
लत जानलेवा फ्री फायर गेम ने ली मासूम की जान, लखनऊ में सनसनी
ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट –
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फ्री फायर गेम की लत जानलेवा साबित हुई। इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय विवेक की मोबाइल गेम खेलते समय संदिग्ध मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है — यह मौत किसी हादसे से नहीं, बल्कि फ्री फायर गेम की लत जानलेवा बनने का नतीजा है।
मृतक विवेक का परिवार सीतापुर जिले का रहने वाला था और कुछ दिन पहले ही लखनऊ के परमेश्वर एनक्लेव कॉलोनी, इंदिरा नगर में किराए पर रहने आया था।
परिजनों के मुताबिक, विवेक को मोबाइल गेम की लत थी और वह रोज घंटों फ्री फायर गेम खेलता था। बहन अंजू ने बताया कि वह बुधवार को घर पर अकेला था और लगातार गेम खेल रहा था।
अंजू ने बताया कि वह कुछ देर के लिए कमरे से बाहर गई थी। जब लौटी तो विवेक जमीन पर बेसुध पड़ा था, और मोबाइल में फ्री फायर गेम चालू था।
पहले उसे लगा कि विवेक सो गया है, लेकिन जब उसने कोई हरकत नहीं की, तो उसने परिवार को आवाज दी। परिजनों ने तुरंत उसे लोहिया अस्पताल लखनऊ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
लोगों का कहना है कि यह मोबाइल गेम की लत जानलेवा बन गई।
विवेक की दूसरी बहन चांदनी ने बताया कि विवेक को फ्री फायर गेम का बेहद शौक था। वह देर रात तक गेम खेलता और पढ़ाई या घर के कामों में ध्यान नहीं देता था। अगर कोई उसे रोकता तो वह गुस्सा हो जाता।
उसने कहा, “अब हमें समझ आया कि यह लत जानलेवा थी, जिसने हमारे भाई की जान ले ली।” परिवार ने बताया कि विवेक तकरोही क्षेत्र की परचून दुकान में काम करता था और छुट्टी के दिन पूरा समय मोबाइल गेम खेलने में बिता देता था।
मकान मालिक आकाश ने कहा कि यह परिवार महज आठ दिन पहले ही उनके घर में आया था। उन्होंने बताया कि शाम को जब उन्हें बच्चे की मौत की खबर मिली तो वे हैरान रह गए।
“आजकल बच्चों में मोबाइल गेम की लत इतनी बढ़ गई है कि यह अब सचमुच लत जानलेवा बनती जा रही है।”
इंदिरा नगर थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है। फिर भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और यह मान रही है कि यह फ्री फायर गेम की लत जानलेवा साबित हुई हो सकती है।
मनोवैज्ञानिक डॉ. रश्मि सिंह का कहना है कि “फ्री फायर गेम और अन्य ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के मस्तिष्क को प्रभावित कर रहे हैं। वे तनावग्रस्त और आक्रामक होते जा रहे हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो यह लत जानलेवा बन सकती है।”
उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखना चाहिए। बच्चों को फिजिकल गेम्स और आउटडोर गतिविधियों में शामिल किया जाए, ताकि वे डिजिटल लत से बच सकें।
भारत में फ्री फायर, BGMI, और PUBG जैसे गेम्स के करोड़ों यूज़र हैं। इन गेम्स में हिंसा और प्रतिस्पर्धा के कारण बच्चों में तनाव और व्यवहारिक विकृति तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट बताती है कि मोबाइल गेम की लत अब कई जगहों पर आत्महत्या, दिल के दौरे और मानसिक विकारों का कारण बन रही है। यह डिजिटल नशा अब सचमुच “लत जानलेवा” बन चुका है।
विवेक के पिता ने कहा, “हमें लगा था कि गेम खेलने से नुकसान नहीं होगा, पर हमें क्या पता था कि यही फ्री फायर गेम की लत जानलेवा बन जाएगी।”
परिवार ने कहा कि आज हर माता-पिता को यह समझना होगा कि मोबाइल गेमिंग का नशा बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक है।
लखनऊ की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। फ्री फायर गेम की लत जानलेवा साबित हो रही है, जो बच्चों की जिंदगी छीन रही है।
जरूरत है कि सरकार, स्कूल और अभिभावक मिलकर बच्चों को इस ऑनलाइन गेमिंग के जाल से बचाएं। क्योंकि अगर अभी नहीं जागे, तो यह लत सचमुच जानलेवा बनती जाएगी।