उन्नाय बन्ना पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर : गौशाला और अंत्येष्टि स्थल निर्माण में खुलेआम नियमों की धज्जियां

चित्रकूट के उन्नाय बन्ना गांव में गौशाला की बदहाल स्थिति, मृत गौवंश, अधूरी बाउंड्री वॉल और अंत्येष्टि स्थल निर्माण में अनियमितताओं को दर्शाता लैंडस्केप कोलाज‌


संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
IMG-20260116-WA0015
previous arrow
next arrow

उन्नाय बन्ना पंचायत भ्रष्टाचार का मामला चित्रकूट जिले के पहाड़ी विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत उन्नाय बन्ना में गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहां सरकारी योजनाओं के नाम पर न केवल गुणवत्ता से खिलवाड़ किया जा रहा है, बल्कि ग्राम प्रधान, सचिव और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से सरकारी धन की खुलेआम बंदरबाट की जा रही है। हालात यह हैं कि स्थाई गौशाला से लेकर अंत्येष्टि स्थल तक, हर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी और नियमों की अवहेलना साफ देखी जा सकती है।

गौशाला में बदहाल व्यवस्था, गौवंशों की अनदेखी

ग्राम पंचायत उन्नाय बन्ना की स्थाई गौशाला में गौवंशों के रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। गौशाला परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, चारे और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है और बीमार व कमजोर गौवंश तड़पते नजर आते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो ग्राम पंचायत स्तर पर और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया गया।

बाउंड्री वॉल निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग

गौशाला की सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे बाउंड्री वॉल निर्माण में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। निर्माण कार्य में तीसरे दर्जे की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि पिलर में मानक के अनुरूप सरिया तक नहीं डाला जा रहा। ऊंचीकरण के नाम पर बेहद कमजोर संरचना खड़ी की जा रही है, जिससे यह बाउंड्री वॉल कभी भी ढह सकती है।

इसे भी पढें  केजीएमयू यौन शोषण मामला :आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक पर ₹25 हजार का इनाम घोषित, गैर जमानती वारंट के बाद भी फरार

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे बाउंड्री वॉल की छपाई कराई जा रही है। जानकारों का कहना है कि यह छपाई इसलिए कराई जा रही है ताकि यदि किसी अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जाए, तो घटिया सामग्री और कमजोर निर्माण पर पर्दा डाला जा सके।

अंत्येष्टि स्थल निर्माण में भी भारी अनियमितताएं

ग्राम पंचायत में बनाए जा रहे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य में भी स्थिति अलग नहीं है। यहां भी तीसरे दर्जे की सामग्री का उपयोग कर जल्दबाजी में निर्माण कराया जा रहा है। पिलर निर्माण में मात्र ढाई सूत की सरिया का इस्तेमाल किया गया है, जो किसी भी सरकारी मानक पर खरा नहीं उतरता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंत्येष्टि स्थल जैसे संवेदनशील कार्य में इस तरह की लापरवाही न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि यह ग्रामीणों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है।

परिवारवाद और ठेकेदारी का गठजोड़

ग्राम पंचायत उन्नाय बन्ना में वर्तमान ग्राम प्रधान सुधा त्रिपाठी हैं, जबकि सचिव के पद पर कुसुम पाल तैनात हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान के भाई जानकी शरण पाण्डेय द्वारा पंचायत में ठेकेदारी का काम किया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, जिनमें कहा गया है कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का करीबी व्यक्ति ठेकेदारी नहीं कर सकता, यहां नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

इसे भी पढें  अशोक गुप्ता और संजय सिंह राणा विवाद : जिला प्रशासन कब करेगा पर्दाफाश?

ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर घटिया निर्माण कराकर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का खेल लंबे समय से चल रहा है और सचिव इस पूरे मामले से भली-भांति अवगत होने के बावजूद आंख मूंदे हुए हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पहाड़ी विकासखंड में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) भूपेंद्र द्विवेदी पर आरोप है कि वह अपने सजातीय ग्राम प्रधान और ठेकेदार की मनमानी पर चुप्पी साधे हुए हैं।

वहीं खंड विकास अधिकारी पहाड़ी संजय पाण्डेय की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीडीओ द्वारा इन निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा, बल्कि कथित तौर पर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर प्रशासन की परीक्षा

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्राम प्रधान, सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा हो और जिम्मेदार अधिकारी भी मामले को दबाने में लगे हों, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?

इसे भी पढें  ४३ करोड़ के चित्रकूट ट्रेजरी घोटाले में हाईकोर्ट की बड़ी राहत – पेंशनर की गिरफ्तारी पर रोक

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायत उन्नाय बन्ना की स्थाई गौशाला के बाउंड्री वॉल और अंत्येष्टि स्थल निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

उन्नाय बन्ना पंचायत भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल-जवाब

उन्नाय बन्ना पंचायत भ्रष्टाचार का मुख्य आरोप क्या है?

मुख्य आरोप यह है कि गौशाला और अंत्येष्टि स्थल निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग कर ग्राम प्रधान, सचिव और ठेकेदार द्वारा सरकारी धन की बंदरबाट की जा रही है।

क्या नियमों के तहत प्रधान के रिश्तेदार ठेकेदारी कर सकते हैं?

नहीं, शासन के निर्देशों के अनुसार किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि का करीबी व्यक्ति पंचायत में ठेकेदारी नहीं कर सकता।

प्रशासन से क्या मांग की जा रही है?

ग्रामीणों और जागरूक लोगों द्वारा निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।


चित्रकूट के मऊ विकासखंड के करही गांव में गौशाला से बाहर नदी किनारे पड़े मृत गौवंश, गौ-संरक्षण नीति की जमीनी विफलता को उजागर करते हुए।
चित्रकूट | मऊ विकासखंड के करही गांव में गौशाला से निकाले गए मृत गौवंशों को नदी किनारे फेंके जाने का दृश्य — प्रशासनिक उपेक्षा और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top