कस्बे में युवाओं की भव्य ‘शिव बारात’
महाशिवरात्रि पर हर्षोल्लास और पारंपरिक आस्था का अद्भुत संगम
शिव बारात की दिव्य छटा ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नरैनी पूरे कस्बे को आस्था, उल्लास और रंगों से सराबोर कर दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखनाद की गूंज और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच निकली यह भव्य शिव बारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति और सामूहिक उत्सव का अनुपम उदाहरण बन गई। युवाओं के उत्साह, बच्चों की सजीव झांकियों और महिलाओं की श्रद्धा ने इस आयोजन को एक अलौकिक सौंदर्य प्रदान किया।
आस्था की ज्योति से आलोकित हुआ कस्बा
सुबह से ही कस्बे की गलियां भगवा ध्वजों और पुष्पमालाओं से सुसज्जित हो उठीं। युवाओं ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शिव बारात की तैयारी की। नन्हे-मुन्ने बच्चों को भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी, गणों और भूत-प्रेत के रूप में सजाया गया। उनकी भोली मुस्कान और सजीव अभिनय ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही बैण्ड-बाजों की मधुर धुनें गूंजने लगीं, पूरा कस्बा मानो शिवमय हो उठा।
झांकियों में दिखी लोक-संस्कृति की जीवंत छटा
शिव बारात की सबसे बड़ी आकर्षण रही बच्चों की भव्य झांकियां। कहीं भोलेनाथ त्रिशूल धारण किए थे, तो कहीं माता पार्वती लाल-पीले परिधान में सजी थीं। शिव गणों का रूप धरे बच्चे उत्साहपूर्वक नृत्य कर रहे थे। घोड़ों की टाप और डीजे पर बजते पारंपरिक भजनों ने वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया। कस्बाई झुनझुनियां पार्टी के हास्य कलाकारों ने भी अपने अंदाज से लोगों को खूब गुदगुदाया।
महिलाओं की श्रद्धा और आरती का भावपूर्ण दृश्य
जब शिव बारात मुख्य मार्गों से गुजरी, तो घरों की छतों और द्वारों पर खड़ी महिलाओं ने पुष्प वर्षा की। भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन कर महिलाओं ने मालाएं अर्पित कीं और आरती उतारकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। यह दृश्य किसी पुरातन लोकचित्र जैसा प्रतीत हो रहा था, जहां भक्ति और उल्लास एक साथ बह रहे हों।
रावण पहाड़ी शिव मंदिर में सम्पन्न हुआ विवाह
शिव बारात पूरे कस्बे का भ्रमण करती हुई रावण पहाड़ी स्थित शिव मंदिर पहुंची। यहां राजेन्द्र सिंह उर्फ सीपू सिंह के नेतृत्व में बारात का स्वागत किया गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न कराया गया। मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच यह दृश्य अत्यंत भावविभोर कर देने वाला था।
ग्राम नहरी में भी गूंजी शिव बारात की धूम
इसी प्रकार ग्राम नहरी में भी दो स्थानों से शिव बारात निकाली गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया। पूरे गांव में भक्ति गीतों और जयघोषों की गूंज रही। ग्रामीणों ने मिलकर वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया और आयोजन को सफल बनाया।
पुलिस की सतर्कता से शांतिपूर्ण आयोजन
इस विशाल शिव बारात के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय चौकी करतल प्रभारी सुबेदार विन्द एवं सहयोगी पुलिसकर्मियों—हेड कांस्टेबल अनुज यादव, कांस्टेबल रूपेन्द्र और कांस्टेबल सुनील कुमार—का सराहनीय योगदान रहा। उनके सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।
युवाओं ने दी सांस्कृतिक एकता का संदेश
शिव बारात ने यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी देते हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को नई ऊर्जा प्रदान की। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और परंपरा का प्रेरक उदाहरण बन गया।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिव बारात का आयोजन कब हुआ?
शिव बारात का आयोजन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किया गया।
शिव बारात में किन-किन झांकियों को प्रस्तुत किया गया?
भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी, भूत-प्रेत और शिव गणों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
विवाह समारोह कहां सम्पन्न हुआ?
रावण पहाड़ी स्थित शिव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह सम्पन्न हुआ।
आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?
स्थानीय पुलिस प्रशासन की सतर्कता के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।

