समाचार सार: जौनपुर न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर बम रखने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिला जज के आदेश पर पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की सघन जांच की। प्रारंभिक जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, पर साइबर सेल ई-मेल के स्रोत की तलाश में जुटी है।
जौनपुर। जनपद न्यायालय परिसर में उस समय हलचल तेज हो गई जब आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में न्यायालय परिसर तथा पुलिस लाइन गेट संख्या-1 के पास बम रखे जाने की सूचना दी गई थी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई और सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सतर्क कर दिया गया। जिला न्यायाधीश द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश संख्या 31/2026 (जौनपुर जजशिप) दिनांक 17 फरवरी 2026 के तहत पूरे परिसर की सघन जांच के निर्देश दिए गए।
ई-मेल में क्या लिखा था?
ई-मेल में दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच विस्फोट की आशंका जताई गई थी। संदेश की गंभीरता को देखते हुए इसे हल्के में नहीं लिया गया और तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया।
जिला जज का स्पष्ट निर्देश
जिला न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को आवश्यक पुलिस बल एवं बम स्क्वॉड तैनात कर परिसर की सघन तलाशी लेने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायिक कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के निर्देश भी जारी किए गए।
सुरक्षा जांच और तलाशी अभियान
पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने न्यायालय परिसर के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की। प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।
प्रारंभिक जांच में राहत
जांच के दौरान किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। हालांकि मामले को गंभीर मानते हुए साइबर सेल ई-मेल के स्रोत की तकनीकी जांच कर रही है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अपुष्ट खबरों को साझा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या न्यायालय परिसर में बम मिला?
नहीं, प्रारंभिक जांच में कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।
ई-मेल कब प्राप्त हुआ?
17 फरवरी 2026 को न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर यह संदेश प्राप्त हुआ।
क्या न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ?
एहतियातन सुरक्षा जांच की गई, लेकिन न्यायिक कार्य को सामान्य रखने का प्रयास किया गया।
अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
साइबर सेल ई-मेल के स्रोत की जांच कर रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








