर महिला क्यों लेटी?

महिला अपने साथ हुए कथित अन्याय को लेकर भावनात्मक रूप से टूट चुकी थी और विरोध स्वरूप सड़क पर लेट गई।

प्रश्न 2: क्या इससे यातायात प्रभावित हुआ?

हां, कुछ समय के लिए दीवानी गेट के सामने यातायात बाधित हुआ और लोगों की भीड़ जमा हो गई।

प्रश्न 3: पुलिस ने क्या कदम उठाए?

पुलिस ने महिला को शांत कर थाने ले जाकर परिजनों को सूचना दी और तहरीर मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र में रिटायर्ड लेखपाल के घर हुई लूट के बाद मौके पर जांच करते आईजी रेंज लखनऊ और पुलिस अधिकारी।
तालगांव के रसूलपुर गांव में रिटायर्ड लेखपाल के घर लूट की वारदात के बाद मौके पर पहुंचकर जांच व समीक्षा करते आईजी रेंज लखनऊ किरण एस व पुलिस अधिकारी

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