
घटना से गांव में मचा हड़कंप
रसूलपुर गांव, जो आमतौर पर शांत ग्रामीण इलाके के रूप में जाना जाता है, शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात अचानक दहशत के साए में आ गया। खेतों के बीच बने एक मकान को निशाना बनाकर बदमाशों ने जिस तरह सुनियोजित ढंग से वारदात को अंजाम दिया, उसने ग्रामीणों को भी सकते में डाल दिया। सुबह जैसे ही लूट की खबर फैली, मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस दुस्साहसिक घटना पर चर्चा करता नजर आया।
रिटायर्ड लेखपाल का घर बना निशाना
पीड़ित अमर सिंह वर्मा राजस्व विभाग में लेखपाल के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। करीब पांच वर्ष पहले रिटायरमेंट के बाद वह शहर स्थित मकान में शिफ्ट हो गए थे, जबकि उनके दोनों बेटे पुष्कर और अजय अपने-अपने परिवार के साथ गांव के इसी घर में रह रहे थे। अमर सिंह वर्मा के पास गांव में लगभग 45 बीघा जमीन है और घर बस्ती से कुछ दूरी पर खेतों के बीच स्थित है, जो बदमाशों के लिए वारदात को अंजाम देने का मुफीद स्थान साबित हुआ।
छत के रास्ते घर में घुसे बदमाश
पीड़ित परिवार के अनुसार, शनिवार की रात सभी लोग खाना खाकर सो चुके थे। तड़के करीब तीन बजे 6 से 7 बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। सभी बदमाश असलहों से लैस थे। उन्होंने एक-एक कर कमरों में घुसकर सो रहे लोगों की रजाई हटाई और हथियार के बल पर पूरे परिवार को बंधक बना लिया। अचानक हुए इस हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन हथियारों के सामने किसी की हिम्मत विरोध करने की नहीं हुई।
परिवार को अलग-अलग कमरों में किया बंद
बदमाशों ने पहले घर के पुरुष सदस्यों को एक कमरे में बंद किया और महिलाओं व बच्चों को दूसरे कमरे में कैद कर दिया। इसके बाद सभी के मोबाइल फोन छीनकर बाहर रख दिए गए, ताकि कोई पुलिस या आसपास के लोगों से संपर्क न कर सके। यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेजी और सधे हुए तरीके से की गई कि साफ जाहिर होता है कि बदमाश पहले से पूरी तैयारी के साथ आए थे।
45 लाख के जेवर और नकदी लेकर फरार
परिवार के सदस्यों ने बताया कि बदमाशों ने अलमारियां तोड़कर उसमें रखे जेवरात और नकदी पर हाथ साफ किया। अमर सिंह वर्मा की पत्नी और छोटे भाई की पत्नी के गहनों समेत करीब 45 लाख रुपये के आभूषण लूट लिए गए। इसके अलावा अलमारी में रखे लगभग 5 लाख रुपये नकद भी बदमाश अपने साथ ले गए। पूरी वारदात के बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
सुबह मिली सूचना, पुलिस के उड़े होश
रविवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, तालगांव थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घर की स्थिति और लूट की रकम की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। देखते ही देखते वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई।
एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 4 से 5 लाख रुपये नकद और 10 से 12 लाख रुपये के जेवर लूटे जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
क्राइम ब्रांच, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड सक्रिय
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी जांच में लगाया गया है। फॉरेंसिक टीम घर के भीतर और आसपास से साक्ष्य जुटा रही है, जबकि डॉग स्क्वायड बदमाशों के भागने के संभावित रास्तों को ट्रेस करने में जुटा है। पुलिस आसपास के गांवों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है।
व्यवसाय और लोकेशन ने बढ़ाया जोखिम
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार धान की खरीद-फरोख्त का काम करता है, जिससे बदमाशों को यह अंदाजा रहा होगा कि घर में नकदी और कीमती सामान मौजूद हो सकता है। साथ ही, खेतों के बीच स्थित मकान और बस्ती से दूरी ने बदमाशों को वारदात के लिए पर्याप्त समय और मौका दिया।
ग्रामीणों में दहशत, बढ़ी सुरक्षा की मांग
इस सनसनीखेज लूट कांड के बाद रसूलपुर गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और पुलिस पिकेट की व्यवस्था की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर खेतों के बीच बसे घरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
पुलिस का दावा—जल्द होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया गया है। संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय इनपुट खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सीतापुर लूट कांड कहां हुआ?
यह वारदात तालगांव थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में हुई, जहां रिटायर्ड लेखपाल के घर बदमाशों ने धावा बोला।
बदमाश कितने थे और कैसे घुसे?
बताया गया है कि 6 से 7 बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे और असलहों के बल पर परिवार को बंधक बनाया।
कितनी लूट हुई?
पुलिस के अनुसार 4 से 5 लाख रुपये नकद और 10 से 12 लाख रुपये के जेवर लूटे गए, जबकि पीड़ित पक्ष का दावा इससे अधिक का है।
पुलिस जांच किस स्तर पर है?
क्राइम ब्रांच, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड जांच में जुटे हैं और पुलिस ने जल्द खुलासे का भरोसा दिलाया है।










