गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल : एक गांव की कहानी, जो गणतंत्र दिवस पर पहुंची राष्ट्रीय मंच तक

गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल के तहत राष्ट्रीय सम्मान पाने वाले ग्राम प्रधान विकास सिंह।


चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
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बहराइच का गांगूदेवर गांव बना राष्ट्रीय पहचान की मिसाल, गणतंत्र दिवस पर मिलेगा सम्मान

गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल अब केवल एक स्थानीय उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर पहुंच चुकी ग्रामीण विकास की वह कहानी है, जिसने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व ईमानदार हो, योजनाएं कागज से निकलकर ज़मीन पर उतरें और प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए, तो एक सामान्य सा गांव भी देश की राजधानी में सम्मान का पात्र बन सकता है। विकास खंड विशेश्वरगंज की ग्राम पंचायत गांगूदेवर के ग्राम प्रधान विकास सिंह को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में उत्कृष्ट ग्राम पंचायत विकास कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।

यह सम्मान किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव, पूरे क्षेत्र और पूरे जनपद बहराइच की सामूहिक उपलब्धि का प्रतीक है। जिस राष्ट्रीय समारोह में ग्राम प्रधान विकास सिंह को सम्मानित किया जाएगा, वहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह क्षण न सिर्फ गांगूदेवर के लिए, बल्कि ग्रामीण भारत की विकास यात्रा के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

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राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ता गांगूदेवर

विकास खंड विशेश्वरगंज की ग्राम पंचायत गांगूदेवर कभी एक सामान्य ग्रामीण क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी, लेकिन बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से यहां बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण और सामाजिक सुविधाओं का विकास हुआ, उसने इसे गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया। गांव में कराए गए विकास कार्य केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि हर योजना का असर आम ग्रामीण के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगा।

ग्राम प्रधान विकास सिंह के नेतृत्व में गांव में यह स्पष्ट सोच विकसित की गई कि विकास का अर्थ केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी सुविधाएं खड़ी करना है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी हों। इसी दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज गांगूदेवर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रहा है।

गणतंत्र दिवस समारोह में मिलेगा सम्मान

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय समारोह में ग्राम पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले चुनिंदा प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। उत्तर प्रदेश से भेजे गए नामों में से गांगूदेवर ग्राम पंचायत के प्रधान विकास सिंह का चयन होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।

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इससे पहले भी 9 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम प्रधान विकास सिंह को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। लगातार मिल रहे ये सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल केवल कागजी दावा नहीं, बल्कि ज़मीनी सच्चाई है।

ये प्रमुख विकास कार्य बने पहचान

गांव में मिनी स्टेडियम का निर्माण युवाओं को खेल और फिटनेस का मंच देने के साथ उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है। पूरे गांव में इंटरलॉकिंग सड़कों के निर्माण से कीचड़ और जर्जर रास्तों की समस्या समाप्त हुई है। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से रात के समय सुरक्षा और सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में आयुर्वेदिक अस्पताल और स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थापना से ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। अमृत सरोवर के निर्माण से जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिला है। अंत्येष्टि स्थल के निर्माण ने सामाजिक और धार्मिक जरूरतों का सम्मानजनक समाधान प्रदान किया है।

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कैसे बना गांगूदेवर विकास का मॉडल

ग्राम प्रधान विकास सिंह के अनुसार, हर योजना को लागू करने से पहले ग्रामीणों से संवाद किया गया और उनकी प्राथमिकताओं को समझा गया। खर्च और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता रखी गई, जिससे लोगों का भरोसा मजबूत हुआ। योजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा

जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रभान सिंह के अनुसार, गांगूदेवर में किए गए विकास कार्य अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यह सम्मान यह साबित करता है कि सही नेतृत्व और ईमानदार प्रयास से गांव भी राष्ट्रीय पहचान बना सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

गांगूदेवर ग्राम पंचायत विकास मॉडल क्या है?

यह मॉडल पारदर्शी प्रशासन, जनभागीदारी और ज़मीनी क्रियान्वयन के जरिए गांव के सर्वांगीण विकास पर आधारित है।

ग्राम प्रधान विकास सिंह को सम्मान क्यों मिला?

गांव में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण और सामाजिक सुविधाओं के प्रभावी विकास के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।

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