ब्लॉक संसाधन केंद्र पल्हनी में आयोजित हुई महत्वपूर्ण संगोष्ठी
आजमगढ़ जिले के ब्लॉक संसाधन केंद्र पल्हनी पर सोमवार को “हमारे आंगन हमारे बच्चे” कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, स्थानीय प्राधिकारियों, प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षा से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और परिषदीय विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी बच्चे के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण नींव होती है। यदि इस स्तर पर बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और देखभाल मिलती है तो उनके भविष्य की दिशा भी सशक्त और सकारात्मक बनती है। इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए “हमारे आंगन हमारे बच्चे” कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
डायट प्राचार्य ने बताया कार्यक्रम का उद्देश्य
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डायट प्राचार्य अमरनाथ राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य छोटे बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, पोषण और देखभाल को एक साथ जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय मिलकर कार्य करेंगे तो बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक वर्षों में बच्चों को सही मार्गदर्शन और सीखने का अनुकूल वातावरण प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता विकसित होती है और वे आगे की शिक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो पाते हैं। डायट प्राचार्य ने उपस्थित शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
नामांकन और नियमित उपस्थिति पर जोर
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अजय तिवारी ने कहा कि “हमारे आंगन हमारे बच्चे” कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के नामांकन, उनकी नियमित उपस्थिति और शैक्षिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम प्रधान, शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिलकर कार्य करें तो इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को विद्यालय से जोड़ना और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि वे समुदाय को जागरूक करने और लोगों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का कार्य कर सकते हैं।
निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों पर दिया गया विशेष बल
खंड शिक्षा अधिकारी पल्हनी दिनेश कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि इस अभियान के माध्यम से निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रारंभिक भाषा कौशल और गणितीय समझ विकसित करना इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य है। इसके साथ ही विद्यालयों में समुदाय की सहभागिता को बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि अभिभावक, शिक्षक और समाज के अन्य लोग मिलकर बच्चों की शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाएं तो शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार होगा। उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें।
सामूहिक संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
संगोष्ठी के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नियमित बैठकें और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपेंद्र दत्त शुक्ला, रविंद्र यादव, दीनानाथ मौर्य, बृजेश यादव, एआरपी पंकज सिंह, जितेंद्र मौर्य, अजय सिंह, योगेश गुप्ता, राजेश कुमार, यशवंत सिंह, देवेंद्र राय, संजय सिंह, सरोज सिंह, सीमा त्रिपाठी, राजन शुक्ला, जितेंद्र कुमार और नंदलाल यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
“हमारे आंगन हमारे बच्चे” कार्यक्रम क्या है?
यह एक पहल है जिसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों के समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करना है।
निपुण भारत मिशन क्या है?
निपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों में बुनियादी भाषा और गणितीय कौशल विकसित करना है, ताकि वे कक्षा के अनुसार सीखने की क्षमता प्राप्त कर सकें।
इस प्रकार की संगोष्ठियों का क्या महत्व है?
ऐसी संगोष्ठियां शिक्षा से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करती हैं और बच्चों की शिक्षा व विकास के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाती हैं।










